फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Rampur News ›   Ram Mandir: Karsevak of Rampur said - will go to Ayodhya to see Ramlala

Ram Mandir: रामपुर में रामोत्सव के लिए माहौल हुआ राममय, कारसेवक बोले- रामलला के दर्शन के लिए जाएंगे अयोध्या

Sat, 20 Jan 2024 03:15 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, रामपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रामपुर Published by: मुरादाबाद ब्यूरो Updated Sat, 20 Jan 2024 03:15 AM IST
सार

रामपुर में रामोत्सव के लिए सभी मंदिरों को सजाया जा रहा है। इसकी तैयारी जोरों पर की जा रही है। बाजारों में रामनाम के बने वस्त्रों और मंदिर के मॉडलों की खूब बिक्री हो रही है। कारसेवकों ने बताया कि वह रामलला के दर्शन को अयोध्या अवश्य जाएंगे।

विज्ञापन
Ram Mandir: Karsevak of Rampur said - will go to Ayodhya to see Ramlala
रामपुर के कार सेवक अयोध्या जाने के लिए तैयार - फोटो : संवाद

विस्तार

अयोध्या में बने भव्य राममंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा का समय करीब आ रहा है। इसके साथ ही क्षेत्र में रामोत्सव को लेकर माहौल राममय हो रहा है। मंदिरों के आसपास पास सफाई अभियान चलाया जा रहा है। साथ ही मंदिरों में सजावट की जा रही है। रामभक्त 22 जनवरी को दीपोत्सव मनाने की तैयारी कर रहे हैं।

विज्ञापन


ऐसे में राममंदिर आंदोलन में शामिल रहे कारसेवक अपने संघर्ष को याद कर रहे हैं। उनका कहना है कि कारसेवा के लिए तो कई बार अयोध्या गए अब रामलला के दर्शन करने जाएंगे। राममंदिर आंदोलन में शामिल रहे सुरेश बाबू गुप्ता बताते हैं कि राममंदिर आंदोलन की शुरुआत मुरादाबाद से की गई थी।
विज्ञापन


इसके बाद बरेली में कार्यक्रम हुआ था और फिर दिल्ली में विराट हिंदू समाज के बैनर तले कार्यक्रम आयोजित हुआ था। इन सभी आंदोलन में मेरे साथ शाहबाद के तमाम कारसेवक शामिल हुए थे। उसके बाद अयोध्या में हुए आंदोलन में सुरेश बाबू गुप्ता और भूकन लाल समेत तमाम कारसेवक कई बार अयोध्या गए। 1990 और 1992 में तमाम कारसेवक जेल भी भेजे गए। अब राममंदिर बनने के बाद रामोत्सव मनाने का समय है।
विज्ञापन
विज्ञापन


अयोध्या में 1990 में हुए संघर्ष के बाद शाहबाद से 50 लोग रवाना हुए थे। तत्कालीन मिलक के कोतवाल कालीचरन ने सभी रामभक्तों को गिरफ्तार कर लिया था। रामपुर की अस्थायी जेल मुर्तजा स्कूल में 50 दिन कैद रखा था। छह दिसंबर 1992 को अयोध्या में शाहबाद के करीब दो सौ लोग कारसेवा के लिए मौजूद थे। मैं दिल्ली में जब आंदोलन के लिए शामिल होने के लिए गया था तो रेलवे स्टेशन पर पुलिस ने सभी कारसेवकों को रोक लिया था। मंदिर के लिए बहुत संघर्ष किया। अब बेहद खुशी है कि मंदिर बनकर तैयार हो गया है। - सुरेश बाबू गुप्ता, कारसेवक


अयोध्या में कारसेवा के लिए मेरे साथ सैकड़ों लोग गए थे। मैंने वहां 10 दिन रहकर राम चबूतरे की कारसेवा की थी। राममंदिर आंदोलन के दौरान कई बार जेल गया। मंदिर से जुड़े हर आंदोलन में शामिल रहा। अब जब राममंदिर बनकर तैयार हो गया और रामलला की प्राण प्रतिष्ठा होने जा रही है तो ऐसा लग रहा है कि जीवन का एक बड़ा उद्देश्य पूर्ण हो गया है। जल्द ही अयोध्या जाकर रामलला के दर्शन करूंगा। - भूकन लाल, कारसेवक

 

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed