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छह साल से उधार के भवन पर चल रहा केवि
ब्यूरो/अमर उजाला, चमोली।
Updated Fri, 24 Feb 2017 10:28 PM IST
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केंद्रीय विद्यालय गोपेश्वर छह वर्षों से उधार के भवन पर चल रहा है। मौजूदा समय में विद्यालय स्वास्थ्य विभाग के पुराने भवन पर चल रहा है, लेकिन छात्र संख्या बढ़ने से कक्षा-कक्ष छोटे पड़ने लगे हैं और पढ़ाई में दिक्कतें आ रही हैं। विद्यालय का अभी तक अपना भवन नहीं बनने से विद्यालय इंटर स्तर पर उच्चीकृत नहीं हो पाया है।
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वर्ष 2010 में केंद्रीय विद्यालय गोपेश्वर का जीजीआईसी गोपेश्वर के पुराने भवन पर शुरू हुआ। भवन की जीर्णशीर्ण स्थिति को देखते हुए वर्ष 2013 में केवि पटियालधार में स्थित स्वास्थ्य विभाग के पुराने भवन पर शिफ्ट किया गया। तब से केवि वहीं चल रहा है।
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केंद्रीय विद्यालय भवन निर्माण के लिए लीसा फैक्ट्री बैंड के समीप भूमि चयन प्रक्रिया संपन्न हो गई है, लेकिन भवनों का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है। वर्तमान में केंद्रीय विद्यालय में 329 छात्र-छात्राएं हैं। छात्रों की बढ़ती संख्या के चलते अब स्वास्थ्य विभाग का भवन छोटा पड़ रहा है। इसे देखते हुए विद्यालय प्रबंधन ने चालू शिक्षण सत्र से पहली कक्षा में निर्धारित 40 सीट में से मात्र 14 सीट पर ही बच्चों का दाखिला किया है।
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अभिभावक ओम प्रकाश का कहना है कि विद्यालय का अपना भवन न बनने से छात्र-छात्राओं को पढ़ाई करने की दिक्कतें हो रही है। हाईस्कूल उत्तीर्ण करने के बाद छात्रों को दूसरे विद्यालयों में दाखिला लेना पड़ रहा है।
विद्यालय भवन निर्माण में हो रही देरी से दिक्कतें हो रही हैं। केंद्रीय विद्यालय संगठन की ओर से भवन निर्माण के लिए 47 करोड़ की धनराशि स्वीकृत हो गई है। कार्यदायी संस्था को शीघ्र कार्य शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। - राकेश पांडे, प्रभारी प्रधानाचार्य, केवि गोपेश्वर