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केंद्र से 10 हजार करोड़ दिलवाओ, राजधानी बनाओ
ब्यूरो/अमर उजाला,चमोली
Updated Sun, 01 Nov 2015 10:28 PM IST
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प्रदेश कांग्रेस ने भले ही गैरसैंण को राज्य आंदोलन की भावना करार दिया गया हो, लेकिन रविवार को आयोजित पार्टी के प्रदेश सम्मेलन में कांग्रेस की सरकार से संगठन तक के नेता गैरसैंण राजधानी के मामले को सफाई से टाल गए।
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गैरसैंण राजधानी की गेंद भाजपाइयों के पाले में डालते हुए कांग्रेस नेताओं ने कहा भाजपा यदि गैरसैंण को राजधानी बनानी चाहती है कि इसी सत्र में केंद्र से दस हजार करोड़ रुपये का पैकेज दिलवाने का प्रस्ताव लाए। यह प्रस्ताव सरकार ध्वनिमत से पारित करेगी।
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गैरसैंण और भराड़ीसैंण में कांग्रेस की बहुगुणा सरकार और रावत सरकार की ओर से जिस तरह कैबिनेट, विधानसभा सत्र और विधानसभा भवन निर्माण सहित अन्य कार्य कराए गए, उसे देखते हुए गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने के लिए लोगों की उम्मीदें बढ़ गई हैं।
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हालांकि सम्मेलन में रामप्रसाद टम्टा, चमोली के जिलाध्यक्ष हरि सिंह, पूर्व सांसद प्रदीप टम्टा, गौचर नगर पालिका अध्यक्ष मुकेश नेगी ने गैरसैंण को राजधानी बनाए जाने का प्रस्ताव लाने की बात कही, लेकिन प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने कहा कि गैरसैंण राज्य आंदोलनकारियों की भावना ही नहीं बल्कि प्रदेश की भावना है।
भाजपा पर तंज कसते हुए उपाध्याय ने कहा कि गैरसैंण पर कुछ लोग राजनीति कर रहे हैं, वह यदि गैरसैंण के इतने हितैषी हैं तो केंद्र से 10 हजार करोड़ लाए और जहां मर्जी वहां राजधानी बनाएं।
बाद में मुख्यमंत्री हरीश रावत ने भी उपाध्याय के सुर में सुर मिलाते हुए कहा कि हमने गैरसैंण में अभी हल जोता है। बीज बोएंगे फिर काटने की सोचेंगे, लेकिन भाजपा नेता बिना हल चलाए ही भोज की दावत दे रहे हैं।