{"_id":"627575eca9b1c072ec45629f","slug":"jhansi1651865068","type":"story","status":"publish","title_hn":"परंपरागत कृषि को प्रोफेशनल एग्रीकल्चर में बदलना जरूरी","category":{"title":"Local","title_hn":"लोकल","slug":"local"}}
परंपरागत कृषि को प्रोफेशनल एग्रीकल्चर में बदलना जरूरी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
झांसी। केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि परंपरागत कृषि को प्रोफेशनल
विज्ञापन
एग्रीकल्चर में बदलने की जरूरत है। इससे किसानों की आमदनी, उत्पादन और उत्पादकता बढ़ेगी। उत्पादों की गुणवत्ता और निर्यात में भी वृद्धि होगी। ये बात कृषि मंत्री ने आईजीएफआरआई में कृषि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी: चुनौतियां व संभावनाएं विषय पर हुए अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में वर्चुअल संबोधन के दौरान कही।
कृषि मंत्री ने कहा कि छात्र-छात्राएं कृषि वैज्ञानिकों के साथ चर्चा करके उनके अनुभवों का लाभ उठाएं। सिलेबस की पढ़ाई के अलावा गांवों को गोद लेकर व्यावहारिक अनुभव हासिल कर नए-नए प्रयोग करें। उन्होंने कहा कि कृषि शिक्षा प्रणाली को आधुनिक बनाया जा रहा है।
सरकार ने कृषि क्षेत्र को तकनीक का समर्थन दिया है। वहीं, डिजिटल एग्रीकल्चर के लिए
मिशन मोड पर काम किया जा रहा है। कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, दस
हजार नए एफपीओ बनाने और डेढ़ लाख करोड़ से ज्यादा के पैकेजों के जरिए सरकार कृषि क्षेत्र
को मजबूती दे रही है।
इस मौके पर उद्घाटन समारोह में कुलपति डॉ. अरविंद कुमार, बीयू वीसी प्रो. मुकेश
पांडेय, डॉ. ए अरूणाचलम, डॉ. अमरेश चंद्रा, डॉ. ऋषि सक्सेना, डॉ. पंकज लवानिया मौजूद रहे।
विज्ञापन