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Chamoli News: निकायों में पूर्व व वर्तमान विधायकों की प्रतिष्ठा लगी दांव पर

Sun, 19 Jan 2025 11:31 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Sun, 19 Jan 2025 11:31 PM IST
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The reputation of former and present MLAs is at stake in the bodies
Iगौचर में विधायक अनिल नौटियाल के करीबी पर खेला है भाजपा ने दांव
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Iकर्णप्रयाग में पूर्व विधायक मुन्नी देवी के बेटे और गैरसैंण में पूर्व विधायक एसएस नेगी की पुत्रवधू मैदान मेंI
Iअपनों के लिए कर्णप्रयाग विधानसभा के विधायक और पूर्व विधायक निकायों के चुनावी मैदान में कमान संभाले हैं। इन चुनावों में अपनों के लिए इन बड़े नेताओं की प्रतिष्ठा भी दांव पर है। गौचर निकाय में जहां विधायक अनिल नौटियाल के करीब पर भाजपा ने दांव खेला तो कर्णप्रयाग और गैरसैंण में पूर्व विधायक मुन्नी देवी शाह और सुरेंद्र सिंह नेगी की प्रतिष्ठा से जुड़ गया है।I
Iतीन दिन बाद निकायों के मतदान होना है। ऐसे में प्रत्याशियों के अलावा उनके अपनों के लिए भी यह चुनाव साख का सवाल बन गया है। गौचर में भाजपा ने लगातार तीन बार अलग-अलग वार्डों से सभासद रहे और गो सेवा आयोग के सदस्य अनिल नेगी को मैदान में उतारा है। अनिल विधायक अनिल नौटियाल के नजदीकी माने जाते हैं। जिससे यहां अनिल नौटियाल भी पूरा जोर लगाए हैं। वहीं कर्णप्रयाग में थराली की पूर्व विधायक रही मुन्नी देवी शाह के बेटे और भाजपा के अनुसूचित जाति मोर्चा के जिलाध्यक्ष गणेश शाह को प्रत्याशी बनाया है। जिसके लिए मुन्नी देवी शाह नगर की गली, मोहल्लों और बाजारों में जनसंपर्क कर समर्थन मांग रही हैं।
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Iवहीं गैरसैंण नपं में पूर्व विधायक सुरेंद्र सिंह नेगी की पुत्रवधू ममता नेगी मैदान में है। जबकि वर्ष 2022 में कांग्रेस के प्रत्याशी रहे मुकेश नेगी के लिए अपने विधानसभा में पार्टी उम्मीदवारों को जीत की दहलीज तक पहुंचाना प्रतिष्ठा से जुड़ गया है। क्योंकि मुकेश नेगी के गृह क्षेत्र गौचर ही नहीं बल्कि कर्णप्रयाग और गैरसैंण में भी बागी कांग्रेस का गणित बिगाड़ रहे हैं। ऐसे में मुकेश नेगी और कांग्रेस के सामने अपने प्रत्याशियों को जिताने की चुनौती बनी है।I
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Iकहां, कब, कौन जीताI
Iअलग राज्य बनने के बाद वर्ष 2002 से लेकर वर्ष 2013 तक हुए तीन चुनावों में कांग्रेस के प्रत्याशी जीतते रहे। वर्ष 2018 में यहां भाजपा ने जीत दर्ज की। जबकि कर्णप्रयाग में वर्ष 2002 में कांग्रेस, वर्ष 2008 में निर्दलीय, वर्ष 2013 में निर्दलीय और वर्ष 2018 में भाजपा ने जीत दर्ज की। जबकि गैरसैंण में पहले चुनाव वर्ष 2013 में भाजपा और वर्ष 2018 में कांग्रेस ने बाजी मारी।I
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