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Chamoli News: रुद्रनाथ की डोली के आगमन पर विवाद थमा
Thu, 15 Oct 2026 05:42 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
Updated Thu, 15 Oct 2026 05:42 PM IST
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फोटो
अब देवलधार गांव होते हुए गोपीनाथ मंदिर पहुंचेगी उत्सव डोली
पुलिस की मध्यस्थता में बनी सहमति
संवाद न्यूज एजेंसी
गोपेश्वर। चतुर्थ केदार रुद्रनाथ भगवान की उत्सव डोली के आगमन को लेकर पिछले कई दिनों से चल रहा विवाद थम गया है। पुलिस प्रशासन की मध्यस्थता में ग्वाड़ गांव के ग्रामीणों और मंदिर समिति के पदाधिकारियों के बीच बैठक हुई। इसमें सहमति बनी कि डोली डुमक क्षेत्र के बजाय देवलधार गांव होते हुए अपने शीतकालीन गद्दी स्थल गोपीनाथ मंदिर पहुंचेगी।
रुद्रनाथ डोली के डुमक गांव जाने की बात कहे जाने पर ग्वाड़ के लोगों ने इस पर आपत्ति जताई थी। तब से एक महीने से इस पर विवाद चल रहा था। अब बृहस्पतिवार को इस संबंध में पुलिस की मध्यस्थता में सहमति बनी। अब डोली देवलधार गांव से होते हुए गोपीनाथ मंदिर जाएगी। परंपरा के अनुसार रुद्रनाथ मंदिर के कपाट 17 अक्तूबर को शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे। 18 अक्तूबर को सुबह करीब चार बजे भगवान की चल विग्रह उत्सव डोली मंदिर से प्रस्थान करेगी। जाख देवता मंदिर होते हुए डोली रात्रि प्रवास के लिए देवलधार गांव स्थित ज्वाला देवी मंदिर पहुंचेगी। 19 अक्तूबर को पूजा-अर्चना के बाद डोली भक्तों के साथ गोपीनाथ मंदिर पहुंचेगी। श्री रुद्रनाथ-गोपीनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष मनोज भट्ट ने बताया कि डोली आगमन को लेकर सभी पक्षों के बीच सर्वसम्मति बन गई है। थानाध्यक्ष नवनीत भंडारी ने बताया कि मंदिर समिति के पदाधिकारियों ने भी निर्णय पर सहमति जताई है। सोशल मीडिया पर इस संबंध में की जाने वाली टिप्पणियों और भ्रामक सूचनाओं पर नजर रखी जाएगी।
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अब देवलधार गांव होते हुए गोपीनाथ मंदिर पहुंचेगी उत्सव डोली
पुलिस की मध्यस्थता में बनी सहमति
संवाद न्यूज एजेंसी
गोपेश्वर। चतुर्थ केदार रुद्रनाथ भगवान की उत्सव डोली के आगमन को लेकर पिछले कई दिनों से चल रहा विवाद थम गया है। पुलिस प्रशासन की मध्यस्थता में ग्वाड़ गांव के ग्रामीणों और मंदिर समिति के पदाधिकारियों के बीच बैठक हुई। इसमें सहमति बनी कि डोली डुमक क्षेत्र के बजाय देवलधार गांव होते हुए अपने शीतकालीन गद्दी स्थल गोपीनाथ मंदिर पहुंचेगी।
रुद्रनाथ डोली के डुमक गांव जाने की बात कहे जाने पर ग्वाड़ के लोगों ने इस पर आपत्ति जताई थी। तब से एक महीने से इस पर विवाद चल रहा था। अब बृहस्पतिवार को इस संबंध में पुलिस की मध्यस्थता में सहमति बनी। अब डोली देवलधार गांव से होते हुए गोपीनाथ मंदिर जाएगी। परंपरा के अनुसार रुद्रनाथ मंदिर के कपाट 17 अक्तूबर को शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे। 18 अक्तूबर को सुबह करीब चार बजे भगवान की चल विग्रह उत्सव डोली मंदिर से प्रस्थान करेगी। जाख देवता मंदिर होते हुए डोली रात्रि प्रवास के लिए देवलधार गांव स्थित ज्वाला देवी मंदिर पहुंचेगी। 19 अक्तूबर को पूजा-अर्चना के बाद डोली भक्तों के साथ गोपीनाथ मंदिर पहुंचेगी। श्री रुद्रनाथ-गोपीनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष मनोज भट्ट ने बताया कि डोली आगमन को लेकर सभी पक्षों के बीच सर्वसम्मति बन गई है। थानाध्यक्ष नवनीत भंडारी ने बताया कि मंदिर समिति के पदाधिकारियों ने भी निर्णय पर सहमति जताई है। सोशल मीडिया पर इस संबंध में की जाने वाली टिप्पणियों और भ्रामक सूचनाओं पर नजर रखी जाएगी।
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