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रामलीला कमेटी को नोटिस देने पर भड़के लोग
ब्यूरो/अमर उजाला, चमोली
Updated Mon, 29 May 2017 10:17 PM IST
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अपर बाजार में 30 साल बाद हो रही रामलीला के दौरान पुलिस की ओर से कमेटी को हाईवे पर जाम लगाने और यातायात बाधित करने का नोटिस देने से लोग भड़क गए। थाने पहुंचे लोगों ने कहा कि पुलिस इस रामयज्ञ में बाधा पहुंचाने के लिए नोटिस देकर लोगों को भ्रमित कर रही है। करीब एक घंटे तक हुई वार्ता के बाद रामलीला आयोजन की अनुमति के लिए आवेदन करने के बाद मामला सुलझा।
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रामलीला कमेटी के अध्यक्ष हरिकृष्ण भट्ट ने बताया कि अपर बाजार से पंचपुलिया जाने वाली सड़क पर अपर बाजार का पुराना रामलीला मैदान है। यहां अब भव्य मंच बना दिया गया है। अपर बाजार की रामलीला को तीस साल बाद युवाओं ने दोबारा शुरू किया, लेकिन सोमवार सुबह कमेटी को पुलिस थाना प्रभारी एसडी जमलोकी ने रामलीला मैदान को राष्ट्रीय राजमार्ग बताते हुए जाम लगने और यातायात बाधित करने का नोटिस थमा दिया। इससे लोग नाराज हो गए।
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भट्ट ने बताया कि अपर बाजार से पंचपुलिया जाने वाला मार्ग पूर्व में स्टेट हाइवे था, जिसे सरकार ने अब जिला मार्ग बना दिया है। ऐसे में राष्ट्रीय राजमार्ग के नियमों से बाहर होने के बाद भी पुलिस का नोटिस देना केवल भ्रमित करना है।
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थाने पहुंचे युवाओं और पुलिस में काफी देर तक गहमा-गहमी चलती रही। बाद में कमेटी की ओर से तहसील प्रशासन को रामलीला आयोजन की अनुमति का पत्र दिया गया, जिसके बाद मामला सुलझ गया। थाना प्रभारी एसडी जमलोकी ने बताया कि सड़क पर किसी भी कार्यक्रम के आयोजन की अनुमति तहसील प्रशासन से लेनी पड़ती है, जिसका नोटिस रामलीला कमेटी को दिया गया था वार्ता करने वालों में नवीन डिमरी, अनिल खंडूड़ी, सुरेंद्र सिंह रावत, सभासद राजेश जोशी, कैलाश जोशी, रहीम सिद्दीकी, महिमानंद भट्ट, आलम सिंह और एलपी जोशी आदि मौजूद थे।