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ग्रामीण बैंकों में नहीं हुआ काम, मायूस लौटे खाताधारक
अमर उजाला ब्यूरो/ रायबरेली
Updated Sat, 12 Mar 2016 12:51 AM IST
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युनाइटेड फोरम ऑफ आरआरबी यूनियंस के आह्वान पर बड़ौदा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक में दूसरे दिन भी हड़ताल रही। इस दौरान बैंक के अधिकारी और कर्मचारियों ने कार्य का बहिष्कार करते हुए सिविल लाइंस स्थित प्रधान कार्यालय में धरना दिया।
वहीं बैंकों में काम नहीं होने से खाताधारकों को मायूस होकर लौटना पड़ा। नेशनल फेडरेशन ऑफ आरआरबी ऑफीसर्स के राष्ट्रीय अध्यक्ष कामरेड सगुण शुक्ला ने कहा कि सरकार का रवैया नकारात्मक और कर्मचारी विरोधी है।
राष्ट्रीयकृत बैंकों में अगस्त 2014 में मृतक आश्रितों को नौकरी के आदेश जारी किए गए। वहीं ग्रामीण बैंकों में इसके लिए मना कर रही है। सरकार का यह दोहरा रवैया बर्दाश्त नहीं किया किया जाएगा। पेंशन की समानता कानूनी हक है।
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इसके लिए हर संघर्ष करने को तैयार हैं। महामंत्री रमेश मिश्र ने हड़ताल को सफल करार देते हुए कहा कि आने वाले समय में आंदोलन को और अधिक तेज किया जाएगा। नेतृत्व लालचंद्र त्रिपाठी और संचालन प्रवीण पांडेय ने किया। इस मौके पर विनोद शुक्ला, दुर्गेश वाजपेयी, यूडी मिश्रा, पीसी जेना आदि मौजूद रहे।
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वहीं बैंकों में काम नहीं होने से खाताधारकों को मायूस होकर लौटना पड़ा। नेशनल फेडरेशन ऑफ आरआरबी ऑफीसर्स के राष्ट्रीय अध्यक्ष कामरेड सगुण शुक्ला ने कहा कि सरकार का रवैया नकारात्मक और कर्मचारी विरोधी है।
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राष्ट्रीयकृत बैंकों में अगस्त 2014 में मृतक आश्रितों को नौकरी के आदेश जारी किए गए। वहीं ग्रामीण बैंकों में इसके लिए मना कर रही है। सरकार का यह दोहरा रवैया बर्दाश्त नहीं किया किया जाएगा। पेंशन की समानता कानूनी हक है।
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इसके लिए हर संघर्ष करने को तैयार हैं। महामंत्री रमेश मिश्र ने हड़ताल को सफल करार देते हुए कहा कि आने वाले समय में आंदोलन को और अधिक तेज किया जाएगा। नेतृत्व लालचंद्र त्रिपाठी और संचालन प्रवीण पांडेय ने किया। इस मौके पर विनोद शुक्ला, दुर्गेश वाजपेयी, यूडी मिश्रा, पीसी जेना आदि मौजूद रहे।