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आसमान से अन्नदाताओं पर फिर बरसी आफत
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 13 Mar 2016 12:08 AM IST
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कौशाम्बी में शनिवार को फिर अन्नदाताओं पर आसमान से आफत बरसी। तेज हवाओं के साथ हुई बारिश से गेंहू की बची हुई फसल भी गिर गई। तेज हवा और बारिश से गिरी फसल से गेंहू, चना, मटर, सरसों, मसूर के साथ सब्जी और आम की फसलों को जबरदस्त नुकसान हुआ है। वहीं जिस तरह से मौसम का रौद्र रूप बना हुआ है। इससे किसान ओले गिरने की आशंका से भयभीत हैं।
कौशाम्बी में तीन साल से मौसम की भीषण मार से किसान आहत हैं। पिछले साल भी फरवरी-मार्च महीने में बेमौसम तेज हवाओं के साथ बारिश और ओलावृष्टि हुई थी। इससे गेंहू समेत रबी सीजन की सभी फसलों का सत्यानाश हो गया था। मौसम की इस मार से जनपद में करीब 70 करोड़ रुपये की उपज बर्बाद हुई थी। वहीं धान की खेती सूखे की भेंट चढ़ गई थी। इधर, दो साल से मौसम की मार झेलकर टूट चुके अन्नदाताओं ने खून-पसीना बहाकर गेंहू समेत रबी की अन्य फसलें किसी तरह तैयार की। खेतों में लहलहा रही फसलों में अभी दाने पड़ने शुरू ही हुए थे। इसी बीच फिर से मौसम की मार पड़नी शुरू हो गई। मार्च महीना शुरू होते ही मौसम डरावना होने लगा। अभी 4 दिन पहले ही बेमौसम बारिश और तेज हवाओं के कारण गेंहू समेत ज्यादातर फसलें गिर गई थी। मंगलवार की रात हुई भीषण बारिश और चली आंधी के कारण गिरने से करीब 30-40 फीसदी तक फसलों का नुकसान हुआ था। अभी इस बर्बादी को देख किसानों के आंसू थम नहीं थे। इसी बीच शनिवार को फिर से तेज हवाओं के साथ आसमान से बौछारें पड़ने लगी। तेज हवाओं के साथ हुई बारिश से बची खुची फसलें भी गिर गई हैं। मवई गांव के किसान रफीक अहमद ने बताया कि 4 दिन में मौसम की दो बार पड़ी मार से गेंहू की फसल का तो फिर से सत्यानाश हो चुका है। फसल गिरकर पूरी तरह से बर्बाद हो गई है। इससे दाने कमजोर हो जाएंगे। मौसम की इस मार से अब किसानों का उबरना मुश्किल है।
ओले गिरे, तो किसानों का निकल जाएगा दम
मंझनपुर (ब्यूरो)। कौशाम्बी में इसी सप्ताह दो बार तेज हवाओं के साथ बारिश हुई है। इससे किसानों की कम से कम 50 फीसदी फसल का नुकसान हुआ है। वहीं शनिवार को दिनभर आसमान में गरज-चमक के साथ रूक-रूककर बौछारें पड़ती रही। मौसम का यह मिजाज देख किसानों का कलेजा हिला हुआ है। अन्नदाता ओले बरसने की आशंका से भयभीत हैं। मोहद्दीनपुर (कौशाम्बी) गांव के रामविधि त्रिपाठी, कड़ा के रामायण प्रसाद, देवीगंज रोशनलाल, सिंहपुर के राकेश पांडेय, मातपुर के राम निहोर आदि किसानों ने बताया कि मौसम का रूख किसानों को पूरी तरह से बर्बाद करने वाला बना है। अन्नदाताओं का कहना है कि जिस तरह से दिनभर आसमान से गरज-चमक दिखती रही। इससे लग रहा है कि ओले गिरेंगे। यदि तनिक भी ओलावृष्टि हुुई, तो बची-खुची फसलों का पूरी तरह से सत्यानाश हो जाएगा। किसानों की जमा-पूंजी वैसे ही दो साल से लगातार पड़ रही मौसम की मार में बर्बाद हो चुकी है। अब तो वह दाने-दाने को मोहताज होगा।
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भीगते हुए काटते रहे सरसों की अधपकी फसल
मंझनपुर (ब्यूरो)। कौशाम्बी में शनिवार को दिनभर तेज गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ती रही। मौसम का मिजाज देख किसानों के होश उड़े हुए हैं। मौसम का डरावना रूख देख किसान अब खेतों में अधपकी फसल ही काटकर समेटने में जुट गए हैं। शनिवार को तो सुबह उठते ही आसमान में काले-काले बादल दिखे, तो भयभीत किसान परिवार समेत हंसिया लेकर खेतों में पहुंच गए। अन्नदाताओं का पूरा परिवार अधपकी सरसों की फसल काटकर उन्हें समेटने में जुटा रहा। इस दौरान रूक-रूककर बरसात होती रही। भीगने की परवाह नहीं करते हुए किसान सरसों की फसल को काटने लगे रहे।
सब्जी और आम की फसलें भी होंगी बर्बाद
मंझनपुर (ब्यूरो)। कौशाम्बी में जिस तरह का मौसम बना हुआ है। वह रबी की फसलों के साथ सब्जी की खेती और आम की फसलों के लिए भी अच्छा नहीं है। कृषि विज्ञान केंद्र महगांव के कृषि वैज्ञानिक डॉ अजय कुमार के मुताबिक तेज हवाओं के साथ बारिश हुई है। इससे गिरने के कारण दलहन, तिलहन और गेंहू की फसलों को नुकसान हुआ है। इसके अलावा सब्जी भी फसल भी प्रभावित हुई है। बारिश के बाद धूप खिलने पर सब्जी की फसलों में कीट और रोगों का प्रकोप भी बढ़ेगा। वहीं तेज हवाओं के साथ बरसात और ओले गिरने से आम की फलन भी प्रभावित होगी।
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कौशाम्बी में तीन साल से मौसम की भीषण मार से किसान आहत हैं। पिछले साल भी फरवरी-मार्च महीने में बेमौसम तेज हवाओं के साथ बारिश और ओलावृष्टि हुई थी। इससे गेंहू समेत रबी सीजन की सभी फसलों का सत्यानाश हो गया था। मौसम की इस मार से जनपद में करीब 70 करोड़ रुपये की उपज बर्बाद हुई थी। वहीं धान की खेती सूखे की भेंट चढ़ गई थी। इधर, दो साल से मौसम की मार झेलकर टूट चुके अन्नदाताओं ने खून-पसीना बहाकर गेंहू समेत रबी की अन्य फसलें किसी तरह तैयार की। खेतों में लहलहा रही फसलों में अभी दाने पड़ने शुरू ही हुए थे। इसी बीच फिर से मौसम की मार पड़नी शुरू हो गई। मार्च महीना शुरू होते ही मौसम डरावना होने लगा। अभी 4 दिन पहले ही बेमौसम बारिश और तेज हवाओं के कारण गेंहू समेत ज्यादातर फसलें गिर गई थी। मंगलवार की रात हुई भीषण बारिश और चली आंधी के कारण गिरने से करीब 30-40 फीसदी तक फसलों का नुकसान हुआ था। अभी इस बर्बादी को देख किसानों के आंसू थम नहीं थे। इसी बीच शनिवार को फिर से तेज हवाओं के साथ आसमान से बौछारें पड़ने लगी। तेज हवाओं के साथ हुई बारिश से बची खुची फसलें भी गिर गई हैं। मवई गांव के किसान रफीक अहमद ने बताया कि 4 दिन में मौसम की दो बार पड़ी मार से गेंहू की फसल का तो फिर से सत्यानाश हो चुका है। फसल गिरकर पूरी तरह से बर्बाद हो गई है। इससे दाने कमजोर हो जाएंगे। मौसम की इस मार से अब किसानों का उबरना मुश्किल है।
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ओले गिरे, तो किसानों का निकल जाएगा दम
मंझनपुर (ब्यूरो)। कौशाम्बी में इसी सप्ताह दो बार तेज हवाओं के साथ बारिश हुई है। इससे किसानों की कम से कम 50 फीसदी फसल का नुकसान हुआ है। वहीं शनिवार को दिनभर आसमान में गरज-चमक के साथ रूक-रूककर बौछारें पड़ती रही। मौसम का यह मिजाज देख किसानों का कलेजा हिला हुआ है। अन्नदाता ओले बरसने की आशंका से भयभीत हैं। मोहद्दीनपुर (कौशाम्बी) गांव के रामविधि त्रिपाठी, कड़ा के रामायण प्रसाद, देवीगंज रोशनलाल, सिंहपुर के राकेश पांडेय, मातपुर के राम निहोर आदि किसानों ने बताया कि मौसम का रूख किसानों को पूरी तरह से बर्बाद करने वाला बना है। अन्नदाताओं का कहना है कि जिस तरह से दिनभर आसमान से गरज-चमक दिखती रही। इससे लग रहा है कि ओले गिरेंगे। यदि तनिक भी ओलावृष्टि हुुई, तो बची-खुची फसलों का पूरी तरह से सत्यानाश हो जाएगा। किसानों की जमा-पूंजी वैसे ही दो साल से लगातार पड़ रही मौसम की मार में बर्बाद हो चुकी है। अब तो वह दाने-दाने को मोहताज होगा।
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भीगते हुए काटते रहे सरसों की अधपकी फसल
मंझनपुर (ब्यूरो)। कौशाम्बी में शनिवार को दिनभर तेज गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ती रही। मौसम का मिजाज देख किसानों के होश उड़े हुए हैं। मौसम का डरावना रूख देख किसान अब खेतों में अधपकी फसल ही काटकर समेटने में जुट गए हैं। शनिवार को तो सुबह उठते ही आसमान में काले-काले बादल दिखे, तो भयभीत किसान परिवार समेत हंसिया लेकर खेतों में पहुंच गए। अन्नदाताओं का पूरा परिवार अधपकी सरसों की फसल काटकर उन्हें समेटने में जुटा रहा। इस दौरान रूक-रूककर बरसात होती रही। भीगने की परवाह नहीं करते हुए किसान सरसों की फसल को काटने लगे रहे।
सब्जी और आम की फसलें भी होंगी बर्बाद
मंझनपुर (ब्यूरो)। कौशाम्बी में जिस तरह का मौसम बना हुआ है। वह रबी की फसलों के साथ सब्जी की खेती और आम की फसलों के लिए भी अच्छा नहीं है। कृषि विज्ञान केंद्र महगांव के कृषि वैज्ञानिक डॉ अजय कुमार के मुताबिक तेज हवाओं के साथ बारिश हुई है। इससे गिरने के कारण दलहन, तिलहन और गेंहू की फसलों को नुकसान हुआ है। इसके अलावा सब्जी भी फसल भी प्रभावित हुई है। बारिश के बाद धूप खिलने पर सब्जी की फसलों में कीट और रोगों का प्रकोप भी बढ़ेगा। वहीं तेज हवाओं के साथ बरसात और ओले गिरने से आम की फलन भी प्रभावित होगी।