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सीएसजेएमयू के तीन लाख छात्रों को पीछे छोड़ टॉपर बने डीएवी के आदेश, हासिल किए 86.33 फीसदी अंक
Wed, 28 Aug 2019 12:40 PM IST
शिखा पांडेय
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Wed, 28 Aug 2019 12:40 PM IST
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आदेश कुमार
- फोटो : अमर उजाला
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कानपुर स्थित डीएवी कॉलेज से एमए-ड्राइंड एंड पेंटिंग करने वाले आदेश कुमार ने छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय के करीब तीन लाख छात्रों को पीछे छोड़ते हुए 86.33 प्रतिशत अंकों के साथ टॉप किया है। दीक्षांत समारोह में आदेश को कुलपति स्वर्ण पदक से सम्मानित तो किया ही जाएगा। साथ ही वह कुलाधिपति गोल्ड मेडल की दौड़ में भी सबसे आगे हैं।
मूलत: लखीमपुर खीरी के रहने वाले आदेश के पिता ओम प्रकाश खेती करते हैं और मां फुलझारा देवी गृहिणी हैं। बड़े भाई विजय कुमार भी खेती में पिता की मदद करते हैं। इंटरमीडिएट की पढ़ाई लखीमपुर खीरी से करने के बाद वह यहां कानपुर आ गए। डीएवी कॉलेज में दाखिला लिया।
स्नातक में भी उन्होंने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 2017 के दीक्षांत समारोह में कुलाधिपति कांस्य पदक हासिल किया था। इस बार उन्होंने एमए की परीक्षा में सर्वाधिक अंक हासिल किए हैं। आदेश ने बताया कि डीएवी में एडमिशन लेने के बाद उन्होंने जेआरएफ की परीक्षा भी क्वालीफाई कर ली। अब वह परमट में कोचिंग भी चलाते हैं और वर्तमान में 40 से अधिक बच्चों को पढ़ा रहे हैं। आदेश पीएचडी कर शिक्षक बनना चाहते हैं। आदेश ने अपनी इस कामयाबी का श्रेय माता-पिता को दिया।
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मूलत: लखीमपुर खीरी के रहने वाले आदेश के पिता ओम प्रकाश खेती करते हैं और मां फुलझारा देवी गृहिणी हैं। बड़े भाई विजय कुमार भी खेती में पिता की मदद करते हैं। इंटरमीडिएट की पढ़ाई लखीमपुर खीरी से करने के बाद वह यहां कानपुर आ गए। डीएवी कॉलेज में दाखिला लिया।
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स्नातक में भी उन्होंने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 2017 के दीक्षांत समारोह में कुलाधिपति कांस्य पदक हासिल किया था। इस बार उन्होंने एमए की परीक्षा में सर्वाधिक अंक हासिल किए हैं। आदेश ने बताया कि डीएवी में एडमिशन लेने के बाद उन्होंने जेआरएफ की परीक्षा भी क्वालीफाई कर ली। अब वह परमट में कोचिंग भी चलाते हैं और वर्तमान में 40 से अधिक बच्चों को पढ़ा रहे हैं। आदेश पीएचडी कर शिक्षक बनना चाहते हैं। आदेश ने अपनी इस कामयाबी का श्रेय माता-पिता को दिया।
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