{"_id":"68920e60636cc9e59a0cf93e","slug":"highway-closed-again-in-bhanerpani-and-pagalnala-vehicles-of-700-pilgrims-stopped-gopeshwar-news-c-47-1-sdrn1001-114039-2025-08-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chamoli News: भनेरपाणी और पागलनाला में फिर हाईवे बंद, 700 तीर्थयात्रियों के रोके वाहन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chamoli News: भनेरपाणी और पागलनाला में फिर हाईवे बंद, 700 तीर्थयात्रियों के रोके वाहन
Tue, 05 Aug 2025 07:30 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
Updated Tue, 05 Aug 2025 07:30 PM IST
विज्ञापन
ज्योतिर्मठ-हेलंग सड़क अवरुद्ध होने से पैदल जाते ग्रामीण। संवाद
फोटो
तेज बारिश के दौरान बदरीनाथ हाईवे पर आया मलबा
संवाद न्यूज एजेंसी
पीपलकोटी। भनेरपाणी और पागलनाला में मंगलवार को भी भारी मात्रा में मलबा आने से बदरीनाथ हाईवे बाधित हो गया। मंगलवार को शाम करीब चार बजे तेज बारिश के दौरान हाईवे पर मलबा आ गया जिससे वाहनों की आवाजाही ठप पड़ गई। पुलिस प्रशासन ने बदरीनाथ धाम और हेमकुंड साहिब की तीर्थयात्रा पर जा रहे करीब 700 तीर्थयात्रियों के वाहनों को जगह-जगह रोक लिया है। एनएचआईडीसीएल की ओर से हाईवे खोलने का काम जारी है। देर शाम तक भी हाईवे सुचारु नहीं हो पाया था।
भनेरपाणी में बदरीनाथ हाईवे बेहद खस्ताहालत में पहुंच गया है। यहां भूस्खलन होने से हाईवे पर दलदल बन गया है। लगातार पहाड़ी से मलबा गिरने का सिलसिला जारी है। मंगलवार को सुबह से ही यहां मलबा गिर रहा था और एनएचआईडीसीएल की पोकलेन और जेसीबी से मलबे को हटाकर वाहनों की आवाजाही करवाई जा रही थी। शाम करीब चार बजे पहाड़ी से भी भारी मात्रा में मलबा और बोल्डर हाईवे पर आ गया। ऐसे में हाईवे के दोनों ओर वाहनों को रोक दिया गया। पागलनाला के उफान पर आने से भी मलबा हाईवे पर आ गया। यहां जेसीबी से मलबा हटाया जा रहा है लेकिन नाले से मलबा आने का सिलसिला शाम तक जारी रहा। इधर एसडीएम राजकुमार पांडेय ने बताया कि हाईवे खोलने का काम जारी है। शाम होने के कारण करीब 700 तीर्थयात्रियों के वाहनों को जगह-जगह रोका गया है। हाईवे सुचारु होने पर उन्हें गंतव्य के लिए भेज दिया जाएगा।
चमोली : बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, 12 सड़कें बंद
गांव में ही कैद होकर रह गए 40 गांवों के ग्रामीण
संवाद न्यूज एजेंसी
गोपेश्वर। बारिश के कारण चमोली जिले में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। बदरीनाथ हाईवे और मलारी हाईवे के साथ ही 12 संपर्क मार्ग बंद हो गए हैं जिससे करीब 40 गांवों के ग्रामीणों की आवाजाही ठप पड़ गई है। ग्रामीण अपने गांवों में ही कैद होकर रह गए हैं।
विज्ञापन
जिले में सैंजी लगा-कुजौं मेकोट, निजमुला-गौणा, मैहलचौंरी-सिलिंगना-घनियाली, पैणी-कुजासू, खन्ना-कुजासू, पडेरगांव-पैरी, उज्जवलपुर-नैनी के साथ ही कई अन्य संपर्क मार्ग बंद हो गए हैं। कौंज पोथनी गांव के पैदल रास्ते भी भूस्खलन से क्षतिग्रस्त पड़े हैं जिससे ग्रामीणों को आवाजाही में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। झींझी गांव के ग्राम प्रधान मोहन सिंह का कहना है कि पाणा, ईराणी गांव को जोड़ने वाली सड़क बंद होने से लोग करीब सात किमी तक पैदल आवाजाही कर रहे हैं। नंदानगर ब्लॉक के पैरी, सुतोल, कनोल क्षेत्र को जोड़ने वाला पडेरगांव-पैरी मार्ग भी जगह-जगह भूस्खलन होने से बंद है। वहीं जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदकिशोर जोशी ने बताया कि मौसम सामान्य होने पर सड़कों को खोल दिया जाएगा। जेसीबी तैनात की गई हैं।
इंसेट
गैरसैंण में दर्ज की गई सबसे अधिक बारिश
गोपेश्वर। चमोली जिले में सोमवार से शुरू हुई बारिश मंगलवार को भी जारी रही। सबसे अधिक बारिश गैरसैंण ब्लॉक में दर्ज की गई। यहां 26 मिमी बारिश हुई जबकि चमोली जिले में 6.20 मिमी, ज्योतिर्मठ में 12 मिमी, कर्णप्रयाग में 12.30 मिमी, पोखरी में 3 मिमी, थराली में 4.20 मिमी और नंदानगर में 14 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
उफान पर बह रहीं नदियां
गोपेश्वर। बारिश के कारण चमोली जिले में नदियां भी उफान पर बह रही हैं। अलकनंदा का जलस्तर 953.45 मी तक पहुंच गया है जबकि खतरे का निशान 957.42 मी है। नंंदाकिनी का जलस्तर 867.27 मी है जबकि खतरे का निशान 871.50 मीटर और पिंडर नदी का जलस्तर 769.22 मी पर पहुंच गया है जबकि खतरे का निशान 773 मीटर है। जिलाधिकारी संदीप तिवारी ने नदियों के किनारे रह रहे गांवों के ग्रामीणों को भारी बारिश होने पर सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने की अपील की। संवाद
विज्ञापन
तेज बारिश के दौरान बदरीनाथ हाईवे पर आया मलबा
संवाद न्यूज एजेंसी
पीपलकोटी। भनेरपाणी और पागलनाला में मंगलवार को भी भारी मात्रा में मलबा आने से बदरीनाथ हाईवे बाधित हो गया। मंगलवार को शाम करीब चार बजे तेज बारिश के दौरान हाईवे पर मलबा आ गया जिससे वाहनों की आवाजाही ठप पड़ गई। पुलिस प्रशासन ने बदरीनाथ धाम और हेमकुंड साहिब की तीर्थयात्रा पर जा रहे करीब 700 तीर्थयात्रियों के वाहनों को जगह-जगह रोक लिया है। एनएचआईडीसीएल की ओर से हाईवे खोलने का काम जारी है। देर शाम तक भी हाईवे सुचारु नहीं हो पाया था।
भनेरपाणी में बदरीनाथ हाईवे बेहद खस्ताहालत में पहुंच गया है। यहां भूस्खलन होने से हाईवे पर दलदल बन गया है। लगातार पहाड़ी से मलबा गिरने का सिलसिला जारी है। मंगलवार को सुबह से ही यहां मलबा गिर रहा था और एनएचआईडीसीएल की पोकलेन और जेसीबी से मलबे को हटाकर वाहनों की आवाजाही करवाई जा रही थी। शाम करीब चार बजे पहाड़ी से भी भारी मात्रा में मलबा और बोल्डर हाईवे पर आ गया। ऐसे में हाईवे के दोनों ओर वाहनों को रोक दिया गया। पागलनाला के उफान पर आने से भी मलबा हाईवे पर आ गया। यहां जेसीबी से मलबा हटाया जा रहा है लेकिन नाले से मलबा आने का सिलसिला शाम तक जारी रहा। इधर एसडीएम राजकुमार पांडेय ने बताया कि हाईवे खोलने का काम जारी है। शाम होने के कारण करीब 700 तीर्थयात्रियों के वाहनों को जगह-जगह रोका गया है। हाईवे सुचारु होने पर उन्हें गंतव्य के लिए भेज दिया जाएगा।
विज्ञापन
चमोली : बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, 12 सड़कें बंद
गांव में ही कैद होकर रह गए 40 गांवों के ग्रामीण
संवाद न्यूज एजेंसी
गोपेश्वर। बारिश के कारण चमोली जिले में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। बदरीनाथ हाईवे और मलारी हाईवे के साथ ही 12 संपर्क मार्ग बंद हो गए हैं जिससे करीब 40 गांवों के ग्रामीणों की आवाजाही ठप पड़ गई है। ग्रामीण अपने गांवों में ही कैद होकर रह गए हैं।
विज्ञापन
जिले में सैंजी लगा-कुजौं मेकोट, निजमुला-गौणा, मैहलचौंरी-सिलिंगना-घनियाली, पैणी-कुजासू, खन्ना-कुजासू, पडेरगांव-पैरी, उज्जवलपुर-नैनी के साथ ही कई अन्य संपर्क मार्ग बंद हो गए हैं। कौंज पोथनी गांव के पैदल रास्ते भी भूस्खलन से क्षतिग्रस्त पड़े हैं जिससे ग्रामीणों को आवाजाही में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। झींझी गांव के ग्राम प्रधान मोहन सिंह का कहना है कि पाणा, ईराणी गांव को जोड़ने वाली सड़क बंद होने से लोग करीब सात किमी तक पैदल आवाजाही कर रहे हैं। नंदानगर ब्लॉक के पैरी, सुतोल, कनोल क्षेत्र को जोड़ने वाला पडेरगांव-पैरी मार्ग भी जगह-जगह भूस्खलन होने से बंद है। वहीं जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदकिशोर जोशी ने बताया कि मौसम सामान्य होने पर सड़कों को खोल दिया जाएगा। जेसीबी तैनात की गई हैं।
इंसेट
गैरसैंण में दर्ज की गई सबसे अधिक बारिश
गोपेश्वर। चमोली जिले में सोमवार से शुरू हुई बारिश मंगलवार को भी जारी रही। सबसे अधिक बारिश गैरसैंण ब्लॉक में दर्ज की गई। यहां 26 मिमी बारिश हुई जबकि चमोली जिले में 6.20 मिमी, ज्योतिर्मठ में 12 मिमी, कर्णप्रयाग में 12.30 मिमी, पोखरी में 3 मिमी, थराली में 4.20 मिमी और नंदानगर में 14 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
उफान पर बह रहीं नदियां
गोपेश्वर। बारिश के कारण चमोली जिले में नदियां भी उफान पर बह रही हैं। अलकनंदा का जलस्तर 953.45 मी तक पहुंच गया है जबकि खतरे का निशान 957.42 मी है। नंंदाकिनी का जलस्तर 867.27 मी है जबकि खतरे का निशान 871.50 मीटर और पिंडर नदी का जलस्तर 769.22 मी पर पहुंच गया है जबकि खतरे का निशान 773 मीटर है। जिलाधिकारी संदीप तिवारी ने नदियों के किनारे रह रहे गांवों के ग्रामीणों को भारी बारिश होने पर सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने की अपील की। संवाद