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बजाज चीनी मिल के एमडी पर केस
अमर उजाला ब्यूरो, गोंडा
Updated Fri, 11 Mar 2016 10:26 PM IST
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गन्ना विभाग ने गुरुवार को किसानों का अरबों रुपये दबाए बैठी जिले की बजाज चीनी मिल के वाइस चेयरमैन व एमडी कुशाग्र बजाज समेत मिल के छह अधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज कराया है। बजाज हिंदुस्थान चीनी मिल किसानों के गन्ना मूल्य का एक अरब 32 करोड़ 96 लाख 97 हजार रुपये दबाए बैठी है।
कई बार नोटिस देने के बाद भी भुगतान न किए जाने पर डीएम अजय कुमार उपाध्याय ने मिल के जिम्मेदारों पर एफआईआर दर्ज करवा कर कार्रवाई करने का निर्देश दिया था।
गन्ना विकास निरीक्षक क्रय व नवाबगंज गन्ना समिति के सचिव विक्रम बहादुर सिंह ने गुरुवार को डीएम के निर्देश पर मोतीगंज थाने में तहरीर दी थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि कुंदुरखी स्थित बजाज हिंदुस्थान चीनी मिल ने किसानों से 64.54 लाख क्विंटल गन्ने की खरीद की।
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चीनी मिल पर कुल 17743.28 लाख रुपये की देनदारी गन्ना मूल्य के रूप में बनी थी। चीनी मिल ने बकाएदारी के सापेक्ष 4446.31 लाख रुपये का ही भुगतान किया। मिल पर बकाएदारी पर 240.29 लाख रुपये ब्याज भी बनता है।
जिला गन्ना अधिकारी पीएन सिंह व जिला अधिकारी अजय कुमार उपाध्याय की ओर से कई बार मिल प्रबंधतंत्र को नोटिस भी जारी किया गया, लेकिन चीनी मिल की ओर से गन्ना मूल्य का भुगतान नहीं किया गया।
इसके लिए चीनी मिल के वाइस चेयरमैन एवं संयुक्त प्रबंध निदेशक कुशाग्र बजाज, डीएफओ वीपी अग्रवाल, ग्रुप ऑफ ऑपरेशंस एके गुप्ता, अध्यासी एवं वाइस प्रेसीडेंट आलोक श्रीवास्तव, क्षेत्रीय प्रबंधक वित्त एवं लेखा एसएन शुक्ला व प्रबंधक वित्त व लेखा धर्मेंद्र सिंह आपस में साठगांठ कर किसानों का आर्थिक शोषण करने, भुगतान न देकर किसानों के साथ धोखाधड़ी व विश्वासघात करने का आरोप लगाते हुए इनके खिलाफ एफआईआर करने की मांग की।
मोतीगंज पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, विश्वासघात व आपस में मिलकर साठगांठ कर किसानों को आर्थिक शोषण करने, आवश्यक वस्तु व गन्ना अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज कर ली।
इस बाबत जिला गन्ना अधिकारी पीएन सिंह ने बताया कि किसानों के गन्ना मूल्य का भुगतान न करने पर डीएम से एफआईआर कराने की अनुमति मांगी गई थी। डीएम की ओर से आदेश मिलने पर गुरुवार को बजाज चीनी मिल के एमडी समेत छह अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए केस दर्ज करा दिया गया है।
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कई बार नोटिस देने के बाद भी भुगतान न किए जाने पर डीएम अजय कुमार उपाध्याय ने मिल के जिम्मेदारों पर एफआईआर दर्ज करवा कर कार्रवाई करने का निर्देश दिया था।
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गन्ना विकास निरीक्षक क्रय व नवाबगंज गन्ना समिति के सचिव विक्रम बहादुर सिंह ने गुरुवार को डीएम के निर्देश पर मोतीगंज थाने में तहरीर दी थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि कुंदुरखी स्थित बजाज हिंदुस्थान चीनी मिल ने किसानों से 64.54 लाख क्विंटल गन्ने की खरीद की।
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चीनी मिल पर कुल 17743.28 लाख रुपये की देनदारी गन्ना मूल्य के रूप में बनी थी। चीनी मिल ने बकाएदारी के सापेक्ष 4446.31 लाख रुपये का ही भुगतान किया। मिल पर बकाएदारी पर 240.29 लाख रुपये ब्याज भी बनता है।
जिला गन्ना अधिकारी पीएन सिंह व जिला अधिकारी अजय कुमार उपाध्याय की ओर से कई बार मिल प्रबंधतंत्र को नोटिस भी जारी किया गया, लेकिन चीनी मिल की ओर से गन्ना मूल्य का भुगतान नहीं किया गया।
इसके लिए चीनी मिल के वाइस चेयरमैन एवं संयुक्त प्रबंध निदेशक कुशाग्र बजाज, डीएफओ वीपी अग्रवाल, ग्रुप ऑफ ऑपरेशंस एके गुप्ता, अध्यासी एवं वाइस प्रेसीडेंट आलोक श्रीवास्तव, क्षेत्रीय प्रबंधक वित्त एवं लेखा एसएन शुक्ला व प्रबंधक वित्त व लेखा धर्मेंद्र सिंह आपस में साठगांठ कर किसानों का आर्थिक शोषण करने, भुगतान न देकर किसानों के साथ धोखाधड़ी व विश्वासघात करने का आरोप लगाते हुए इनके खिलाफ एफआईआर करने की मांग की।
मोतीगंज पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, विश्वासघात व आपस में मिलकर साठगांठ कर किसानों को आर्थिक शोषण करने, आवश्यक वस्तु व गन्ना अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज कर ली।
इस बाबत जिला गन्ना अधिकारी पीएन सिंह ने बताया कि किसानों के गन्ना मूल्य का भुगतान न करने पर डीएम से एफआईआर कराने की अनुमति मांगी गई थी। डीएम की ओर से आदेश मिलने पर गुरुवार को बजाज चीनी मिल के एमडी समेत छह अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए केस दर्ज करा दिया गया है।