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इंजीनियरिंग कॉलेजों में अगले सत्र से छात्रों को रोजगार देने वाले कोर्स ही पढ़ाए जाएंगे
Wed, 17 Jul 2019 05:57 PM IST
शिखा पांडेय
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Wed, 17 Jul 2019 05:57 PM IST
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देशभर के इंजीनियरिंग कॉलेजों में अब उन्हीं कोर्स को चलाने की अनुमति मिलेगी जिनकी डिमांड इंडस्ट्री में होगी और जिन कोर्स को करने के बाद छात्रों को बेरोजगार नहीं घूमना पड़ेगा। ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन (एआईसीटीई) ने यह फैसला लिया है।
काउंसिल ने यह भी तय किया है कि अगले सत्र यानी 2020-21 से देशभर के इंजीनियरिंग कॉलेजों में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई), मशीन लर्निंग, ब्लॉक चेन, साइबर सिक्योरिटी, रोबोटिक, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी), क्वांटम कंप्यूटिंग, डेटा साइंस, थ्रीडी प्रिंटिंग और डिजाइन जैसे कोर्स को ही चलाने की अनुमति दी जाएगी।
काउंसिल के क्षेत्रीय अधिकारी मनोज तिवारी ने बताया कि अगले सत्र से नए कॉलेजों को भी मान्यता नहीं प्रदान की जाएगी। इससे इंजीनियरिंग की शिक्षा में सुधार आएगा और छात्रों की स्थिति भी बेहतर होगी।
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काउंसिल ने यह भी तय किया है कि अगले सत्र यानी 2020-21 से देशभर के इंजीनियरिंग कॉलेजों में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई), मशीन लर्निंग, ब्लॉक चेन, साइबर सिक्योरिटी, रोबोटिक, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी), क्वांटम कंप्यूटिंग, डेटा साइंस, थ्रीडी प्रिंटिंग और डिजाइन जैसे कोर्स को ही चलाने की अनुमति दी जाएगी।
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काउंसिल के क्षेत्रीय अधिकारी मनोज तिवारी ने बताया कि अगले सत्र से नए कॉलेजों को भी मान्यता नहीं प्रदान की जाएगी। इससे इंजीनियरिंग की शिक्षा में सुधार आएगा और छात्रों की स्थिति भी बेहतर होगी।
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इंडस्ट्री की डिमांड के अनुसार होंगे पाठ्यक्रम
इंजीनियरिंग और सभी प्रोफेशनल कोर्स के पाठ्यक्रम अब इंडस्ट्री के डिमांड के अनुसार होेंगे। इसके लिए सभी पाठयक्रमों की समीक्षा शुरू हो चुकी है। काउंसिल के मुताबिक नए पाठ्यक्रम बनाने में भी अलग-अलग इंडस्ट्री के लोगों को शामिल किया जाएगा।
आईटी सेक्टर में दस लाख युवाओं की जरूरत
एचबीटीयू के प्रो. मनोज शुक्ला बताते हैं कि इन दिनों सर्वाधिक आईटी सेक्टर में हुनरमंद युवाओं की जरूरत है। अगले तीन वर्षों में देशभर में आईटी सेक्टर की दस लाख नौकरियां आएंगी। इसके लिए अच्छे युवाओं को तैयार करने की जरूरत है।
इंजीनियरिंग और सभी प्रोफेशनल कोर्स के पाठ्यक्रम अब इंडस्ट्री के डिमांड के अनुसार होेंगे। इसके लिए सभी पाठयक्रमों की समीक्षा शुरू हो चुकी है। काउंसिल के मुताबिक नए पाठ्यक्रम बनाने में भी अलग-अलग इंडस्ट्री के लोगों को शामिल किया जाएगा।
आईटी सेक्टर में दस लाख युवाओं की जरूरत
एचबीटीयू के प्रो. मनोज शुक्ला बताते हैं कि इन दिनों सर्वाधिक आईटी सेक्टर में हुनरमंद युवाओं की जरूरत है। अगले तीन वर्षों में देशभर में आईटी सेक्टर की दस लाख नौकरियां आएंगी। इसके लिए अच्छे युवाओं को तैयार करने की जरूरत है।