{"_id":"639dee94f95d72056f0a4602","slug":"kamlesh-s-model-selected-for-national-level-karnpryag-news-drn4312299128","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chamoli News: सीमा पार से होने वाली आतंकवादी घुसपैठ रोकने में मदद करेगा कमलेश का मॉडल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chamoli News: सीमा पार से होने वाली आतंकवादी घुसपैठ रोकने में मदद करेगा कमलेश का मॉडल
विज्ञापन
राजकीय इंटर कॉलेज कर्णप्रयाग में कक्षा 11 में पढ़ने वाले मेघावी छात्र कमलेश आगरी ने भारत की सीमा पर आतंकवादी घुसपैठ रोकने में मदद करने वाला मॉडल तैयार किया है। विज्ञान प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में हुई राज्यस्तरीय प्रतियोगिता के प्रथम स्थान प्राप्त करने के बाद कमलेश का यह मॉडल बेंगलूरू में आयोजित होनी वाली राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भाग लेगा।
भूगोल के प्रवक्ता आरएल आर्य व शिक्षक प्रकाश शाह ने बताया कि घाट ब्लॉक का कमलेश आगरी (16) जीआईसी कर्णप्रयाग में विज्ञान विषय का छात्र है। कहा, कमलेश ने कंप्यूटर, रडार, सेंसर सिस्टम, सायरन, सीसीटीवी कैमरे व लेजर युक्त बार्डर सिक्योरिटी सिस्टम से जो मॉडल विकसित किया है। वह हमारे देश के जवानों को सीमा पार से होने वाली घुसपैठ की सूचना करीब 180 किलोमीटर पहले से देगा।
वहीं, स्कूल के होनहार छात्र कमलेश आगरी ने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी विषय पर हुई प्रतियोगिता में राज्य के करीब 890 से अधिक बाल वैज्ञानिकों ने अपने मॉडल पेश किए थे। इसमें उनका मॉडल पहले स्थान पर रहा था। उनके इस मॉडल को एनसीईआरटी दिल्ली, डीआरडीओ व ग्राफिक एरा ने भी सराहा है। वहीं, प्रभारी वीईओ अखिलेश सती ने कहा कि यह पूरे जिले के साथ-साथ राज्य व देश के लिए गौरव की बात है। कमलेश के पिताजी पोस्ट ऑफिस में नौकरी करते हैं। जबकि माता गृहणी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
भूगोल के प्रवक्ता आरएल आर्य व शिक्षक प्रकाश शाह ने बताया कि घाट ब्लॉक का कमलेश आगरी (16) जीआईसी कर्णप्रयाग में विज्ञान विषय का छात्र है। कहा, कमलेश ने कंप्यूटर, रडार, सेंसर सिस्टम, सायरन, सीसीटीवी कैमरे व लेजर युक्त बार्डर सिक्योरिटी सिस्टम से जो मॉडल विकसित किया है। वह हमारे देश के जवानों को सीमा पार से होने वाली घुसपैठ की सूचना करीब 180 किलोमीटर पहले से देगा।
विज्ञापन
वहीं, स्कूल के होनहार छात्र कमलेश आगरी ने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी विषय पर हुई प्रतियोगिता में राज्य के करीब 890 से अधिक बाल वैज्ञानिकों ने अपने मॉडल पेश किए थे। इसमें उनका मॉडल पहले स्थान पर रहा था। उनके इस मॉडल को एनसीईआरटी दिल्ली, डीआरडीओ व ग्राफिक एरा ने भी सराहा है। वहीं, प्रभारी वीईओ अखिलेश सती ने कहा कि यह पूरे जिले के साथ-साथ राज्य व देश के लिए गौरव की बात है। कमलेश के पिताजी पोस्ट ऑफिस में नौकरी करते हैं। जबकि माता गृहणी है।
विज्ञापन