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Chamoli News: लाटू देवता मंदिर के कपाट छह माह के लिए बंद
Sat, 14 Dec 2024 06:27 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
Updated Sat, 14 Dec 2024 06:27 PM IST
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फोटो
पुजारी ने आंखों पर पट्टी बांधकर मंदिर में किया प्रवेश
संवाद न्यूज एजेंसी
देवाल। वाण में लाटू देवता मंदिर के कपाट पूजा-अर्चना के बाद छह माह के लिए बंद कर दिए गए। कपाट बंद होने के दौरान क्षेत्र से सैकड़ों श्रद्धालु पहुंचे। ग्रामीणों ने लाटू मंदिर के साथ मां नंदा के मंदिर में भी पूजा की। कपाट अब छह माह बाद बैशाख की पूर्णिमा काे खुलेंगे।
शनिवार को मंदिर के पुजारी खीम सिंह ने आंखों पर पट्टी बांधकर दोपहर डेढ़ बजे मंदिर में प्रवेश किया और दीया जलाया। इसके बाद मंंदिर के कपाट बंद कर दिए गए। कपाट बंद होते ही संपूर्ण क्षेत्र लाटू के जयकारों से गूंज उठा। मंदिर समिति के संयोजक कृष्णा सिंह ने बताया कि मंदिर के कपाट अब छह माद बैशाख की पूर्णिमा को खुलेंगे। इस मौके पर मंदिर के पुजारी खीम सिंह, मंदिर संयोजक कृष्णा सिंह, निवर्तमान जिपंस कृष्णा बिष्ट, हीरा पहाड़ी, हीरा बुग्याली, डॉ. कृपाल भंडारी, हीरा रुपकुंडी, पूर्व रेंजर त्रिलोक बिष्ट, यशपाल बिष्ट, नंदन सिंह और धन सिंह भंडारी आदि मौजूद रहे।
मंदिर आज भी श्रद्धालुओं के लिए बना है रहस्य
लाटू देवता मंदिर में पुजारी आंखों पर पट्टी बांधकर प्रवेश करते हैं। पुजारी खीम सिंह ने बताया कि में पुजारी के अलावा कोई प्रवेश नहीं करता है। मान्यता है कि मंदिर के अंदर नागमणि विराजमान है। मणि को देखकर आंखों की रोशनी जा सकती है। इसलिए मंदिर के अंदर कोई नहीं जाता है। मंदिर से करीब 12 मीटर बाहर से लोग पूजा करते हैं।
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पुजारी ने आंखों पर पट्टी बांधकर मंदिर में किया प्रवेश
संवाद न्यूज एजेंसी
देवाल। वाण में लाटू देवता मंदिर के कपाट पूजा-अर्चना के बाद छह माह के लिए बंद कर दिए गए। कपाट बंद होने के दौरान क्षेत्र से सैकड़ों श्रद्धालु पहुंचे। ग्रामीणों ने लाटू मंदिर के साथ मां नंदा के मंदिर में भी पूजा की। कपाट अब छह माह बाद बैशाख की पूर्णिमा काे खुलेंगे।
शनिवार को मंदिर के पुजारी खीम सिंह ने आंखों पर पट्टी बांधकर दोपहर डेढ़ बजे मंदिर में प्रवेश किया और दीया जलाया। इसके बाद मंंदिर के कपाट बंद कर दिए गए। कपाट बंद होते ही संपूर्ण क्षेत्र लाटू के जयकारों से गूंज उठा। मंदिर समिति के संयोजक कृष्णा सिंह ने बताया कि मंदिर के कपाट अब छह माद बैशाख की पूर्णिमा को खुलेंगे। इस मौके पर मंदिर के पुजारी खीम सिंह, मंदिर संयोजक कृष्णा सिंह, निवर्तमान जिपंस कृष्णा बिष्ट, हीरा पहाड़ी, हीरा बुग्याली, डॉ. कृपाल भंडारी, हीरा रुपकुंडी, पूर्व रेंजर त्रिलोक बिष्ट, यशपाल बिष्ट, नंदन सिंह और धन सिंह भंडारी आदि मौजूद रहे।
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मंदिर आज भी श्रद्धालुओं के लिए बना है रहस्य
लाटू देवता मंदिर में पुजारी आंखों पर पट्टी बांधकर प्रवेश करते हैं। पुजारी खीम सिंह ने बताया कि में पुजारी के अलावा कोई प्रवेश नहीं करता है। मान्यता है कि मंदिर के अंदर नागमणि विराजमान है। मणि को देखकर आंखों की रोशनी जा सकती है। इसलिए मंदिर के अंदर कोई नहीं जाता है। मंदिर से करीब 12 मीटर बाहर से लोग पूजा करते हैं।
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