अब हरी मिर्च का तैयार होगा पाउडर: वाराणसी के आईआईवीआर का हिमाचल की कंपनी से हुआ करार, किसानों की बढ़ेगी आय
वाराणसी स्थित आईआईवीआर ने हरी मिर्च से पाउडर तैयार करने के लिए हिमाचल प्रदेश की कंपनी के साथ करार किया है।
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अभी तक किसान लाल मिर्च का पाउडर बनाकर बाजार में बेच रहे थे। जल्द की किसान हरी मिर्च का पाउडर तैयार कर सकेंगे। इसके लिए वाराणसी स्थित भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान (आईआईवीआर) ने हरी मिर्च से पाउडर तैयार करने के लिए हिमाचल प्रदेश की कंपनी के साथ करार किया।
हरी मिर्च का पाउडर बनाने की तकनीक का पेटेंट करा चुका आईआईवीआर हिमाचल प्रदेश की मेसेर्स होलटेन किंग कंपनी के साथ किसानों को प्रशिक्षित कर हरी मिर्च का पाउडर तैयार कराएगा। संस्थान के निदेशक डॉ. तुषार कांति बेहेरा ने बताया कि हरी मिर्च का पाउडर बनाने की तकनीक विकसित की गई है, जिसका पेटेंट भी आईआईवीआर के नाम से है।
हरी मिर्च के पाउडर में 30 प्रतिशत से ज्यादा विटमिन सी
अभी तक बाजार में आम तौर पर लाल मिर्च का पाउडर उपलब्ध है, जबकि हरी मिर्च का पाउडर नहीं मिलता। बताया कि संस्थान की इस तकनीक से तैयार हरी मिर्च के पाउडर में 30 प्रतिशत से अधिक विटमिन सी 94 से 95 प्रतिशत क्लोरोफिल और 65 से 70 प्रतिशत कैप्ससिन रहता है और इस प्रकार से तैयार हरी मिर्च पाउडर को सामान्य तापमान में कई महीनों तक सुरक्षित जा सकता है।
किसानों से कंपनी सीधे खरीदेगी हरी मिर्च
डॉ. तुषार कांति बेहेरा ने बताया कि हरी मिर्च का पाउडर तैयार करने के लिए पीपीपी (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल पर कंपनी से करार किया गया। पूर्वांचल के किसानों से कंपनी खेतों हरी मिर्च सीधे खरीदेगी। जिससे किसानों के उत्पादों की मांग बढ़ेगी और किसानों को मंडी के अलावा व्यापार का विकल्प सुगम होगा।