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अमर उजाला-इंपेक्ट-- भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र का नगर पालिका और प्रशासन ने किया निरीक्षण
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जोशीमठ। नगर क्षेत्र जोशीमठ में हो रहे भूस्खलन का बृहस्पतिवार को तहसील प्रशासन और नगर पालिका ने संयुक्त निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद इसकी रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
नगर क्षेत्र जोशीमठ में पिछले कुछ समय से सामान्य मौसम में भी जगह-जगह भूस्खलन हो रहा है। जिससे मकानों में दरारें आ गई हैं। कई जगह सड़कें धंस गई हैं। यहां तक कि नृसिंह मंदिर और बदरीनाथ बाईपास में भी धंसाव हो रहा है। अमर उजाला ने छह जनवरी के अंक में ‘जोशीमठ नगर पर मंडरा रहा खतरा, मकानों में पड़ी दरारें’ शीर्षक से इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया। खबर प्रकाशित होने के बाद एसडीएम जोशीमठ कुमकुम जोशी के नेतृत्व में प्रशासन और नगर पालिका की टीम ने क्षेत्र का संयुक्त निरीक्षण किया। नगर पालिका अध्यक्ष शैलेंद्र पंवार ने कहा कि निरीक्षण के बाद उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे क्षेत्र का भूगर्भीय सर्वेक्षण कराया जाना जरूरी है। खतरे की जद में आ रहे परिवारों का तुरंत पुनर्वास किया जाए और भू-धंसाव को रोकने के लिए इसका ट्रीटमेंट किया जाए।
नगर क्षेत्र जोशीमठ में कुछ समय से लगातार भूस्खलन और भूधंसाव हो रहा है। भू-वैज्ञानिकों का कहना है कि जोशीमठ के नीचे अलकनंदा नदी से कटाव होने से यहां जमीन धंस रही है। भूधंसाव से लोग दहशत में हैं। स्थानीय लोग शासन से इस क्षेत्र का भूगर्भीय सर्वेक्षण कराने की मांग कर रहे हैं। बृहस्पतिवार को संयुक्त निरीक्षण के बाद तहसीलदार प्रदीप नेगी ने कहा कि भूस्खलन से प्रभावित कुछ परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर रखा गया है। निरीक्षण के बाद रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
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नगर क्षेत्र जोशीमठ में पिछले कुछ समय से सामान्य मौसम में भी जगह-जगह भूस्खलन हो रहा है। जिससे मकानों में दरारें आ गई हैं। कई जगह सड़कें धंस गई हैं। यहां तक कि नृसिंह मंदिर और बदरीनाथ बाईपास में भी धंसाव हो रहा है। अमर उजाला ने छह जनवरी के अंक में ‘जोशीमठ नगर पर मंडरा रहा खतरा, मकानों में पड़ी दरारें’ शीर्षक से इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया। खबर प्रकाशित होने के बाद एसडीएम जोशीमठ कुमकुम जोशी के नेतृत्व में प्रशासन और नगर पालिका की टीम ने क्षेत्र का संयुक्त निरीक्षण किया। नगर पालिका अध्यक्ष शैलेंद्र पंवार ने कहा कि निरीक्षण के बाद उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे क्षेत्र का भूगर्भीय सर्वेक्षण कराया जाना जरूरी है। खतरे की जद में आ रहे परिवारों का तुरंत पुनर्वास किया जाए और भू-धंसाव को रोकने के लिए इसका ट्रीटमेंट किया जाए।
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नगर क्षेत्र जोशीमठ में कुछ समय से लगातार भूस्खलन और भूधंसाव हो रहा है। भू-वैज्ञानिकों का कहना है कि जोशीमठ के नीचे अलकनंदा नदी से कटाव होने से यहां जमीन धंस रही है। भूधंसाव से लोग दहशत में हैं। स्थानीय लोग शासन से इस क्षेत्र का भूगर्भीय सर्वेक्षण कराने की मांग कर रहे हैं। बृहस्पतिवार को संयुक्त निरीक्षण के बाद तहसीलदार प्रदीप नेगी ने कहा कि भूस्खलन से प्रभावित कुछ परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर रखा गया है। निरीक्षण के बाद रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
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