बदरीनाथ धाम में मास्टर प्लान के तहत शुक्रवार से सरकारी भवनों का ध्वस्तीकरण कार्य शुरू हो गया है। धाम में 22 सरकारी भवनों को ध्वस्त किया जाना है। पहले चरण में नगर पंचायत, गढ़वाल मंडल विकास निगम, जीएमओ (गढ़वाल मोटर्स ऑनर्स), जल निगम, जल संस्थान, देवस्थानम बोर्ड, लोक निर्माण विभाग और राजस्व विभाग के भवन का ध्वस्तीकरण होगा।
मास्टर प्लान के तहत बदरीनाथ आस्था पथ और अन्य जगहों पर निर्मित सरकारी भवनों को ध्वस्त किया जाना है। बदरीनाथ पुलिस थाने के समीप तीन वर्ष पूर्व दो करोड़ की लागत से निर्मित बदरीश भवन का ध्वस्तीकरण भी होगा। केदारनाथ की तर्ज पर बदरीनाथ धाम को भी मास्टर प्लान के तहत विकसित करना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल है, जिसे देखते हुए शासन-प्रशासन मास्टर प्लान के कार्यों को प्राथमिकता से करने में जुटा है। वहीं, सरकारी भवनों का ध्वस्तीकरण तो किया जा रहा है, लेकिन विभागों का संचालन कहां होगा, इसके लिए कोई योजना तैयार नहीं की गई है। यात्रा के दौरान बदरीनाथ में नगर पंचायत पर साफ-सफाई और दुकानों के आवंटन का जिम्मा रहता है, लेकिन नगर पंचायत के संचालन के लिए धाम में कहीं भवन नहीं मिल रहा है, जिससे अधिकारी परेशान हैं।