{"_id":"ce11fc586f90cd033ae5b0f7280f19e4","slug":"blown-fuse-then-ten-days-power-cuts-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"फ्यूज उड़ा, तो दस दिनों तक बिजली गुल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फ्यूज उड़ा, तो दस दिनों तक बिजली गुल
ब्यूरो/अमर उजाला
Updated Fri, 10 Jul 2015 09:11 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नारायणबगड़ ब्लाक के उत्तरी कड़ाकोट पट्टी की 18 से अधिक ग्राम पंचायतों की बिजली व्यवस्था बदहाल बनी है। स्थिति यह है कि फ्यूज उड़ने पर दस दिनों तक बिजली आपूर्ति नहीं हो पा रही है। ग्रामीणों ने निगम से जल्द बिजली व्यवस्था सुचारु करने की मांग की है।
हरीश जोशी और सुशील कांति आदि ने बताया कि उत्तरीकड़ाकोट के जाख पाट्यूं, सैंज, खैंतोली, चिरखून, कोठली, भटियाणा, कफारतीर, सुनभि, कोथरा, भुलक्वाड़ी सहित आस पास की 18 ग्राम पंचायतों की बिजली व्यवस्था भगवान भरोसे है। करीब 40 किमी के दायरे में फैले इस क्षेत्र में एक ही लाइनमैन है।
ऐसे में एक फ्यूज उड़ने पर भी बिजली दस दिन के लिए गुल हो जाती है। ग्रामीणों ने बताया कि पिछले वर्ष दिसंबर माह में हुई बर्फबारी के बाद गांव में बिजली की लाइनें क्षतिग्रस्त हो गई थीं, जिस पर निगम दो माह में गांवों की लाइनें ठीक कर पाया।
विज्ञापन
नारायणबगड़ ब्लाक मुख्यालय से करीब 14 किमी पैदल दूरी पर बसे इन गांवों में जर्जर बिजली लाइनों और क्षतिग्रस्त पोलों को ठीक करने की मांग लंबे समय से की जा रही है। निगम के अधिकारी मामले में कार्रवाई नहीं कर रहे हैं, जिससे लोगों को बिजली समस्या से जूझना पड़ रहा है।
वहीं नारायणबगड़ डिवीजन के ईई अमित शर्मा ने बताया कि पिंडरघाटी के तीनों ब्लाक में पांच लाइनमैनों की नियुक्ति का प्रपोजल शासन में भेजा गया है। स्वीकृति मिलने पर कड़ाकोट को प्राथमिकता के आधार पर देखा जाएगा।
विज्ञापन
हरीश जोशी और सुशील कांति आदि ने बताया कि उत्तरीकड़ाकोट के जाख पाट्यूं, सैंज, खैंतोली, चिरखून, कोठली, भटियाणा, कफारतीर, सुनभि, कोथरा, भुलक्वाड़ी सहित आस पास की 18 ग्राम पंचायतों की बिजली व्यवस्था भगवान भरोसे है। करीब 40 किमी के दायरे में फैले इस क्षेत्र में एक ही लाइनमैन है।
विज्ञापन
ऐसे में एक फ्यूज उड़ने पर भी बिजली दस दिन के लिए गुल हो जाती है। ग्रामीणों ने बताया कि पिछले वर्ष दिसंबर माह में हुई बर्फबारी के बाद गांव में बिजली की लाइनें क्षतिग्रस्त हो गई थीं, जिस पर निगम दो माह में गांवों की लाइनें ठीक कर पाया।
विज्ञापन
नारायणबगड़ ब्लाक मुख्यालय से करीब 14 किमी पैदल दूरी पर बसे इन गांवों में जर्जर बिजली लाइनों और क्षतिग्रस्त पोलों को ठीक करने की मांग लंबे समय से की जा रही है। निगम के अधिकारी मामले में कार्रवाई नहीं कर रहे हैं, जिससे लोगों को बिजली समस्या से जूझना पड़ रहा है।
वहीं नारायणबगड़ डिवीजन के ईई अमित शर्मा ने बताया कि पिंडरघाटी के तीनों ब्लाक में पांच लाइनमैनों की नियुक्ति का प्रपोजल शासन में भेजा गया है। स्वीकृति मिलने पर कड़ाकोट को प्राथमिकता के आधार पर देखा जाएगा।