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कानपुर : प्रदर्शनी में आकर्षण का केंद्र बना भगवा मशरूम, जैविक तरीके से उगाया गया, कई हैं खासियतें
Thu, 31 Mar 2022 12:01 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर
अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Thu, 31 Mar 2022 12:01 AM IST
सार
केवीके हरदोई के वैज्ञानिकों ने जैविक तरीके से उगाया मशरूम।
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भगवा मशरूम
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
सीएसए के प्रसार निदेशालय में बुधवार को कृषि विज्ञान केंद्रों (केवीके) की दो दिवसीय प्रदर्शनी और वार्षिक कार्यशाला का आयोजन किया गया। केवीके हरदोई के स्टॉल पर रखा भगवा रंग का मशरूम आकर्षण का केंद्र रहा। स्टॉल पर मौजूद वैज्ञानिक डॉ. रामप्रकाश ने बताया कि इसका नाम प्लूरोट्स सजोरकाजू मशरूम है। इसको जैविक तरीके से उगाया गया है।
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अन्य मशरूम की तुलना में इसमें ज्यादा प्रोटीन, कॉर्बोहाइड्रेट पाए जाते हैं। मशरूम कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करता है। मधुमेह, टीबी, मिर्गी आदि रोगों से लड़ने की क्षमता पैदा करता है। न्यूट्रीशन वैल्यू पर परीक्षण चल रहा है। इस रंग के मशरूम को उगाने के लिए एक विशेष स्पॉन (मशरूम का बीज) की जरूरत होती है। कार्यक्रम का उद्घाटन कुलपति डॉ. डीआर सिंह ने दीप जलाकर किया।
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प्रदर्शनी में विवि के अधीन संचालित 14 कृषि विज्ञान केंद्रों के तकनीकी नवाचार एवं उत्पादों का प्रदर्शन किया गया। इस मौके पर समन्वयक प्रसार निदेशालय डॉक्टर एके सिंह, डॉ. करम हुसैन, डॉ. धर्मराज सिंह और डॉ. वेदरतन आदि मौजूद रहे।
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