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एचबीटीयू की कमाई हुई दोगुनी, इस साल मिले सर्वाधिक 14 रिसर्च प्रोजेक्ट
Sun, 23 Jun 2019 04:19 PM IST
शिखा पांडेय
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sun, 23 Jun 2019 04:19 PM IST
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एचबीटीयू
- फोटो : अमर उजाला
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कानपुर के हरकोर्ट बटलर टेक्निकल यूनिवर्सिटी (एचबीटीयू) की कमाई में इस साल बंपर इजाफा हुआ है। इस साल सर्वाधिक 14 रिसर्च प्रोजेक्ट मिले हैं। विवि के विभिन्न विभागों की इन प्रोजेक्ट से करीब ढाई करोड़ रुपये की कमाई होगी, जो पिछले तीन सालों की अपेक्षा सबसे अधिक है।
2016 में इंस्टीट्यूट से विश्वविद्यालय का दर्जा मिलने के बाद अब हरकोर्ट बटलर टेक्निकल यूनिविर्सटी (एचबीटीयू) के बाद विवि को करीब तीन रिसर्च प्रोजेक्ट मिले थे। 2017 में चार, जो इस बार बढ़कर 14 हो गए। कुलपति प्रो. एनबी सिंह ने बताया कि यह सभी प्रोजेक्ट एनपीआईयू से मिले हैं।
पहले चरण में एक करोड़ 33 लाख रुपये के कुल नौ रिसर्च प्रोजेक्ट मिले थे, जबकि दूसरे चरण में 82 लाख रुपये के पांच प्रोजेक्ट मिले हैं। बताया कि आने वाले दिनों में कई अन्य विभागों से रिसर्च प्रोजेक्ट मिलने हैं। इससे विवि के शोध कार्यों में सुधार होगा और आर्थिक सहायता भी मिल सकेगी।
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2016 में इंस्टीट्यूट से विश्वविद्यालय का दर्जा मिलने के बाद अब हरकोर्ट बटलर टेक्निकल यूनिविर्सटी (एचबीटीयू) के बाद विवि को करीब तीन रिसर्च प्रोजेक्ट मिले थे। 2017 में चार, जो इस बार बढ़कर 14 हो गए। कुलपति प्रो. एनबी सिंह ने बताया कि यह सभी प्रोजेक्ट एनपीआईयू से मिले हैं।
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पहले चरण में एक करोड़ 33 लाख रुपये के कुल नौ रिसर्च प्रोजेक्ट मिले थे, जबकि दूसरे चरण में 82 लाख रुपये के पांच प्रोजेक्ट मिले हैं। बताया कि आने वाले दिनों में कई अन्य विभागों से रिसर्च प्रोजेक्ट मिलने हैं। इससे विवि के शोध कार्यों में सुधार होगा और आर्थिक सहायता भी मिल सकेगी।
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छात्रों के प्लेसमेंट पैकेज में बढ़ोतरी
विश्वविद्यालय के प्लेसमेंट में जबरदस्त सुधार हुआ है। विवि ने शनिवार को इसका आंकड़ा जारी किया। पिछले वर्ष के मुकाबले इस वर्ष दस फीसद इजाफा हुआ है। आंकड़ों के अनुसार 2015-2016 में कुल 70.23 फीसद छात्रों का प्लेसमेंट हुआ था। प्लेसमेंट ड्राइव में करीब 300 छात्रों ने शिरकत की थी, जिसमें 216 को विभिन्न कंपनियों ने जॉब ऑफर की थी।
2016-17 में इंस्टीट्यूट से इसे विवि का दर्जा दे दिया गया, तब प्लेसमेंट में भी काफी गिरावट हो गई। 60 फीसद तक 2016-17 में छात्रों को जॉब आफर हुई। उस दौरान 350 के करीब छात्रों ने ड्राइव में शिरकत की और 209 को जॉब ऑफर हुई। इस बार प्लेसमेंट का रिकॉर्ड 76.84 प्रतिशत तक पहुंच गया है। विवि प्रशासन की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक इस बार कुल 219 छात्रों को देश और दुनिया की तमाम मल्टीनेशनल कंपनियों ने जॉब ऑफर की है।
विश्वविद्यालय के प्लेसमेंट में जबरदस्त सुधार हुआ है। विवि ने शनिवार को इसका आंकड़ा जारी किया। पिछले वर्ष के मुकाबले इस वर्ष दस फीसद इजाफा हुआ है। आंकड़ों के अनुसार 2015-2016 में कुल 70.23 फीसद छात्रों का प्लेसमेंट हुआ था। प्लेसमेंट ड्राइव में करीब 300 छात्रों ने शिरकत की थी, जिसमें 216 को विभिन्न कंपनियों ने जॉब ऑफर की थी।
2016-17 में इंस्टीट्यूट से इसे विवि का दर्जा दे दिया गया, तब प्लेसमेंट में भी काफी गिरावट हो गई। 60 फीसद तक 2016-17 में छात्रों को जॉब आफर हुई। उस दौरान 350 के करीब छात्रों ने ड्राइव में शिरकत की और 209 को जॉब ऑफर हुई। इस बार प्लेसमेंट का रिकॉर्ड 76.84 प्रतिशत तक पहुंच गया है। विवि प्रशासन की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक इस बार कुल 219 छात्रों को देश और दुनिया की तमाम मल्टीनेशनल कंपनियों ने जॉब ऑफर की है।
औसत पैकेज में भी हुआ सुधार
एचबीटीयू के प्लेसमेंट ड्राइव के औसत पैकेज में भी अच्छा सुधार हुआ है। विश्वविद्यालय के मुताबिक 2016-17 में औसतन पैकेज तीन से पांच लाख तक था जो इस बार छह से आठ लाख तक पहुंच गई है। विशेषज्ञों ने आने वाले दिनों में इसकी स्थिति में अधिक सुधार होने की बात कही।
30 फीसद छात्र हायर एजुकेशन में जाते हैं
एचबीटीयू से बीटेक करने के बाद करीब 30 फीसद छात्र ऐसे हैं, जो हायर एजूकेशन (एमटेक, एमएस और पीएचडी) की तरफ अपना रूख करते हैं। इसमें बड़ी संख्या में छात्र गेट के लिए क्वालीफाई होते हैं। गेट में अच्छी रैंक हासिल करने के बाद भी करीब 14 फीसद छात्र ऐसे होते हैं, जो गेट की रैंक के अनुसार अच्छी प्लेसमेंट पाने में कामयाबी हासिल करते हैं।
कंप्यूटर साइंस और केमिल इंजीनियरिंग के छात्र आगे
प्लेसमेंट पाने में कंप्यूटर साइंस के छात्र आगे हैं। आंकड़ों के मुताबिक पिछले साल कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग के 46 छात्रों का चयन विभिन्न कंपनियों में हुआ था। दूसरे नंबर पर केमिकल इंजीनियरिंग विभाग है। यहां के 33 छात्रों ने प्लेसमेंट पाने में सफलता पाई है। तीसरे नंबर पर मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग है। इसके 26 छात्रों को नौकरी मिली है। सबसे कम बायोकेमिकल इंजीनियरिंग में दो, लेदर टेक्नोलॉजी में चार और सिविल इंजीनियरिंग में पांच कैंपस प्लेसमेंट हुए हैं।
एचबीटीयू के प्लेसमेंट ड्राइव के औसत पैकेज में भी अच्छा सुधार हुआ है। विश्वविद्यालय के मुताबिक 2016-17 में औसतन पैकेज तीन से पांच लाख तक था जो इस बार छह से आठ लाख तक पहुंच गई है। विशेषज्ञों ने आने वाले दिनों में इसकी स्थिति में अधिक सुधार होने की बात कही।
30 फीसद छात्र हायर एजुकेशन में जाते हैं
एचबीटीयू से बीटेक करने के बाद करीब 30 फीसद छात्र ऐसे हैं, जो हायर एजूकेशन (एमटेक, एमएस और पीएचडी) की तरफ अपना रूख करते हैं। इसमें बड़ी संख्या में छात्र गेट के लिए क्वालीफाई होते हैं। गेट में अच्छी रैंक हासिल करने के बाद भी करीब 14 फीसद छात्र ऐसे होते हैं, जो गेट की रैंक के अनुसार अच्छी प्लेसमेंट पाने में कामयाबी हासिल करते हैं।
कंप्यूटर साइंस और केमिल इंजीनियरिंग के छात्र आगे
प्लेसमेंट पाने में कंप्यूटर साइंस के छात्र आगे हैं। आंकड़ों के मुताबिक पिछले साल कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग के 46 छात्रों का चयन विभिन्न कंपनियों में हुआ था। दूसरे नंबर पर केमिकल इंजीनियरिंग विभाग है। यहां के 33 छात्रों ने प्लेसमेंट पाने में सफलता पाई है। तीसरे नंबर पर मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग है। इसके 26 छात्रों को नौकरी मिली है। सबसे कम बायोकेमिकल इंजीनियरिंग में दो, लेदर टेक्नोलॉजी में चार और सिविल इंजीनियरिंग में पांच कैंपस प्लेसमेंट हुए हैं।