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Chamoli News: सात किमी चढ़ाई चढ़कर पहुंचे मंदिर, नंदा देवी को लगाया भोग
Wed, 06 Aug 2025 06:47 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
Updated Wed, 06 Aug 2025 06:47 PM IST
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गैरसैंण के नंदाठोंकी पहाड़ी पर आयोजित पाथाबार नंदा जात में मौजूद श्रद्वालु। स्रोत: जागरूक पाठक
फोटो
गैरसैंण में हुआ पाथाबार नंदा जात यात्रा का आयोजन, नंदाठोंकी मंदिर में हुई पूजा
नारायणबगड़ और गैरसैंण ब्लॉक के 84 गांवों के ग्रामीण होते हैं शामिल
संवाद न्यूज एजेंसी
गैरसैंण। नारायणबगड़ और गैरसैंण ब्लाॅक के 84 गांवों की आराध्य पाथाबार नंदा की एक दिवसीय जात यात्रा का आयोजन मां भगवती के मंदिर में पौराणिक परंपराओं के अनुसार हुआ। इस दौरान यात्रा करीब सात किमी चढ़ाई चढ़कर नंदाठोंकी पर्वत पर स्थित मंदिर पहुंची और देवी की पूजा की। श्रद्धालुओं ने आराध्य देवी को खेतों में तैयार फसलों की बालियों का भोग लगाया और क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की।
बुधवार सुबह गैरसैंण नगर में स्थित मां भगवती के मंदिर में पंडित जनार्दन पुजारी ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। मंदिर में आयोजित कार्यक्रम के बाद पाथाबार जात यात्रा शुरू हुई जिसमें सैकड़ों श्रद्धालु पारंपरिक वाद्ययंत्रों के साथ सात किमी की चढ़ाई चढ़कर नंदाठोंकी पर्वत पर स्थित नंदा देवी के मंदिर में पहुंचे। यहां पंडितों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ द्वारपट और मां नंदा देवी की पूजा की। मां नंदा देवी को मक्का, कौंणी सहित अन्य फसल की बाली अर्पित कर दूध और मक्खन का भोग लगाया। इस दौरान देवी-देवताओं के पश्वाओं ने अवतरित होकर श्रद्धालुओं को सुख-समृद्धि का आशीर्वाद दिया। ग्रामीणों ने बताया कि पौराणिक काल से अनवरत रूप से इस धार्मिक महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है जिसमें गैरसैंण ब्लाॅक के फरकंडे, घंडियाल, मरोड़ा सहित नारायणबगड़ के कौब, झिंझौंणी, बमियाला सहित 84 गांवों के ग्रामीण प्रतिभाग करते हैं। इस अवसर पर अरविंद पुजारी, पंकज गैड़ी, राम पुजारी, रमेश शाह, सुरेंद्र सिंह, दिनेश गौड़ सहित सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रतिभाग किया।
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गैरसैंण में हुआ पाथाबार नंदा जात यात्रा का आयोजन, नंदाठोंकी मंदिर में हुई पूजा
नारायणबगड़ और गैरसैंण ब्लॉक के 84 गांवों के ग्रामीण होते हैं शामिल
संवाद न्यूज एजेंसी
गैरसैंण। नारायणबगड़ और गैरसैंण ब्लाॅक के 84 गांवों की आराध्य पाथाबार नंदा की एक दिवसीय जात यात्रा का आयोजन मां भगवती के मंदिर में पौराणिक परंपराओं के अनुसार हुआ। इस दौरान यात्रा करीब सात किमी चढ़ाई चढ़कर नंदाठोंकी पर्वत पर स्थित मंदिर पहुंची और देवी की पूजा की। श्रद्धालुओं ने आराध्य देवी को खेतों में तैयार फसलों की बालियों का भोग लगाया और क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की।
बुधवार सुबह गैरसैंण नगर में स्थित मां भगवती के मंदिर में पंडित जनार्दन पुजारी ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। मंदिर में आयोजित कार्यक्रम के बाद पाथाबार जात यात्रा शुरू हुई जिसमें सैकड़ों श्रद्धालु पारंपरिक वाद्ययंत्रों के साथ सात किमी की चढ़ाई चढ़कर नंदाठोंकी पर्वत पर स्थित नंदा देवी के मंदिर में पहुंचे। यहां पंडितों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ द्वारपट और मां नंदा देवी की पूजा की। मां नंदा देवी को मक्का, कौंणी सहित अन्य फसल की बाली अर्पित कर दूध और मक्खन का भोग लगाया। इस दौरान देवी-देवताओं के पश्वाओं ने अवतरित होकर श्रद्धालुओं को सुख-समृद्धि का आशीर्वाद दिया। ग्रामीणों ने बताया कि पौराणिक काल से अनवरत रूप से इस धार्मिक महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है जिसमें गैरसैंण ब्लाॅक के फरकंडे, घंडियाल, मरोड़ा सहित नारायणबगड़ के कौब, झिंझौंणी, बमियाला सहित 84 गांवों के ग्रामीण प्रतिभाग करते हैं। इस अवसर पर अरविंद पुजारी, पंकज गैड़ी, राम पुजारी, रमेश शाह, सुरेंद्र सिंह, दिनेश गौड़ सहित सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रतिभाग किया।
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