{"_id":"56db15fb4f1c1bb82d8b49ec","slug":"the-new-season-will-change-the-nature-of-public-schools","type":"story","status":"publish","title_hn":"नए सत्र में बदला होगा सरकारी स्कूलों का स्वरूप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नए सत्र में बदला होगा सरकारी स्कूलों का स्वरूप
ब्यूरो/अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Sat, 05 Mar 2016 10:53 PM IST
विज्ञापन
शिक्ष्ाा
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नए सत्र में सरकारी स्कूलों में स्वरूप बदला-बदला होगा। अप्रैल से शुरू होने वाले सत्र में सरकारी स्कूलों में भी अपने बच्चों को पढ़ाने वाले अभिभावकों को प्रत्येक माह पीटीएम में जाना होगा। यही नहीं हर रोज अभिभावकों को अपने बच्चे की डायरी भी जांचनी होगी।
विज्ञापन
नए शासनादेश के मुताबिक अब सरकारी इंटर कॉलेज और जूनियर हाई स्कूल में शिक्षकों को हर माह पीटीएम करानी होगी। स्कूल में बच्चे की क्या रिपोर्ट है अभिभावकों को बताना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही शिक्षकों को अपनी क्लास के छात्रों की डायरी भी हर रोज मेंटेन करनी होगी।
विज्ञापन
डीआईओएस राज सिंह यादव ने बताया कि, सभी प्रधानाचार्यों को इस संबंध में पहले ही दिशा निर्देश जारी कर दिए गए हैं। पंजीकरण के दौरान ही बच्चे के अभिभावक का संपर्क नंबर स्कूल में दर्ज होगा। दाखिले के बाद बच्चों को स्कूल से उचित मूल्य पर डायरी भी दी जाएगी।
विज्ञापन
यह डायरी प्रत्येक छात्र के पास होना अनिवार्य है। स्कूल डायरी देने के बाद प्रतिदिन स्कूल में क्लास टीचर को बच्चों को होम वर्क और अन्य विशेष नोट डायरी में नोट कराने होंगे। बच्चे की डायरी पर हर रोज अभिभावकों के भी हस्ताक्षर जरूरी है।
यह डायरी स्कूल को प्रधानाचार्य द्वारा साप्ताहिक अथवा पाक्षिक समय पर निरीक्षण करना होगा। इसके साथ ही स्कूल में प्रति माह के तीसरे अथवा अंतिम शनिवार को पैरेंट्स-शिक्षक बैठक करनी होगी। इसमें अभिभावक और शिक्षक बच्चे से संबंधी जानकारी शेयर करेंगे। इसके साथ ही प्रत्येक माह स्कूल और अभिभावक संघ के सदस्यों की बैठक भी करानी होगी।