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Chamoli News: पहले दिन ही बदरीनाथ में रही अव्यवस्थाएं, यात्री हुए परेशान
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जानकारी के अभाव में गलत रास्तों में भटकते रहे श्रद्धालु
बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने के पहले दिन ही धाम में अव्यवस्थाओं के चलते यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ी। जानकारी के अभाव में यात्री गलत रास्तों पर जाते रहे, लेकिन उन्हें सही रास्ते की जानकारी देने को लेकर कोई व्यवस्था नहीं थी।
इस बार बदरीनाथ धाम की शुरू होने के दिन ही पुलिस और प्रशासन की यात्रा व्यवस्थाओं की हवा निकल गई। इस बार बदरीनाथ मंदिर में दर्शनों के लिए जाने और आने को लेकर नई व्यवस्था की गई थी। इसके तहत यात्रियों को माणा रोड से टैक्सी स्टैंड होते हुए देवलोक होटल से अलकनंदा नदी पर बने नए पुल से भेजा जा रहा है। मगर जानकारी के अभाव में यात्री पुराने रास्तों रावल निवास के पास और बामणी गांव से होते हुए मंदिर के निकट पहुंच रहे हैं। जहां बैरियर पर तैनात पुलिस कर्मी उन्हें रोक रहे हैं लेकिन सही रास्ता कहां है इसकी जानकारी कोई पुलिस कर्मी नहीं दे रहा है। कई यात्री घंटों तक इसी तरह परेशान दिखे। पंजाब से परिवार के साथ आए 70 वर्षीय ज्ञान चंद्र और 40 वर्षीय जितेंद्र पाल परिवार के साथ दर्शनों के लिए आए थे मगर जानकारी के अभाव में वह गलत रास्ते से मंदिर की ओर आ गए। उनके साथ बड़ी संख्या में अन्य यात्री भी पहुंचे लेकिन उन्हें पुलिस ने बैरियर पर रोक दिया।
बैरियर और मंदिर के पास ही दिखी पुलिस
पुलिस ने यात्रा शुरू होने से पहले दावा किया था कि बदरीनाथ धाम में चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात रहेगी। यात्रियों को जानकारी देने के लिए साइन बोर्ड लगाए जाएंगे लेकिन धाम में सिर्फ बैरियर और मंदिर परिसर के आसपास ही पुलिस दिखी।
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भजन की प्रस्तुति नहीं दे पाईं माणा की महिलाएं
इस बार पुलिस ने माणा गांव की महिलाओं को मंदिर परिसर में नहीं जाने दिया, जिससे वे भजन की प्रस्तुति नहीं दे पाईं। माणा गांव की माहेश्वरी, पार्वती, इंदू, चंदू और मोनिका ने बताया कि उनका कपाट खुलने के समय भजनों की प्रस्तुति का कार्यक्रम था लेकिन पुलिस ने उन्हें बैरियर से आगे नहीं जाने दिया। उनके साथ की कुछ महिलाएं अंदर चली गईं, लेकिन वे बाहर ही रह गईं। उन्होंने पुलिस की इस व्यवस्था पर नाराजगी जताई।
बदरीनाथ में पुलिस कर्मियों पर अभद्रता का आरोप
ब्रह्म कपाल तीर्थ पुरोहित बृजेश सती ने आरोप लगाया कि बदरीनाथ मंदिर में यात्रा व्यवस्था बनाने के लिए लगाए गए पुलिस कर्मी यात्रियों के साथ अभद्रतापूर्ण व्यवहार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कुछ पुलिस कर्मी बदरीनाथ मंदिर में खुलेआम मोबाइल से वीडियो बनाते रहे जबकि मंदिर परिसर के अंदर वीडियो बनाना प्रतिबंधित है। शिक्षक डॉ. भगवती प्रसाद पुरोहित ने बताया कि उनकी पत्नी मंगला पुरोहित का मोबाइल फोन चोरी हो गया। कई अन्य तीर्थयात्रियों के मोबाइल फोन भी चोरी हुए लेकिन पुलिस को सूचना देने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
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बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने के पहले दिन ही धाम में अव्यवस्थाओं के चलते यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ी। जानकारी के अभाव में यात्री गलत रास्तों पर जाते रहे, लेकिन उन्हें सही रास्ते की जानकारी देने को लेकर कोई व्यवस्था नहीं थी।
इस बार बदरीनाथ धाम की शुरू होने के दिन ही पुलिस और प्रशासन की यात्रा व्यवस्थाओं की हवा निकल गई। इस बार बदरीनाथ मंदिर में दर्शनों के लिए जाने और आने को लेकर नई व्यवस्था की गई थी। इसके तहत यात्रियों को माणा रोड से टैक्सी स्टैंड होते हुए देवलोक होटल से अलकनंदा नदी पर बने नए पुल से भेजा जा रहा है। मगर जानकारी के अभाव में यात्री पुराने रास्तों रावल निवास के पास और बामणी गांव से होते हुए मंदिर के निकट पहुंच रहे हैं। जहां बैरियर पर तैनात पुलिस कर्मी उन्हें रोक रहे हैं लेकिन सही रास्ता कहां है इसकी जानकारी कोई पुलिस कर्मी नहीं दे रहा है। कई यात्री घंटों तक इसी तरह परेशान दिखे। पंजाब से परिवार के साथ आए 70 वर्षीय ज्ञान चंद्र और 40 वर्षीय जितेंद्र पाल परिवार के साथ दर्शनों के लिए आए थे मगर जानकारी के अभाव में वह गलत रास्ते से मंदिर की ओर आ गए। उनके साथ बड़ी संख्या में अन्य यात्री भी पहुंचे लेकिन उन्हें पुलिस ने बैरियर पर रोक दिया।
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बैरियर और मंदिर के पास ही दिखी पुलिस
पुलिस ने यात्रा शुरू होने से पहले दावा किया था कि बदरीनाथ धाम में चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात रहेगी। यात्रियों को जानकारी देने के लिए साइन बोर्ड लगाए जाएंगे लेकिन धाम में सिर्फ बैरियर और मंदिर परिसर के आसपास ही पुलिस दिखी।
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भजन की प्रस्तुति नहीं दे पाईं माणा की महिलाएं
इस बार पुलिस ने माणा गांव की महिलाओं को मंदिर परिसर में नहीं जाने दिया, जिससे वे भजन की प्रस्तुति नहीं दे पाईं। माणा गांव की माहेश्वरी, पार्वती, इंदू, चंदू और मोनिका ने बताया कि उनका कपाट खुलने के समय भजनों की प्रस्तुति का कार्यक्रम था लेकिन पुलिस ने उन्हें बैरियर से आगे नहीं जाने दिया। उनके साथ की कुछ महिलाएं अंदर चली गईं, लेकिन वे बाहर ही रह गईं। उन्होंने पुलिस की इस व्यवस्था पर नाराजगी जताई।
बदरीनाथ में पुलिस कर्मियों पर अभद्रता का आरोप
ब्रह्म कपाल तीर्थ पुरोहित बृजेश सती ने आरोप लगाया कि बदरीनाथ मंदिर में यात्रा व्यवस्था बनाने के लिए लगाए गए पुलिस कर्मी यात्रियों के साथ अभद्रतापूर्ण व्यवहार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कुछ पुलिस कर्मी बदरीनाथ मंदिर में खुलेआम मोबाइल से वीडियो बनाते रहे जबकि मंदिर परिसर के अंदर वीडियो बनाना प्रतिबंधित है। शिक्षक डॉ. भगवती प्रसाद पुरोहित ने बताया कि उनकी पत्नी मंगला पुरोहित का मोबाइल फोन चोरी हो गया। कई अन्य तीर्थयात्रियों के मोबाइल फोन भी चोरी हुए लेकिन पुलिस को सूचना देने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई है।