फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Chamoli News ›   पांडव चौक में स्थापित की मोरी डाली

पांडव चौक में स्थापित की मोरी डाली

Mon, 31 Dec 2018 10:19 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Mon, 31 Dec 2018 10:19 PM IST
विज्ञापन
पांडव चौक में स्थापित की मोरी डाली

विज्ञापन
पीपलकोटी। बंड क्षेत्र के किरुली गांव में दस वर्ष बाद हो रहे पांडव नृत्य के दौरान सोमवार को पांडव चौक में मोरी डाली (धार्मिक पौधा) स्थापित की गई। मान्यता है कि राजा पांडु का श्राद्ध करने के लिए पांडव परिवार जंगल से मोरी डाली की पौध लेकर आते हैं। इस दौरान पांडव परिवार राक्षसों का वध भी करते हैं। मोरी डाली स्थापित करने के बाद पांडव परिवार की पूजा की गई। इस मौके पर प्रेम सिंह चौहान, दर्शन सिंह फरस्वाण, जमन सिंह फरस्वाण, सब्बल सिंह, शिशुपाल सिंह, राजेंद्र सिंह, सुजान सिंह, ताजबर सिंह, रघुनाथ सिंह, कलम सिंह, भूपेंद्र बिष्ट और बलवंत कंडारी आदि मौजूद थे।


खेती और ढमकर में पांडव नृत्य की धूम
आदिबदरी। भारी ठंड के बावजूद खेती और ढमकर में आयोजित पांडव लीला देखने के लिए ग्रामीण पहुंच रहे हैं। खेती में आयोजित पांडव लीला में भूमियाल देवता की पूजा के साथ पांडव नृत्य शुरू हुआ। पांडव के पश्वाओं ने पांडव चौक पर देवनृत्य किया। इस दौरान बेड़ी, छिमटा, रंडोली, मालसी, सिराणा सहित दर्जनों गांवों के ग्रामीण बड़ी संख्या में आयोजन देखने पहुंचे। वहीं दूसरी ओर ढमकर गांव में पांडव लीला के तीसरे दिन पांडवों ने धनुष क्रीड़ा का अद्भुत प्रदर्शन किया। रविवार रात को ढमकर गांव में पांडव नृत्य देखने के लिए नगली, पज्याणा, स्यालकोट, हरगांव, तलसारी, रंवारी सहित कई गांवों के ग्रामीण पहुंचे। इस अवसर पर विनोद नेगी, गुलाब सिंह, नंदा सिंह, दिनेश सिंह, त्रिलोक भंडारी, पदम विष्ट, ज्योति रावत, भरत रावत और मनोज खंडूड़ी आदि मौजूद थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed