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ईडब्ल्यूएस कोटे पर सीएसजेएम विश्वविद्यालय ने मंत्री का आदेश किया दरकिनार

Tue, 16 Jul 2019 11:06 AM IST
शिखा पांडेय एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Tue, 16 Jul 2019 11:06 AM IST
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Minister orders on EWS quota not considered by CSJM University
सीएसजेएम विश्वविद्यालय
इकनॉमिकल वीकर सेक्शन (ईडब्ल्यूएस) कोटा लागू करने के मामले में कानपुर स्थित छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) प्रशासन ने केंद्र सरकार के आदेश को भी दरकिनार कर दिया है।
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‘अमर उजाला’ की ओर से इसका खुलासा करने के बावजूद विश्वविद्यालय प्रशासन गलती स्वीकार करने की बजाय इसे सही ठहराने में जुट गया है। उधर, नेशनल स्टूडेंट यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) के प्रदेश प्रभारी श्रोत गुप्ता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंख को पत्र भेजकर इसकी शिकायत की है।
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केंद्रीय मंत्री ने कहा था 25 प्रतिशत सीटें बढ़ेंगी
सीएसजेएमयू में ईडब्ल्यूएस कोटे के तहत 10 प्रतिशत सीटें बढ़ाई गई हैं। तत्कालीन केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा था कि इस कोटे को लागू करने के बाद शिक्षण संस्थानों में 25 प्रतिशत सीटों की बढ़ोतरी होगी। ऐसा इसलिए क्योंकि अगर केवल दस प्रतिशत सीटें बढ़ाई जाएंगी तो एससी-एसटी, ओबीसी व अन्य कैटेगिरी के आरक्षण में कमी आ जाएगी जो नियम के अनुसार गलत होगा। यही फार्मूला आईआईटी, एचबीटीयू, सीएसए सहित सभी विश्वविद्यालयों ने लागू किया है, लेकिन सीएसजेएमयू इसे स्वीकार करने को तैयार नहीं।

एक सप्ताह में वापस लें आदेश, नहीं तो आंदोलन
एनएसयूआई के प्रदेश उपाध्यक्ष शुभम शुक्ला ने कुलपति प्रो. नीलिमा गुप्ता पर संघ के इशारों पर काम करने का आरोप लगाया। कहा कि कुलपति एससी-एसटी और ओबीसी के आरक्षण में कमी करके शोषित वर्ग को नुकसान पहुंचाने में जुटी हुई हैं। सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से 25 प्रतिशत सीटें नहीं बढ़ाने पर आंदोलन होगा।
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