{"_id":"66cf21ddf64be64728063b32","slug":"vehicles-passing-through-a-pile-of-debris-karnpryag-news-c-48-kpg1001-108485-2024-08-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chamoli News: मलबे के ढेर से गुजर रहे वाहन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chamoli News: मलबे के ढेर से गुजर रहे वाहन
Wed, 28 Aug 2024 06:40 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
Updated Wed, 28 Aug 2024 06:40 PM IST
विज्ञापन
फोटो
12 किमी लंगासू-मैखुरा सड़क पर हादसे का बना खतरा
संवाद न्यूज एजेंसी
कर्णप्रयाग। ब्लॉक के 13 से अधिक गांवों को जोड़ने वाली 12 किमी लंगासू-मैखुरा सड़क जगह-जगह मलबा आने से बदहाल बनी है। यही नहीं दो साल से इस सड़क पर चमाली गदेरेे के पास भू-धंसाव हो रहा है लेकिन विभाग इसका ट्रीटमेंट नहीं करा पाया है। ऐसे में यहां मलबे के ढेर से ही आवाजाही होती है और बरसात में वाहन फंस जाते हैं जिससे उन्हें निकालना मुश्किल हो जाता है।
ब्लॉक के उत्तरों, चमाली, स्वर्का, कांचुला, धल, डोंठला, सिलंगी, सेंज सहित आसपास के गांवों के ग्रामीण लंगासू-मैखुरा सड़क से आवागमन कर रहे हैं। बीते वर्ष बरसात चमाली गदेरे में सड़क का करीब तीस मीटर से अधिक हिस्सा भू-धंसाव की चपेट में आ गया। तब से विभाग यहां पर सुरक्षात्मक कार्य नहीं कर पाया है और वाहन मलबे के ढेर से गुजर रहे हैं। विक्रम सिंह, शिशुपाल सिंह, नरेंद्र सिंह, अशोक कुमार, राजेंद्र प्रसाद आदि ने कहा कि अभी यह सड़क ठेकेदार के अधीन है। इसके बाद भी सड़क से न मलबा हटाया गया न ही पुश्तो और दीवारों की मरम्मत की गई। ऐसे में यहां हादसे की आशंका बनी है। वहीं पीएमजीएसवाई के अधिशासी अभियंता सचिन कुमार ने कहा कि बरसात में सड़क क्षतिग्रस्त हो रही है। मरम्मत के लिए बजट नहीं मिल पा रहा है।
विज्ञापन
12 किमी लंगासू-मैखुरा सड़क पर हादसे का बना खतरा
संवाद न्यूज एजेंसी
कर्णप्रयाग। ब्लॉक के 13 से अधिक गांवों को जोड़ने वाली 12 किमी लंगासू-मैखुरा सड़क जगह-जगह मलबा आने से बदहाल बनी है। यही नहीं दो साल से इस सड़क पर चमाली गदेरेे के पास भू-धंसाव हो रहा है लेकिन विभाग इसका ट्रीटमेंट नहीं करा पाया है। ऐसे में यहां मलबे के ढेर से ही आवाजाही होती है और बरसात में वाहन फंस जाते हैं जिससे उन्हें निकालना मुश्किल हो जाता है।
ब्लॉक के उत्तरों, चमाली, स्वर्का, कांचुला, धल, डोंठला, सिलंगी, सेंज सहित आसपास के गांवों के ग्रामीण लंगासू-मैखुरा सड़क से आवागमन कर रहे हैं। बीते वर्ष बरसात चमाली गदेरे में सड़क का करीब तीस मीटर से अधिक हिस्सा भू-धंसाव की चपेट में आ गया। तब से विभाग यहां पर सुरक्षात्मक कार्य नहीं कर पाया है और वाहन मलबे के ढेर से गुजर रहे हैं। विक्रम सिंह, शिशुपाल सिंह, नरेंद्र सिंह, अशोक कुमार, राजेंद्र प्रसाद आदि ने कहा कि अभी यह सड़क ठेकेदार के अधीन है। इसके बाद भी सड़क से न मलबा हटाया गया न ही पुश्तो और दीवारों की मरम्मत की गई। ऐसे में यहां हादसे की आशंका बनी है। वहीं पीएमजीएसवाई के अधिशासी अभियंता सचिन कुमार ने कहा कि बरसात में सड़क क्षतिग्रस्त हो रही है। मरम्मत के लिए बजट नहीं मिल पा रहा है।
विज्ञापन