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हर तरफ से हो रहा छात्रों का आर्थिक उत्पीड़न
ब्यूरो,अमर उजाला गाजियाबाद
Updated Fri, 11 Mar 2016 12:50 AM IST
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सीसीएस
- फोटो : अमर उजाला
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चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय प्रशासन चारों तरफ से छात्रों का आर्थिक उत्पीड़न कर रहा है। छात्रों से एग्जाम फार्म के साथ जो फीस ली गई हैं उसमें कई मद ऐसी हैं, जिसे कॉलेज के साथ विश्वविद्यालय प्रशासन भी वसूलता है।
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यानी छात्रों को एक ही मद में दो बार फीस जमा करानी पड़ती है। इस तरह से विश्वविद्यालय सालाना करोड़ों रुपये छात्रों की जेब से निकाल लेता है।
डिग्री कॉलेजों में पढ़ने वाले लाखों स्टूडेंट्स प्रतिवर्ष एग्जाम फार्म भरते हैं। इसमें रेगुलर स्टूडेंट्स के साथ प्राइवेट श्रेणी के स्टूडेंट्स भी शामिल होते हैं। स्टूडेंट्स जब एग्जाम फार्म भरता है तो उसे कई मदों में फीस जमा करानी पड़ती है।
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रेगुलर स्टूडेंट्स ने एग्जाम के ऑनलाइन फार्म भरे हैं। फार्म के साथ फीस भी जमा की गई है। वेबसाइट के मुताबिक स्टूडेंट्स के कल्चरल फीस (6 रुपये), स्पोर्ट्स फीस (45 रुपये), डिग्री फीस (220 रुपये) और रोवर्स रेंजर फीस (6 रुपये) जमा करनी पड़ी है।
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जबकि इस मद पर कॉलेज भी स्टूडेंट्स से फीस वसूलता है। यानी स्टूडेंट्स को दो बार फीस देनी पड़ती है। कॉलेज सूत्र बताते हैं कि विश्वविद्यालय प्रशासन के पास इन मदों पर फीस लेने का कोई अधिकार नहीं है, लेकिन फिर भी फीस ली जा रही है। इस तरह से विश्वविद्यालय प्रतिवष्र करोड़ों रुपये छात्रों से वसूल रहा है।