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Chamoli News: मां नंदा ने जताई कैलाश जाने की इच्छा, इसी साल 5 सितंबर से होगी बड़ी जात

Fri, 23 Jan 2026 07:28 PM IST
देहरादून ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली Updated Fri, 23 Jan 2026 07:28 PM IST
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Mother Nanda expressed her desire to go to Kailash, the big jaati will be held from September 5 this year.
फोटो-
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सिद्धपीठ कुरुड़ में बड़ी जात का दिनपट्टा हुआ तय
21 दिन का यात्रा कार्यक्रम भी किया गया घोषित

संवाद न्यूज एजेंसी
नंदानगर (चमोली)। मां नंदा की बड़ी जात इसी वर्ष 2026 में ही होगी। 5 सितंबर को नंदा अपने सिद्धपीठ कुरुड़ मंदिर से कैलाश के लिए विदा होंगी। मां नंदा ने अपने मुख्य अवतारी पुरुष पर अवतरित होकर इसी वर्ष कैलाश जाने की इच्छा जताई। इसके बाद गौड़ ब्राह्मणों ने बड़ी जात के आयोजन का दिनपट्टा तय किया। इसी के साथ मां नंदा की बड़ी जात की तैयारियां भी शुरू हो गई हैं। बड़ी जात यात्रा समिति ने बाकायदा मां नंदा की बड़ी जात का 21 दिन का यात्रा कार्यक्रम भी घोषित कर दिया है।

वसंत पंचमी पर्व पर शुक्रवार को मां नंदा के सिद्धपीठ कुरुड़ मंदिर परिसर में नंदा की बड़ी जात का दिनपट्टा कार्यक्रम प्रस्तावित किया था। मां नंदा के मंदिर में सुबह आठ बजे विशेष पूजाएं हुईं। करीब तीन घंटे तक मंदिर में पूजा हुईं। इसके बाद दोपहर 1 बजकर 20 मिनट पर सुंग गांव के रमेश सिंह बिष्ट पुत्र भोपाल सिंह चौसिंग्या खाडू को लेकर मंदिर प्रांगण में पहुंचे। इसके बाद मंदिर के पुजारी व मुख्य अवतारी पुरुष मुंशीचंद गौड़ पर मां नंदा और कुंडबगड़ गांव के हिम्मत सिंह महर पर भूमियाल देवता अवतरित हुए। इसके बाद मां नंदा ने इसी साल कैलाश जाने की इच्छा जताई। इसके बाद अपराह्न 1 बजकर 40 मिनट पर कुरुड मंदिर समिति बधाण डोली के अध्यक्ष नरेश गौड़, बंड डोली के अध्यक्ष अशोक गौड़, नंदा देवी बड़ी जात आयोजन समिति के अध्यक्ष कर्नल (सेनि) हरेंद्र सिंह रावत और कुरुड़ मंदिर समिति के अध्यक्ष सुखवीर रौतेला के साथ ही गौड़ ब्राह्मण, 14 सयानों और बधाण, दशोली व बंड क्षेत्र के हकहकूकधारी गांवों के जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में दिनपट्टा (यात्रा का संकल्प) कार्यक्रम में बड़ी जात आयोजन की तिथि घोषित कर दी। इस मौके पर जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट, ब्लाॅक प्रमुख नंदानगर हीमा देवी, भाजपा मंडल अध्यक्ष कृपाल सिंह बिष्ट, कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष विरेंद्र सिंह रावत, कांग्रेस प्रवक्ता तेजवीर कंडेरी, व्यापार संघ अध्यक्ष नंदानगर नंदन सिंह रावत आदि मौजूद रहे।
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20 को होमकुंड में होगी बड़ी जात
5 सितंबर से बड़ी जात कुरुड़ मंदिर से दशोली, बधाण और बंड क्षेत्र की मां नंदा की डोलियां कैलाश के लिए प्रस्थान करेंगी। 20 सितंबर को होमकुंड में नंदा की बड़ी जात होगी। बड़ी जात की तिथि तय होने के बाद विभिन्न गांवों से पहुंची महिला मंगल दल की महिलाओं ने मांगल गीत गाए। लोक गायक दर्शन फरस्वाण ने मां नंदा के साथ ही विभिन्न धार्मिक गीतों की शानदार प्रस्तुतियां दीं।
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इंसेट
मां ने जताई इच्छा, अब सरकार की बारी
- मां नंदा ने इसी वर्ष बड़ी जात के आयोजन की इच्छा जताई तो आयोजन समिति ने माता के इस आदेश को स्वीकार कर यात्रा के सफल संचालन का संकल्प लिया। बड़ी जात आयोजन समिति के अध्यक्ष कर्नल (सेनि) हरेंद्र सिंह रावत ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में वॉलेंटियरों को यात्रा तैयारी में लगा दिया जाएगा। माता की इच्छानुसार बड़ी जात होगी अब सरकार की बारी है। यात्रा पड़ावों पर अभी कोई सुधारात्मक काम नहीं हुए हैं। सरकार को जल्द यात्रा पड़ावों पर सुविधाएं विकसित करनी चाहिए। संवाद

इंसेट

कुरुड़ से पहली बार शुरुआत
नंदानगर। इस वर्ष मां नंदा की यात्रा को राजजात की जगह बड़ी जात नाम दिया गया है जबकि यात्रा के पड़ाव पूर्व की भांति रखे गए हैं। पहली बार यात्रा कुरुड़ से शुरू होगी और होमकुंड तक जाएगी। इसके लिए पड़ावों की घोषणा भी कर दी गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में जब जात का आयोजन होता है तो ग्रामीण भक्तों के खाने व ठहरने की व्यवस्था कर देते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में जात को लेकर एक माह तक उत्साह का माहौल रहता है। संवाद
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मां नंदा देवी राज राजेश्वरी के डाेली पड़ाव
- पांच सितंबर को डोली कुरुड़ मंदिर से कैलाश के लिए प्रस्थान करेगी। डोली का प्रथम रात्रि विश्राम चरबंग गांव में होगा। दूसरे दिन डोली कुंडबगड़, मथकोट, धरगांव, उस्तोली, सरपाणी, लांखी, भेंटी, स्यांरी, बंगाली, डुंग्री, केरा मेना, सूना, थराली, राड़ीबगड़, चेपड़ों, कोठी गांव से 12 सितंबर को डोली रात्रि प्रवास के लिए नंदकेशरी पहुंचेगी। यहां गढ़वाल और कुमाऊं की राज छंतोलियों का मिलन होगा। जिसके बाद 13 को डोली पूर्णा, देवाल, इच्छोली, हाट, फल्त्यागांव, कांडई, लब्बू, ल्वाणी, बगड़ीगाड़, मुंदोली, लोहाजंग से होते हुए कार्तिकबगड़ देवी लाटू मिलन के बाद 15 को रात्रि प्रवास के लिए वाण गांव पहुंचेगी। 16 को रणकधार, गैरोलीपातल, डोलीधार, वेदनी, पातर नचौणिया, केलवा विनायक, रुपकुंड, ज्योंरागली और 20 को डोली शिला समुद्र और पंचगंगा होते हुए होमकुंड पहुंचेगी। यहां पूजा अर्चना, हवन व प्रसाद वितरण के बाद डोली रात्रि प्रवास के लिए जामुन डाली पहुंचेगी। 21 को तातड़ा ध्योसिंह धाम से होते हुए डोली सुतोल, कनोल, वाण, रणकधार, कुलिंग, बगड़ीगाड, ल्वाणी, बमणबेरा, उलंग्रा, हाट अटठू, बेराधार, सुराईथाल, टुनरी, गोठिंडा, कुनीपार्था, कुराड़, सगवाड़ा व डांखोली गांव होते हुए 26 सितंबर को राजराजेश्वरी की डोली भेटा गांव पहुंचेगी। यहां माता की डोली छह माह तक स्थापित हो जाएगी।

इंसेट--

दशोली की मां नंदा की डाेली के पड़ाव--
5 सितंबर को दशोली की मां नंदा देवी की डोली कुरुड़ मंदिर से प्रस्थान कर पहले दिन रात्रि प्रवास के लिए कुमजुग गांव पहुंचेगी। इसके बाद डोली कुंडबगड़, लुंतरा, कांडा, खुनाणा, लामसौड़ा, माणखी, चोपड़ाकोट, कांडई, खल्तरा, मोठा, चाका, सेमा, बैरासकुंड, इतमोली, धुबड़खेत, मटई, ग्वाड़, दाणू मंदिर, पगना, भौंधार, चरबंग, ल्वाणी और सुंग होते हुए 12 को डोली रामणी गांव पहुंचेगी। यहां बंड, दशमद्वार और लाता की डोली, जाख देवता की छतोली व बदरीनाथ की छतोली का मिलन होगा। 15 को डोली वाण गांव पहुंचेगी। यहां लाटू व सभी देव डोलियों का मिलन होगा। 16 को सभी डोलियां रणकधार, गैरोली पातल, डोलीधार, वेदनी होते हुए 20 को होमकुंड पहुंचेगी। 23 को माता की डोली कुरुड़ मंदिर में विराजमान हो जाएगी।



इंसेट-

बंड क्षेत्र की मां नंदा की डोली का कार्यक्रम-

5 सितंबर को बंड क्षेत्र की डोली कुरुड़ मंदिर से विदा लेकर रात्रि प्रवास के लिए मैठाणा पहुंचेगी। जिसके बाद डोली चमोली, क्षेत्रपाल, बिरही, बाटुला, श्रीकोट, ल्वाह, दिगोली नंदा देवी मंदिर, गडोरा, तल्ला अगथला, नौरख, मल्ला अगथला, रैतोली, कम्यार, किरुली, गौणा गांव होते हुए 12 को रामणी गांव पहुंचेगी। 20 को होमकुंड में पूजा-अर्चना के बाद डोली सुतोल और फरखेत गांव होते हुए 23 सितंबर को कुरुड़ मंदिर में विराजमान हो जाएगी।
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