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8000 बीएड छात्रों का रिजल्ट रुका, आठ तक टीजीटी-पीजीटी के लिए करना है आवेदन, छात्र परेशान
Sun, 04 Aug 2019 06:59 PM IST
शिखा पांडेय
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sun, 04 Aug 2019 06:59 PM IST
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सीएसजेएम विश्वविद्यालय
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कानपुर स्थित छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) से संबद्ध करीब सौ कॉलेजों के आठ हजार छात्रों का परिणाम नहीं जारी हो पाया है। आठ अगस्त तक इन छात्रों को टीजीटी/पीजीटी के लिए आवेदन करना है लेकिन रिजल्ट नहीं निकलने से छात्रों के दिलों की धड़कनें बढ़ी हुई हैं।
इनमें से कई छात्र तो ऐसे हैं जो आयु के अनुसार आखिरी बार ही टीजीटी/पीजीटी के लिए आवेदन कर पाएंगे। ऐसे में रिजल्ट अगर समय पर नहीं आया तो इनका बीएड करना ही बेकार जाएगा। छात्रों ने कुलपति से गुहार लगाई है कि जल्द से जल्द परिणाम घोषित किया जाए।
छात्रों का आरोप है कि विश्वविद्यालय प्रशासन की तरफ से हर बार परिणाम देर से जारी करने का सारा ठीकरा कॉलेजों पर फोड़ा जाता है जबकि इसके लिए कॉलेजों के साथ काफी हद तक खुद विश्वविद्यालय प्रशासन ही दोषी है। परीक्षाएं देरी से होती हैं। इसके बाद प्रैक्टिकल में भी विलंब किया जाता है।
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इनमें से कई छात्र तो ऐसे हैं जो आयु के अनुसार आखिरी बार ही टीजीटी/पीजीटी के लिए आवेदन कर पाएंगे। ऐसे में रिजल्ट अगर समय पर नहीं आया तो इनका बीएड करना ही बेकार जाएगा। छात्रों ने कुलपति से गुहार लगाई है कि जल्द से जल्द परिणाम घोषित किया जाए।
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छात्रों का आरोप है कि विश्वविद्यालय प्रशासन की तरफ से हर बार परिणाम देर से जारी करने का सारा ठीकरा कॉलेजों पर फोड़ा जाता है जबकि इसके लिए कॉलेजों के साथ काफी हद तक खुद विश्वविद्यालय प्रशासन ही दोषी है। परीक्षाएं देरी से होती हैं। इसके बाद प्रैक्टिकल में भी विलंब किया जाता है।
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छात्र महेश ने बताया कि कम से कम कॉलेजों पर अंकुश लगाकर समय पर प्रैक्टिकल तो विश्वविद्यालय प्रशासन करवा ही सकता है। अगर विश्वविद्यालय की बात कॉलेज नहीं मानते हैं तो उन पर कार्रवाई होनी चाहिए।
कॉलेजों से अभी तक प्रैक्टिकल के मार्क्स नहीं आए हैं। जब तक प्रैक्टिकल के मार्क्स नहीं आएंगे तब तक परिणाम जारी नहीं हो सकते हैं।
- डॉ. अनिल यादव, परीक्षा नियंत्रक
कई कॉलेजों ने प्रैक्टिकल तक नहीं कराए
विश्वविद्यालय सूत्रों की मानें तो कई कॉलेजों ने अभी तक बीएड का प्रैक्टिकल भी नहीं कराए हैं। इन पर भी विश्वविद्यालय प्रशासन की कोई सख्ती नहीं है। छात्र प्रदीप ने बताया कि इन कॉलेजों की मनमानी रोकने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन को ही सख्त कदम उठाना चाहिए।
कॉलेजों से अभी तक प्रैक्टिकल के मार्क्स नहीं आए हैं। जब तक प्रैक्टिकल के मार्क्स नहीं आएंगे तब तक परिणाम जारी नहीं हो सकते हैं।
- डॉ. अनिल यादव, परीक्षा नियंत्रक
कई कॉलेजों ने प्रैक्टिकल तक नहीं कराए
विश्वविद्यालय सूत्रों की मानें तो कई कॉलेजों ने अभी तक बीएड का प्रैक्टिकल भी नहीं कराए हैं। इन पर भी विश्वविद्यालय प्रशासन की कोई सख्ती नहीं है। छात्र प्रदीप ने बताया कि इन कॉलेजों की मनमानी रोकने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन को ही सख्त कदम उठाना चाहिए।