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UP: किसानों और निर्यातकों की हुई बैठक, बढ़ेगा बासमती का निर्यात, खुश्बू और स्वाद के लिए है मशहूर

Mon, 05 Sep 2022 11:30 PM IST
मेरठ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर Published by: मेरठ ब्यूरो Updated Mon, 05 Sep 2022 11:30 PM IST
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Farmers and exporters meeting, Basmati exports will increase
भारतीय बासमती चावल - फोटो : अमर उजाला
सहारनपुर में बासमती धान के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए सोमवार को किसानों और निर्यातकों की ऑनलाइन बैठक का आयोजन किया गया। इसमें जनपद के पांच कृषक उत्पादक संघों के प्रतिनिधियों और 13 निर्यातकों ने भाग लिया। निर्यातकों ने किसानों से निर्यात योग्य बासमती धान की गुणवत्ता आदि के बारे में विस्तार से जानकारी दी। जनपद में करीब 250 हेक्टेयर क्षेत्रफल में पांच कलस्टर बनाकर निर्यात योग्य बासमती धान की खेती जा रही है।
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प्रदेश सरकार बासमती चावल के निर्यात को प्रोत्साहन दे रही है। जनपद के कृषक उत्पादक संगठन पांच कलस्टर बनाकर करीब 250 हेक्टेयर क्षेत्रफल में निर्यात योग्य बासमती की खेती करा रहे हैं। कृषि विपणन विभाग अपने उत्पादन का 30 प्रतिशत निर्यात करने पर कृषक उत्पादक संगठनों से जुडे़ किसानों को 10 लाख रुपये का अनुदान भी देगा।
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अपनी खुश्बू और स्वाद के लिए मशहूर भारतीय बासमती चावल दुनिया भर में खासा पसंद किया जाता है। इसे देखते हुए प्रदेश सरकार बासमती चावल के निर्यात पर जोर दे रही है। निर्यात होने से न सिर्फ किसानों को उनके बासमती धान का लाभकारी मूल्य मिल सकेगा, बल्कि देश को विदेशी मुद्रा भी प्राप्त होगी।

अन्न संपदा कृषक उत्पादक संगठन नागल ने 50.15 हेक्टेयर, ग्राउंड-टू फार्मर कृषक उत्पादक संगठन रामपुर मनिहारान ने 51 हेक्टेयर और मोक्षार्थ फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी नानौता ने 50.15 हेक्टेयर क्षेत्रफल में बासमती धान की रोपाई कराई है। इसके अलावा बासमती धान की दो अन्य कलस्टर भी शामिल हैं।

खाड़ी देश, यूरोप एवं अमेरिका में है काफी मांग
बासमती धान की खाड़ी देशों से लेकर यूरोप और अमेरिका आदि देशों में काफी मांग है। यहां से बासमती चावल का सबसे अधिक निर्यात खाड़ी के देशों, दुबई, बहरीन, सउदी अरब, कुवैत, यूनाईटेड किंगडम, अमेरिका आदि देशों में होता है। यहां पर बासमती की पूसा बासमती -1121, पूसा बासमती-01 प्रजातियों के चावल को सर्वाधिक पसंद किया जाता है।

प्रदेश भर के कृषक सोमवार को उत्पादक संगठनों और 13 निर्यातकों के बीच ऑनलाइन बैठक कराई गई। इसमें जनपद के पांच कृषक उत्पादक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल रहे। इसमें कृषि विपणन एवं विदेश व्यापार विभाग के निदेशक ऋषिरेंद्र कुमार ने भी भागेदारी की। निर्यातकों ने निर्यात योग्य बासमती के अंतरराष्ट्रीय मानकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। - सुनील सोम, वरिष्ठ निरीक्षक कृषि विपणन एवं विदेश व्यापार विभाग।

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