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Chamoli News: शक्ति का शिव से हुआ मिलन, सैकड़ों श्रद्धालु बने साक्षी
Tue, 10 Dec 2024 05:17 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
Updated Tue, 10 Dec 2024 05:17 PM IST
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नौटी के उफारैंठांक पहाड़ी पर उफराईं देवी की डोली के दर्शन के लिए लगी श्रद्वालुओं की भीड़। स्रो
फोटो
उफराईं देवी की डोली पहुंची उफरेंठांक, देवी को लगाया चौंसा भात का भोग
संवाद न्यूज एजेंसी
कर्णप्राग। नौटी में आयोजित मौडवी महोत्सव के तहत मंगलवार को उफराईं देवी की डोली उफरेंठांक पहुंची। यहां उफराईं देवी का शक्ति के रूप में शिव से मिलन हुआ। इस मिलन और परंपरा के साक्षी दो हजार से ज्यादा श्रद्धालु बने। इस दौरान देवी को चौंसा, भात का भोग लगाया गया। वहीं श्रद्धालुओं ने सामूहिक भोग का आयोजन भी किया।
नौटी में 14 साल बाद मौडवी महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। मंगलवार सुबह उफराईं देवी मंदिर में मैठाणी ब्राह्मणों ने देवी की पूजा की। इसके बाद देवी की उत्सव विग्रह मूर्ति को डोली में विराजमान किया गया। देवी की डोली भक्तों के साथ पांच किमी पैदल पहाड़ी से होते हुए उफरेंठांक के लिए रवाना हुई। पुजारी अरुण मैठाणी का कहना है कि उफरेंठांक से पूरा हिमालयी क्षेत्र दिखता है। इसे कैलाश माना जाता है। देवी की डोली यहां पहुंची तो शक्ति के रूप में उनका शिव से मिलन हुआ।
इंसेट
आईटीबीपी, पुलिस और पीएसी के जवान रहे मुश्तैद
मौडवी के दौरान आयोजित उफरेंठांक यात्रा में पुलिस के साथ ही पीएसी और आईटीबीपी के जवान मुश्तैद रहे। साथ ही आईटीबीपी ने उफरेंठांक में स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया जिसमें 550 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। इसके साथ ही नि:शुल्क दवाएं और परामर्श दिया गया।
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उफराईं देवी की डोली पहुंची उफरेंठांक, देवी को लगाया चौंसा भात का भोग
संवाद न्यूज एजेंसी
कर्णप्राग। नौटी में आयोजित मौडवी महोत्सव के तहत मंगलवार को उफराईं देवी की डोली उफरेंठांक पहुंची। यहां उफराईं देवी का शक्ति के रूप में शिव से मिलन हुआ। इस मिलन और परंपरा के साक्षी दो हजार से ज्यादा श्रद्धालु बने। इस दौरान देवी को चौंसा, भात का भोग लगाया गया। वहीं श्रद्धालुओं ने सामूहिक भोग का आयोजन भी किया।
नौटी में 14 साल बाद मौडवी महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। मंगलवार सुबह उफराईं देवी मंदिर में मैठाणी ब्राह्मणों ने देवी की पूजा की। इसके बाद देवी की उत्सव विग्रह मूर्ति को डोली में विराजमान किया गया। देवी की डोली भक्तों के साथ पांच किमी पैदल पहाड़ी से होते हुए उफरेंठांक के लिए रवाना हुई। पुजारी अरुण मैठाणी का कहना है कि उफरेंठांक से पूरा हिमालयी क्षेत्र दिखता है। इसे कैलाश माना जाता है। देवी की डोली यहां पहुंची तो शक्ति के रूप में उनका शिव से मिलन हुआ।
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आईटीबीपी, पुलिस और पीएसी के जवान रहे मुश्तैद
मौडवी के दौरान आयोजित उफरेंठांक यात्रा में पुलिस के साथ ही पीएसी और आईटीबीपी के जवान मुश्तैद रहे। साथ ही आईटीबीपी ने उफरेंठांक में स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया जिसमें 550 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। इसके साथ ही नि:शुल्क दवाएं और परामर्श दिया गया।
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