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मडुवाडीह में इस बार नहीं लगेगा भेला का मेला
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संवाद न्यूज़ एजेंसी
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वाराणसी।
मडुवाडीह में दीपावली की रात हर वर्ष लगने वाला भेला का मेला नहीं लगेगा।मेला संयोजक आनन्द मौर्या ने बताया कि महामारी से जनता को बचाने के लिए यह निर्णय लिया गया है।आनन्द मौर्या ने बताया कि भेला के मेला के आयोजन को लेकर मडुवाडीह स्थित भारत नर्सरी में एक बैठक हुई।जिसमें कोरोना को देखते हुए मेले के आयोजन को लेकर सुझाव लिए गए।मडुवाडीह थानाप्रभारी महेंद्र राम प्रजापति ने कहा कि भेला के मेला में आने वाली भीड़ से कोविड प्रोटोकाल का शत अनुपालन करा पाना मुश्किल होगा।ग्राम प्रधान शशि मौर्या के सुझाव पर लोगों की सुरक्षा को देखते हुए इस वर्ष भेला का मेला स्थगित करने का निर्णय लिया गया। विभिन्न जगहों पर आयोजित होने वाले मेला जैसी पारंपरिक गतिविधियां स्थगित भी हुईं है। ज्ञात हो कि मंडुआडीह के मांडवी तालाब के पश्चिमी छोर पर प्रत्येक वर्ष मडुवाडीह ग्राम सभा के संयोजन मे दीपावली की रात भेले का मेला का आयोजन होता है।मेले में आसपास के जिलों जैसे मीरजापुर, चंदौली,भदोही ,प्रतापगढ आदि के घने जंगलो में मिलने वाले भेले के फल को लाया जाता है। यह फल श्वांस रोगियों के लिए रामबाण की तरह काम करता है।आधुनिक चिकित्सा के दौर में भी सैकड़ो वर्षो से लगने वाले इस मेले में भेला के फल से निकलने वाले रस (दूध) के सेवन मात्र से पुराने से पुराने श्वास संबंधी बीमारिया दमा, अस्थमा के अलावा गठिया आदि दूर होती हैं।मेले में घरेलू प्रयोग जैसे सुप,दौरी, चलनी आदि समान को खरीददारी करने को लेकर हजारों की भीड़ आसपास के जनपदों से जुटती है।