{"_id":"603fd77d8ebc3ec39c36c348","slug":"croop-ghazipur-news-vns5779229140","type":"story","status":"publish","title_hn":"माइनर टूटी, गेहूं और चना की फसल हुई जलमग्न","category":{"title":"Agriculture","title_hn":"कृषि","slug":"agriculture"}}
माइनर टूटी, गेहूं और चना की फसल हुई जलमग्न
Thu, 04 Mar 2021 12:07 AM IST
वाराणसी ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी
Published by: वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 04 Mar 2021 12:07 AM IST
विज्ञापन
गेहूं एवं चने की फसल में भरा पानी
- फोटो : Amar Ujala
बाराचवर विकासखंड के बांकी खुर्द गांव स्थित माइनर पानी के दवाब के चलते टूट गई। जिससे 13 बीघा गेहूं एवं चने की फसल डूब गई। नाराज किसानों ने मुआवजे की मांग की है। देवकली पंप कैनाल से एक नहर बाराचवर विकासखंड के विभिन्न गांवों को सिंचित करती है।
विज्ञापन
ऐसे में नहर से निकली एक माइनर बाकी खुर्द गांव के किसानों के लिए सिंचाई का एकमात्र साधन है। पंप कैनाल से काफी मात्रा में पानी छोड़े जाने से माइनर टूट गई। सुबह जब किसान सिवान की तरफ गए तो फसल डूबा देख अवाक रह गए। जानकारी होते ही ग्रामीण जुट गए।
विज्ञापन
गांव के अवधनाथ सिंह का तीन बीघा, रामनाथ यादव दो बीघा, सर्वबचन सिंह पांच मंडा, रामायन गुप्ता एक बीघा, हरिशचंद्र सिंह चार बीघा, रमाकांत सिंह एक बीघा, प्रेमनारायण सिंह दो बीघा, जुगेश तीन मंडा चना, मुन्ना तीन मंडा चना, इंद्रजीत सिंह पांच मंडा चना, अवधेश सिंह सोलह मंडा, अशोक तिवारी की पांच मंडा सरसों की फसल डूब गई है।
विज्ञापन
किसानों का कहना है कि नहर में समय से तो पानी नहीं पहुंचता, लेकिन नहर विभाग प्रत्येक वर्ष गेहूं की फसल के दौरान बेतहाशा पानी छोड़कर फसलों को नुकसान पहुंचा देता है। किसानों ने जिलाधिकारी का ध्यान आकृष्ट कराते हुए मुआवजे की मांग की है।