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ग्रामीणों ने दो दिन में बनाई सौ मीटर सड़क
ब्यूरो/ अमर उजाला, देवाल (कर्णप्रयाग)
Updated Fri, 09 Dec 2016 09:41 PM IST
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देवाल के पलबरा मोटर मार्ग पर श्रमदान करते मैलमिंडा के ग्र्र्रामीण।
- फोटो : amar ujala.
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ब्लॉक के पलबरा-मेलमिंडा मोटर मार्ग पर ग्रामीणों ने दो दिन के श्रमदान में सौ मीटर सड़क बना ली, लेकिन लोनिवि और तहसील प्रशासन के अधिकारी ग्रामीणों से वार्ता करने तक नहीं पहुंचे। ग्रामीणों ने पांच दिन में दो सौ मीटर सड़क काटकर टैक्सी पास कराने का संकल्प लिया है।
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रैन गांव से पलबरा, मेलमिंडा और सवाड़ गांव के तीन से अधिक तोकों के लिए देवाल-खेता सड़क निर्माण किया जा रहा है। करीब तीन किमी सड़क कटने के बाद सड़क निर्माण का मलबा रैन गांव में गिरने से विवाद खड़ा हो गया। रैन गांव के ग्रामीणों ने निर्माण का मलबा गांव में न गिराने की बात कही, जिससे विवादित स्थल पर काम बंद हो गया। विवादित स्थल से आगे पांच किमी सड़क की कटिंग हो चुकी है लेकिन रैन गांव के ठीक ऊपर 200 मीटर सड़क का निर्माण नहीं हो पाया।
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इस विवाद को विभाग और प्रशासन भी नहीं सुलझा पाया। बृहस्पतिवार को मेलमिंडा के ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान जानकी देवी के नेतृत्व में श्रमदान शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने दो दिन में चट्टान काटकर सौ मीटर सड़क बना ली। ग्राम प्रधान ने बताया कि लोग अपने घरों से औजार लाकर चट्टान काट रहे हैं। सड़क में आने वाला मलबा गांव में न जाए इसके लिए ग्रामीणों ने दीवार बनाकर डंपिंग जोन बनाया है। उन्होंने कहा कि पांच दिन में सड़क पर कटिंग का काम पूरा कर लिया जाएगा।
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शासन-प्रशासन और कार्यदाई विभाग के अधिकारी अभी तक मौके पर नहीं आए। दूसरे दिन श्रमदान करने वालों में भाजपा के जिला महामंत्री दलबीर दानू, देव सिंह, मोहन बिष्ट, लखपत सिंह, बलवंत सिंह, लक्ष्मी देवी, गोविंदी देवी सहित सैकड़ों ग्रामीण मौजूद थे। लोनिवि थराली के ईई एके पांडे ने बताया कि पलबरा-मैलमिंडा मोटर मार्ग के निर्माण के लिए रैन गांव के ऊपरी हिस्से में डंपिंग जोन बनाने के लिए 36 लाख का इस्टीमेट बनाकर शासन को भेजा गया था, लेकिन रैन गांव के ग्रामीणों के न मानने से मार्ग का निर्माण कार्य रोकना पड़ा।