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प्रधानों ने किया बीडीसी बैठक का बहिष्कार
ब्यूरो/अमर उजाला, कर्णप्रयाग (चमोली)
Updated Mon, 30 May 2016 09:46 PM IST
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कर्णप्रयाग ब्लाक सभागार में आयोजित बीडीसी बैठक का बहिष्कार करते प्रधान।
- फोटो : Amar Ujala
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मनरेगा को लेकर अफसरों से स्पष्ट जवाब नहीं मिलने पर प्रधान संगठन ने क्षेत्र पंचायत बैठक का बहिष्कार किया। विकास विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए संगठन तहसील पहुंचा और एसडीएम को ज्ञापन सौंप कार्रवाई की मांग की। प्रधान संगठन के साथ ही मांगों को लेकर क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने भी बैठक का बहिष्कार किया।
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सोमवार को विकासखंड सभागार में क्षेत्र पंचायत की बैठक आहूत की गई, लेकिन इस दौरान प्रधानों ने उपस्थिति रजिस्टर में हस्ताक्षर नहीं किए। बैठक शुरू होते हुए प्रधान संगठन के अध्यक्ष खिलदेव सिंह रावत ने मनरेगा में सामग्री अंश और श्रमिकों की मजदूरी का भुगतान न होने की बात पूछी। जिस पर खंड विकास अधिकारी डीडी उनियाल ने कहा कि राज्य सरकार से बजट नहीं मिलने से भुगतान नहीं हो पाया है, लेकिन प्रधान नहीं माने और सदन का बहिष्कार कर नारेबाजी करने लगे।
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संगठन ने कहा कि पिछले दो वर्षों में कई बार श्रमिकों के बैंक खातों की छाया प्रतियां विभाग में जमा करवाई गई लेकिन भुगतान नहीं हुआ। यही नहीं वर्ष 2015-16 में किए गए कार्यों के सामग्री अंश की धनराशि का भी भुगतान नहीं हुआ।
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वहीं चालू वित्तीय वर्ष के दो माह बीत जाने के बाद भी ग्राम पंचायतों में मनरेगा की न तो कार्ययोजना प्रधानों को दी गई और ना ही इस्टीमेट। जिला विकास अधिकारी पुष्पेंद्र चौहान ने कहा कि मनरेगा में अभी 33 लाख की देनदारी अवशेष है।
जिसका भुगतान 15 दिनों में कर लिया जाएगा। वहीं क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने भी क्षेत्र पंचायत की योजनाओं में हस्तांतरण पत्र लिए जाने की बाध्यता खत्म करने, मनरेगा और 14वां वित्त में क्षेत्र पंचायतों को हिस्सेदारी देने की मांग की।