फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mirzapur News ›   Rice mills dump 200 million

मिलों में डंप है 200 करोड़ का चावल

Sat, 12 Mar 2016 12:41 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मिर्जापुर।
ब्यूरो/अमर उजाला, मिर्जापुर। Updated Sat, 12 Mar 2016 12:41 AM IST
विज्ञापन
धान खरीद विगत 28 फरवरी को समाप्त हो गई है। इसके बाद से मिलों में तैयार 200 करोड़ रुपये मूल्य का चावल डंप पड़ा हुआ है, जो सड़ने की कगार पर है।   शासन द्वारा जिले को रैक नहीं मिल रही है। इसके कारण मिलों से चावल बाहर नहीं भेजा जा रहा है।
विज्ञापन



मिलों में रखा चावल अन्य प्रदेशों को नहीं भेजे जाने  से आगामी गेहूं खरीद भी प्रभावित हो सकती है। वहीं मिलों से गेहूं के नहीं उठने से धान विपणन निरीक्षकों में काफी रोष व्याप्त है। सीएमआर का उठान नहीं होने  पर गेहूं खरीद नहीं करने की चेतावनी दी है। 
विज्ञापन



जिले में धान खरीद के लिए खाद्य विभाग के 11, पीसीएफ के 24, यूपी एग्रो के दो, कर्मचारी कल्याण निगम के चार, सहकारी समिति के छह, नेकाफ के दो  और भारतीय खाद्य निगम के दो तथा 50 आढ़तों सहित 101 केंद्र खोले गए थे। इन केंद्रों पर 28 फरवरी तक क्रय केंद्र प्रभारियों और विपणन निरीक्षकों द्वारा धान खरीद किया गया। 
विज्ञापन
विज्ञापन



धान  खरीद के बाद कुटाई के लिए मिलरों को भेजा गया। जिसके  बाद मिलों में लगभग 200 करोड़ रुपये का चावल तैयार है। मिलों  में कुछ चावल तो अंदर तो वहीं कुछ चावल बाहर खुले में          रखा गया है। जबकि अनाज के भंडारण की जिम्मेदारी एफसीआई की होती है।  अधिक चावल होने के कारण चावल को अभी तक एफसीआई ने नहीं लिया है।      


  जिला प्रशासन के ढुलमुल रवैए के कारण जिले से चावल की कोई रैक बाहर नहीं भेजी जा रही है, जबकि जिले से एक बार में लगभग 60 हजार कुंतल चावल की रैक को बाहर भेजा जा  सकता है। 


वहीं समुचित रख रखाव नहीं होने और रैक के बाहर नहीं भेजे जाने के कारण चावल के खराब होने की आशंका है। जिसके चलते विपणन निरीक्षकों को आशंका सता रही है कि चावल के खराब होने के भय           से मिलर चावल को खुले बाजार में बेच सकते हैं। जिसके बाद सरकार को चावल और धन  दोनों का नुकसान उठाना पड़ेगा।



वहीं मिलरों द्वारा सरकार को चावल नहीं देने की दशा में    बकाए की वसूली विपणन निरीक्षकों से की जाएगी। जिससे विपणन निरीक्षक काफी चिंतित हैं। विपणन निरीक्षकों ने मिलों से चावल (सीएमआर) का उठान नहीं होने पर गेहूं क्रय नहीं करने की चेतावनी दी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed