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पांच करोड़ से भरेगा बच्चों व बड़ों का पेट
अमर उजाला ब्यूरो, उरई
Updated Fri, 11 Mar 2016 11:04 PM IST
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farming
- फोटो : अमर उजाला
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सूखा से गंभीर रूप से प्रभावित हुए गरीबी रेखा के नीचे जीवनयापन करने वाले परिवारों की सहायता के लिए सरकार ने खजाना खोल दिया है। कोई परिवार भूखे पेट न सोए इसके लिए आटा, दाल एवं अन्य जरूरी सामान जल्द ही उनके घर पहुंचेगा। इसके लिए शासन ने पांच करोड़ रुपये का बजट भी अवमुक्त कर दिया है। जिला प्रशासन अहेतुक सहायता के लिए टेंडर
प्रक्रिया अपना रहा है। 19 मार्च तक टेंडर की कार्रवाई पूरी हो जाएगी। इसके बाद जिसके नाम टेंडर होगा उसे लाभार्थियों को ये सामग्री जल्द बांटना होगी।
बुंदेलखंड में बीते कुछ वर्षों से दैवी आपदा जारी है। इससे किसान, मजदूर बुरी तरह से प्रभावित हैं। सूखा, अतिवर्षा आदि से फसलें नष्ट हो गईं जिससे किसान आर्थिक रूप से टूट चुका है।
निराशा में मौत को गले लगा रहा है। यहां के हालातों को सरकार ने गंभीरता से लिया। बुंदेलखंड में सूखा से बुरी तरह से प्रभावित गरीबी रेखा के नीचे जीवनयापन करने वाले परिवारों के घर चूल्हा ठंडा न रहे इसके लिए खाद्यान्न व अन्य सामग्री का वितरण किए जाने की योजना को कार्य रूप दिया जा रहा है। इसमें एक परिवार को 10 किलो आटा, एक किलो घी, 25
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किलो आलू, पांच किलो चने की दाल, एक लीटर सरसों का तेल दिया जाएगा। प्रभावित परिवार को छोटे बच्चों की भूख शांत करने के लिए एक किलो मिल्क पाउडर भी मिलेगा। शासन
की इस योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए ठेका व्यवस्था पर जिला प्रशासन काम कर रहा है। गरीबी रेखा के नीचे जीवनयापन करने वाले परिवारों के लिए खाद्य सामग्री पहुंचाने के लिए टेंडर मांगे गए है। 19 मार्च तक टेंडर प्रक्रिया पूरी होगी, इसके बाद वितरण कराया जाएगा।
गरीबी रेखा के नीचे हैं 37,766 परिवार
जनपद में गरीबी रेखा के नीचे जीवनयापन करने वाले 37,766 परिवार हैं। इसमें से जिन परिवारों की आजीविका सूखा से गंभीर रूप से प्रभावित हुई है उनके जीवन निर्वाह के लिए अनाज एवं अन्य सामग्री का वितरण होगा। सरकार ने इसके लिए चार मार्च को ही पांच करोड़ रुपये का बजट अवमुक्त कर दिया है।
गुणवत्ता पर रहेगी प्रशासन की नजर
खाद्यान्न एवं अन्य सामग्री का वितरण भले ही ठेका पद्धति पर हो लेकिन सामग्री की गुणवत्ता पर प्रशासन की पूरी नजर रहेगी। गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर संस्था के खिलाफ कार्रवाई का भी प्रावधान है।
वर्जन
सूखा से गंभीर रूप से प्रभावित परिवारों के जीवन निर्वाह हेतु अहेतुक सहायता दिए जाने के लिए शासन ने राहत सामग्री वितरण के लिए बजट दिया है। टेंडर मांगे गए हैं। 19 मार्च को टेंडर खुलने के बाद वितरण व्यवस्था की जाएगी। कोशिश होगी कि हर जरूरतमंद तक ये मदद पहुंचे। -आनंद कुमार, एडीएम जालौन
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प्रक्रिया अपना रहा है। 19 मार्च तक टेंडर की कार्रवाई पूरी हो जाएगी। इसके बाद जिसके नाम टेंडर होगा उसे लाभार्थियों को ये सामग्री जल्द बांटना होगी।
बुंदेलखंड में बीते कुछ वर्षों से दैवी आपदा जारी है। इससे किसान, मजदूर बुरी तरह से प्रभावित हैं। सूखा, अतिवर्षा आदि से फसलें नष्ट हो गईं जिससे किसान आर्थिक रूप से टूट चुका है।
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निराशा में मौत को गले लगा रहा है। यहां के हालातों को सरकार ने गंभीरता से लिया। बुंदेलखंड में सूखा से बुरी तरह से प्रभावित गरीबी रेखा के नीचे जीवनयापन करने वाले परिवारों के घर चूल्हा ठंडा न रहे इसके लिए खाद्यान्न व अन्य सामग्री का वितरण किए जाने की योजना को कार्य रूप दिया जा रहा है। इसमें एक परिवार को 10 किलो आटा, एक किलो घी, 25
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किलो आलू, पांच किलो चने की दाल, एक लीटर सरसों का तेल दिया जाएगा। प्रभावित परिवार को छोटे बच्चों की भूख शांत करने के लिए एक किलो मिल्क पाउडर भी मिलेगा। शासन
की इस योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए ठेका व्यवस्था पर जिला प्रशासन काम कर रहा है। गरीबी रेखा के नीचे जीवनयापन करने वाले परिवारों के लिए खाद्य सामग्री पहुंचाने के लिए टेंडर मांगे गए है। 19 मार्च तक टेंडर प्रक्रिया पूरी होगी, इसके बाद वितरण कराया जाएगा।
गरीबी रेखा के नीचे हैं 37,766 परिवार
जनपद में गरीबी रेखा के नीचे जीवनयापन करने वाले 37,766 परिवार हैं। इसमें से जिन परिवारों की आजीविका सूखा से गंभीर रूप से प्रभावित हुई है उनके जीवन निर्वाह के लिए अनाज एवं अन्य सामग्री का वितरण होगा। सरकार ने इसके लिए चार मार्च को ही पांच करोड़ रुपये का बजट अवमुक्त कर दिया है।
गुणवत्ता पर रहेगी प्रशासन की नजर
खाद्यान्न एवं अन्य सामग्री का वितरण भले ही ठेका पद्धति पर हो लेकिन सामग्री की गुणवत्ता पर प्रशासन की पूरी नजर रहेगी। गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर संस्था के खिलाफ कार्रवाई का भी प्रावधान है।
वर्जन
सूखा से गंभीर रूप से प्रभावित परिवारों के जीवन निर्वाह हेतु अहेतुक सहायता दिए जाने के लिए शासन ने राहत सामग्री वितरण के लिए बजट दिया है। टेंडर मांगे गए हैं। 19 मार्च को टेंडर खुलने के बाद वितरण व्यवस्था की जाएगी। कोशिश होगी कि हर जरूरतमंद तक ये मदद पहुंचे। -आनंद कुमार, एडीएम जालौन