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चमोली हिमस्खलन की आपबीती : बेहद भयावह था बर्फ का बवंडर, आंखों के सामने अब तक तैर रहा है खौफनाक मंजर
Mon, 03 Mar 2025 05:30 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, देहरादून
अमर उजाला नेटवर्क, देहरादून
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Mon, 03 Mar 2025 05:30 AM IST
सार
श्रमिक लक्ष्मण सिंह ने बताया कि बर्फ का बवंडर बेहद भयावह था। वह खौफनाक मंजर अभी तक आंखों के सामने तैर रहा है। कड़ाके की ठंड में मानो शरीर साथ छोड़ रहा था। उस समय ऐसा लगा कि बच नहीं पाएंगे...
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माणा कैंप के पास भारी हिमस्खलन में दबे मजदूरों का रेस्क्यू...
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
उत्तराखंड के चमोली जिले में माणा गांव के पास हिमस्खलन की चपेट में आए सभी लोगों को ढूंढ लिया गया है। इनमें से 46 सुरक्षित हैं, जबकि आठ की मौत हो गई। रविवार को लापता चारों श्रमिकों के शव रेस्क्यू टीम ने बरामद कर लिए। चार श्रमिकों के शव शनिवार को बरामद हो गए थे। इस बीच सुरक्षित बचे लोगों ने जो आपबीती सुनाई है, वह डरा देने वाली है। श्रमिक लक्ष्मण सिंह ने बताया कि बर्फ का बवंडर बेहद भयावह था। वह खौफनाक मंजर अभी तक आंखों के सामने तैर रहा है। कड़ाके की ठंड में मानो शरीर साथ छोड़ रहा था। उस समय ऐसा लगा कि बच नहीं पाएंगे, लेकिन अब हम सुरक्षित हैं।
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देहरादून में पीआरओ (रक्षा) लेफ्टिनेंट कर्नल मनीष श्रीवास्तव ने बताया, सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के सभी 54 फंसे लोगों को निकाल लिया गया है। इसके साथ ही, बचाव अभियान पूरा हो गया है। 46 श्रमिक सेना के ज्योतिर्मठ स्थित अस्पताल में भर्ती हैं। इनमें तीन की हालत गंभीर है। एक श्रमिक को रीढ़ की हड्डी में चोट लगी थी, जिसे एयर एंबुलेंस से एम्स ऋषिकेश ले जाया गया है। रविवार को जिन श्रमिकों के शव निकाले गए, उनकी पहचान उत्तराखंड के अनिल कुमार (21), यूपी के अशोक (28), हिमाचल के हरमेश व देहरादून के अरविंद (43) के रूप में हुई है। पहले 55 श्रमिकों के फंसे होने की जानकारी आई थी। बाद में एक श्रमिक के घर पर होने की सूचना मिली थी।
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बचाव में जुटे थे 200 से ज्यादा जवान... रडार की भी ली मदद
अधिकारियों ने बताया कि बचाव अभियान में सेना, आईटीबीपी, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पुलिस की टीमें लगी थीं। बचाव दल में 200 से अधिक जवान शामिल थे। श्वान दस्ते के साथ ही ग्राउंड पेनिट्रेटिंग रडार, थर्मल इमेजिंग तकनीक का भी इस्तेमाल किया। बचाए गए श्रमिकों को अस्पताल तक पहुंचाने के लिए छह हेलिकॉप्टरों की भी सेवाएं ली गईं।
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लड्डू पंडित के हौसले की कहानी, बवंडर से बचकर निकले लोडर चालक ने बचाई 31 जिंदगियां
हिमस्खलन के दौरान लोडर चालक लड्डू कुमार पंडित ने अपनी सूझबूझ से 31 जिंदगियां बचा लीं। लड्डू ने बताया कि उसके टिनशेड में 23 लोग थे। बर्फ के बवंडर में सभी उसमें दब गए। वह किसी तरह बर्फ से निकले और बाहर आकर लोडर स्टार्ट किया। तब तक अन्य लोग भी बर्फ से निकलकर बाहर आ गए और लोडर में बैठकर आगे बढ़ने लगे। थोड़ा और आगे जाने पर आठ आैर लोग साथ आ गए। कुछ दूर आगे बढ़ने पर बर्फ का फिर जबरदस्त बवंडर आया। हम वहां से नहीं निकलते तो सभी उसमें दब जाते।