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एमटेक-पीएचडी प्रवेश परीक्षा: 60 फीसदी छात्र फेल, कुछ ब्रांच में तो एक भी नहीं हुआ पास
Wed, 17 Jul 2019 02:30 PM IST
शिखा पांडेय
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Wed, 17 Jul 2019 02:30 PM IST
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एचबीटीयू
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कानपुर स्थित हरकोर्ट बटलर टेक्निकल यूनिवर्सिटी (एचबीटीयू) की पीएचडी और एमटेक प्रवेश परीक्षा में 60 प्रतिशत छात्र फेल हो गए। छात्रों की इतनी बुरी स्थिति रही कि एमटेक में छात्र क्वालीफाइंग 25 प्रतिशत तो पीएचडी में 50 प्रतिशत अंक भी नहीं हासिल कर पाए। कई कोर्स तो ऐसे हैं जिनमें एक भी बच्चा क्वालीफाई नहीं हो पाया है।
ऐसे में अब विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसकी समीक्षा करने का फैसला लिया है। कुलपति प्रो. एनबी सिंह ने बताया कि जरूरत पड़ी तो कुछ विषयों में पीएचडी की दोबारा प्रवेश परीक्षा कराई जाएगी। पीएचडी में कुल 116 छात्रों ने परीक्षा दी थी, जिसमें 38 छात्र पास हुए हैं। एमटेक में 96 छात्रों ने परीक्षा दी थी और 26 छात्र इंटरव्यू के लिए क्वालीफाई हुए।
इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑयल और केमिकल में कोई नहीं हुआ पास
इलेक्ट्रॉनिक्स, इंजीनियरिंग, ऑयल टेक्नोलॉजी और केमिकल इंजीनियरिंग के लिए एक भी छात्र पीएचडी की प्रवेश परीक्षा पास नहीं कर पाया। कुलपति ने बताया कि पीएचडी प्रवेश परीक्षा में छात्रों को दो पेपर देने होते हैं। पहला सभी के लिए कॉमन होता है जिसे एप्टीट्यूड टेस्ट बोलते हैं, दूसरा सब्जेक्ट पर आधारित होता है। दोनों को मिलाकर कुल 70 प्रतिशत अंकों की परीक्षा होती है। न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक हासिल करने अनिवार्य हैं। 50 प्रतिशत से अधिक अंक पाने वालों को इंटरव्यू में शामिल कराया जाता है।
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ऐसे में अब विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसकी समीक्षा करने का फैसला लिया है। कुलपति प्रो. एनबी सिंह ने बताया कि जरूरत पड़ी तो कुछ विषयों में पीएचडी की दोबारा प्रवेश परीक्षा कराई जाएगी। पीएचडी में कुल 116 छात्रों ने परीक्षा दी थी, जिसमें 38 छात्र पास हुए हैं। एमटेक में 96 छात्रों ने परीक्षा दी थी और 26 छात्र इंटरव्यू के लिए क्वालीफाई हुए।
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इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑयल और केमिकल में कोई नहीं हुआ पास
इलेक्ट्रॉनिक्स, इंजीनियरिंग, ऑयल टेक्नोलॉजी और केमिकल इंजीनियरिंग के लिए एक भी छात्र पीएचडी की प्रवेश परीक्षा पास नहीं कर पाया। कुलपति ने बताया कि पीएचडी प्रवेश परीक्षा में छात्रों को दो पेपर देने होते हैं। पहला सभी के लिए कॉमन होता है जिसे एप्टीट्यूड टेस्ट बोलते हैं, दूसरा सब्जेक्ट पर आधारित होता है। दोनों को मिलाकर कुल 70 प्रतिशत अंकों की परीक्षा होती है। न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक हासिल करने अनिवार्य हैं। 50 प्रतिशत से अधिक अंक पाने वालों को इंटरव्यू में शामिल कराया जाता है।
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ये हैं ब्रांच के हालात
ब्रांच छात्रों की संख्या पास होने वाले छात्र
मैकेनिकल इंजीनियरिंग 26 11
कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग 29 05
सिविल इंजीनियरिंग 22 04
इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग 24 00
ऑयल 12 00
केमिकल इंजीनियरिंग 16 00
इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग 23 02
एमटेक में 96 ने दी परीक्षा, 35 हुए पास
एमटेक में इस बार आवेदन भी कम आए और प्रवेश परीक्षा में पास भी कम हुए। विश्वविद्यालय के आंकड़ों के मुताबिक इस बार कुल 96 छात्रों ने आवेदन किया था जबकि एमटेक की सीटे ही 181 हैं। इनमें भी केवल 35 छात्र ही पास हो पाए। इसके अलावा करीब 29 गेट क्वालीफाईड छात्रों ने भी आवेदन किया था। जिनमें से करीब 12 एडमिशन ले रहे हैं।
ब्रांच छात्रों की संख्या पास होने वाले छात्र
मैकेनिकल इंजीनियरिंग 26 11
कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग 29 05
सिविल इंजीनियरिंग 22 04
इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग 24 00
ऑयल 12 00
केमिकल इंजीनियरिंग 16 00
इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग 23 02
एमटेक में 96 ने दी परीक्षा, 35 हुए पास
एमटेक में इस बार आवेदन भी कम आए और प्रवेश परीक्षा में पास भी कम हुए। विश्वविद्यालय के आंकड़ों के मुताबिक इस बार कुल 96 छात्रों ने आवेदन किया था जबकि एमटेक की सीटे ही 181 हैं। इनमें भी केवल 35 छात्र ही पास हो पाए। इसके अलावा करीब 29 गेट क्वालीफाईड छात्रों ने भी आवेदन किया था। जिनमें से करीब 12 एडमिशन ले रहे हैं।