{"_id":"689359a52237383f680ad15e","slug":"badrinath-highway-reopened-after-20-hours-950-pilgrims-left-for-their-destination-gopeshwar-news-c-47-1-sdrn1001-114059-2025-08-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chamoli News: 20 घंटे बाद खुला बदरीनाथ हाईवे, 950 तीर्थयात्री गंतव्य रवाना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chamoli News: 20 घंटे बाद खुला बदरीनाथ हाईवे, 950 तीर्थयात्री गंतव्य रवाना
Wed, 06 Aug 2025 07:03 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
Updated Wed, 06 Aug 2025 07:03 PM IST
विज्ञापन
ज्योतिर्मठ में नृसिंह मंदिर को जाने वाला पैदल रास्ते हुआ ध्वस्त। संवाद
फोटो
पागलनाला और कंचनगंगा में आया था मलबा, भनेरपाणी में 30 मीटर हिस्सा खस्ताहाल
संवाद न्यूज एजेंसी
पीपलकोटी/गोपेश्वर। बदरीनाथ हाईवे पर करीब 20 घंटे बाद बुधवार को वाहनों की आवाजाही सुचारु हो गई। हाईवे खुलने पर यात्रा पड़ावों पर रोके गए लगभग 950 तीर्थयात्रियों को गंतव्य के लिए रवाना किया गया। हाईवे खुलने पर स्थानीय लोगों ने भी राहत की सांस ली।
भनेरपाणी, पागलनाला और कंचनगंगा में भारी मात्रा में मलबा आने से हाईवे मंगलवार को अपराह्न तीन बजे बाधित हो गया था। तेज बारिश के कारण हाईवे खोलने का काम धीमा रहा। बुधवार को बारिश के बीच एनएचआईडीसीएल और बीआरओ की ओर से हाईवे खोलने का काम शुरू किया गया और पूर्वाह्न करीब 11 बजे हाईवे सुचारु हो सका। भनेरपाणी में हाईवे का करीब 30 मीटर हिस्सा बेहद खस्ताहालत में पहुंच गया है। यहां फिलहाल हाईवे पर आए मलबे को हटाकर आवाजाही सुचारु की गई है। बारिश होने पर फिर से हाईवे बंद होने का खतरा बना हुआ है। चमोली के उपजिलाधिकारी आरके पांडेय ने बताया कि बदरीनाथ हाईवे सुचारु कर दिया गया है। पीपलकोटी और बदरीनाथ क्षेत्र में रोके गए तीर्थयात्रियों को उनके गंतव्य को भेज दिया गया है।
ग्रामीण पीठ पर लादकर ले जा रहे जरूरी सामग्री
गोपेश्वर। चमोली जिले में दो दिनों तक हुई भारी बारिश के बीच भू-धंसाव और भूस्खलन के कारण 18 संपर्क मोटर मार्ग बंद पड़े हैं। ऐसे में दुकानों में जरूरी वस्तुओं की कमी होने लगी है। ग्रामीण जरूरी सामान पीठ पर लादकर ले जा रहे हैं। सबसे अधिक सड़कें दशोली और नंदानगर में बाधित हैं। निजमुला घाटी में निजमुला-पाणा-ईराणी सड़क कई जगहों पर बाधित हो गई हैं। पाणा और ईराणी गांव के ग्रामीण करीब सात किलोमीटर की दूरी पैदल ही नाप रहे हैं। ईराणी गांव के पूर्व प्रधान मोहन सिंह नेगी का कहना है कि सड़कें बंद होने से गांवों की दुकानों में जरूरी वस्तुओं की कमी होने लगी है। ऐसे में लोग अपनी पीठ में लादकर जरूरी सामान ले जा रहे हैं। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदकिशोर जोशी का कहना है कि सभी ग्रामीण क्षेत्रों में पर्याप्त रसद है। बंद सड़कों को खोलने का काम चल रहा है। संवाद
विज्ञापन
गोपेश्वर और ज्योतिर्मठ में पैदल रास्ते हुए ध्वस्त
गोपेश्वर/ज्योतिर्मठ। तेज बारिश से कई जगहों पर पैदल रास्तों के पुश्ते क्षतिग्रस्त होने से लोगों को आवाजाही में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बुधवार को गोपेश्वर के राजकीय इंटर कॉलेज का पुश्ता टूटकर आम रास्ते पर आ गिरा। इससे लोगों को पत्थरों के ऊपर से ही आवाजाही करनी पड़ी। इधर ज्योतिर्मठ नगर में मुख्य बाजार से नृसिंह मंदिर जाने वाला पैदल मार्ग भी टूट गया है। मार्ग का पुश्ता ढहने से उसके नीचे पुरानी कच्ची दुकानें भी क्षतिग्रस्त हो गई हैं। हालांकि यह दुकानें कई समय से बंद हैं। नृसिंह मंदिर वार्ड के सभासद दीपक शाह ने बताया कि कुछ दिन पहले यहां रास्ते पर दरारें आ गई थीं। लगातार हो रही बारिश के कारण रास्ता ध्वस्त हो गया है। संवाद
विज्ञापन
पागलनाला और कंचनगंगा में आया था मलबा, भनेरपाणी में 30 मीटर हिस्सा खस्ताहाल
संवाद न्यूज एजेंसी
पीपलकोटी/गोपेश्वर। बदरीनाथ हाईवे पर करीब 20 घंटे बाद बुधवार को वाहनों की आवाजाही सुचारु हो गई। हाईवे खुलने पर यात्रा पड़ावों पर रोके गए लगभग 950 तीर्थयात्रियों को गंतव्य के लिए रवाना किया गया। हाईवे खुलने पर स्थानीय लोगों ने भी राहत की सांस ली।
भनेरपाणी, पागलनाला और कंचनगंगा में भारी मात्रा में मलबा आने से हाईवे मंगलवार को अपराह्न तीन बजे बाधित हो गया था। तेज बारिश के कारण हाईवे खोलने का काम धीमा रहा। बुधवार को बारिश के बीच एनएचआईडीसीएल और बीआरओ की ओर से हाईवे खोलने का काम शुरू किया गया और पूर्वाह्न करीब 11 बजे हाईवे सुचारु हो सका। भनेरपाणी में हाईवे का करीब 30 मीटर हिस्सा बेहद खस्ताहालत में पहुंच गया है। यहां फिलहाल हाईवे पर आए मलबे को हटाकर आवाजाही सुचारु की गई है। बारिश होने पर फिर से हाईवे बंद होने का खतरा बना हुआ है। चमोली के उपजिलाधिकारी आरके पांडेय ने बताया कि बदरीनाथ हाईवे सुचारु कर दिया गया है। पीपलकोटी और बदरीनाथ क्षेत्र में रोके गए तीर्थयात्रियों को उनके गंतव्य को भेज दिया गया है।
विज्ञापन
ग्रामीण पीठ पर लादकर ले जा रहे जरूरी सामग्री
गोपेश्वर। चमोली जिले में दो दिनों तक हुई भारी बारिश के बीच भू-धंसाव और भूस्खलन के कारण 18 संपर्क मोटर मार्ग बंद पड़े हैं। ऐसे में दुकानों में जरूरी वस्तुओं की कमी होने लगी है। ग्रामीण जरूरी सामान पीठ पर लादकर ले जा रहे हैं। सबसे अधिक सड़कें दशोली और नंदानगर में बाधित हैं। निजमुला घाटी में निजमुला-पाणा-ईराणी सड़क कई जगहों पर बाधित हो गई हैं। पाणा और ईराणी गांव के ग्रामीण करीब सात किलोमीटर की दूरी पैदल ही नाप रहे हैं। ईराणी गांव के पूर्व प्रधान मोहन सिंह नेगी का कहना है कि सड़कें बंद होने से गांवों की दुकानों में जरूरी वस्तुओं की कमी होने लगी है। ऐसे में लोग अपनी पीठ में लादकर जरूरी सामान ले जा रहे हैं। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदकिशोर जोशी का कहना है कि सभी ग्रामीण क्षेत्रों में पर्याप्त रसद है। बंद सड़कों को खोलने का काम चल रहा है। संवाद
विज्ञापन
गोपेश्वर और ज्योतिर्मठ में पैदल रास्ते हुए ध्वस्त
गोपेश्वर/ज्योतिर्मठ। तेज बारिश से कई जगहों पर पैदल रास्तों के पुश्ते क्षतिग्रस्त होने से लोगों को आवाजाही में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बुधवार को गोपेश्वर के राजकीय इंटर कॉलेज का पुश्ता टूटकर आम रास्ते पर आ गिरा। इससे लोगों को पत्थरों के ऊपर से ही आवाजाही करनी पड़ी। इधर ज्योतिर्मठ नगर में मुख्य बाजार से नृसिंह मंदिर जाने वाला पैदल मार्ग भी टूट गया है। मार्ग का पुश्ता ढहने से उसके नीचे पुरानी कच्ची दुकानें भी क्षतिग्रस्त हो गई हैं। हालांकि यह दुकानें कई समय से बंद हैं। नृसिंह मंदिर वार्ड के सभासद दीपक शाह ने बताया कि कुछ दिन पहले यहां रास्ते पर दरारें आ गई थीं। लगातार हो रही बारिश के कारण रास्ता ध्वस्त हो गया है। संवाद