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Chamoli News: एक साल में ही क्षतिग्रस्त होने लगे सुरक्षा कार्य
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स्थानीय लोगों ने उठाए सवाल, अफसर बोले, मरम्मत की जाएगी
नारायणबगड़। ब्लाॅक मुख्यालय पर पिंडर नदी के दोनों तटों पर बने सुरक्षा कार्य एक साल में ही क्षतिग्रस्त होने लग गए। दोनों बाजारों के बीच भूस्खलन को रोकने के लिए पिंडर नदी के किनारे बनाए गए तटबंध नदी के कटाव व भू-धंसाव के चलते क्षतिग्रस्त हो गए हैं। भूस्खलन को रोकने के लिए बनाए गए तटबंधों के क्षतिग्रस्त होने से कर्णप्रयाग-ग्वालदम हाईवे का 500 मीटर हिस्सा धंसता जा रहा है।
पिछले साल सिंचाई विभाग ने नारायणबगड़ में बाढ़ सुरक्षा कार्यों के तहत पिंडर नदी के किनारे करीब ढ़ाई करोड़ की लागत से सुरक्षा दीवारों व तटबंधों का निर्माण कार्य किया था। बरसात के दौरान पिंडर नदी से हुए कटाव और ऊपरी हिस्से से हुए भू-धंसाव से कई तटबंध क्षतिग्रस्त हो गए थे। स्थानीय शिशुपाल सिंह बिष्ट, जयवीर सिंह नेगी, मदन सिंह बिष्ट, शांता प्रसाद का कहना है कि यदि शीघ्र ही क्षतिग्रस्त तटबंधों के स्थान पर नए तटबंधों का निर्माण न किया गया, तो आगामी बरसात में भूस्खलन का दायरा बढ़ सकता है।
इससे हाईवे तथा केवर गांव के कमलेश्वर महादेव मंदिर समेत बाजार के एक हिस्से को खतरा पैदा हो सकता है। सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता शुभम डोभाल ने कहा कि जल्द ही क्षतिग्रस्त हुए तटबंधों के स्थान पर तटबंधों के निर्माण की कार्यवाही की जा रही है।
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जारी-
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नारायणबगड़। ब्लाॅक मुख्यालय पर पिंडर नदी के दोनों तटों पर बने सुरक्षा कार्य एक साल में ही क्षतिग्रस्त होने लग गए। दोनों बाजारों के बीच भूस्खलन को रोकने के लिए पिंडर नदी के किनारे बनाए गए तटबंध नदी के कटाव व भू-धंसाव के चलते क्षतिग्रस्त हो गए हैं। भूस्खलन को रोकने के लिए बनाए गए तटबंधों के क्षतिग्रस्त होने से कर्णप्रयाग-ग्वालदम हाईवे का 500 मीटर हिस्सा धंसता जा रहा है।
पिछले साल सिंचाई विभाग ने नारायणबगड़ में बाढ़ सुरक्षा कार्यों के तहत पिंडर नदी के किनारे करीब ढ़ाई करोड़ की लागत से सुरक्षा दीवारों व तटबंधों का निर्माण कार्य किया था। बरसात के दौरान पिंडर नदी से हुए कटाव और ऊपरी हिस्से से हुए भू-धंसाव से कई तटबंध क्षतिग्रस्त हो गए थे। स्थानीय शिशुपाल सिंह बिष्ट, जयवीर सिंह नेगी, मदन सिंह बिष्ट, शांता प्रसाद का कहना है कि यदि शीघ्र ही क्षतिग्रस्त तटबंधों के स्थान पर नए तटबंधों का निर्माण न किया गया, तो आगामी बरसात में भूस्खलन का दायरा बढ़ सकता है।
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इससे हाईवे तथा केवर गांव के कमलेश्वर महादेव मंदिर समेत बाजार के एक हिस्से को खतरा पैदा हो सकता है। सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता शुभम डोभाल ने कहा कि जल्द ही क्षतिग्रस्त हुए तटबंधों के स्थान पर तटबंधों के निर्माण की कार्यवाही की जा रही है।
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