{"_id":"56e6e85f4f1c1bbe0b8b4568","slug":"arbitrary-ban-mayer-sought-fob-files","type":"story","status":"publish","title_hn":"मनमानी पर रोक, मेयर ने तलब की एफओबी की फाइलें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मनमानी पर रोक, मेयर ने तलब की एफओबी की फाइलें
ब्यूरो/अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Tue, 15 Mar 2016 12:52 AM IST
विज्ञापन
मेयर
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शहर में बनाए गए एफओबी शुरुआत से ही विवादों में रहे हैं। अनुबंध में शामिल होने के बावजूद एफओबी बनाने वाली फर्मों ने इन पर लिफ्ट और एस्केलेटर नहीं लगाए। कंप्लीशन बिना ही फर्मों ने इन पर विज्ञापन लगाकर कमाई शुरू कर दी।
विज्ञापन
कई पार्षद इस मामले में निगम अफसरों की मिलीभगत और भ्रष्टाचार के आरोप लगा चुके हैं। मामले ने तूल पकड़ा तो अब मेयर अशु वर्मा ने एफओबी की फाइलें तलब कर ली हैं। शर्तों का उल्लंघन पाए जाने पर उन्होंने कार्रवाई का दावा किया है।
विज्ञापन
महानगर में बीओटी (बिल्ड ऑपरेट एंड ट्रांसफर) पैटर्न पर किया गया है। इन एफओबी बनाने का कांट्रेक्ट देने में, उनकी शर्तें व स्थान तय करने में और डिजाइन तय करने में निगम अफसरों ने न तो बोर्ड की सहमति ली और न ही कार्यकारिणी समिति की।
विज्ञापन
शहर में बने इन एफओबी में बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए न तो लिफ्ट लगाई गई और न ही एस्केलेटर लगे। इसकी वजह से इन एफओबी का उपयोग नहीं हो पा रहा। एफओबी की लोकेशन भी लोगों की जरूरत के मुताबिक तय नहीं की गई।
ऐसे में आम जनता के मन में ही नहीं, पार्षदों और ट्रैफिक पुलिस अधिकारियों की नजरों में भी ये एफओबी खटक रहे हैं। शिकायत मिलने पर अब मेयर ने शहर में बने सभी एफओबी की फाइलें तलब की हैं।
पीडब्ल्यूडी से भी नहीं ली एनओसी
नगर निगम ने एनएच-58, लिंक रोड और जीटी रोड पर भी एफओबी बना दिए हैं, जबकि इन मार्गों का मेंटेनेंस पीडब्ल्यूडी की एनएच डिवीजन करती है। इस पर निर्माण या विज्ञापन लगाने से पहले पीडब्ल्यूडी की एनओसी जरूरी है। नगर निगम ने एफओबी बनाने से पहले संबंधित विभाग से भी एनओसी नहीं ली। पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने नगर निगम को चार बार पत्र लिखकर विरोध जताया है।
वसुंधरा में बीओटी ठेके के दिए जांच के आदेश
नगर निगम ने वसुंधरा में सेंट्रल वर्ज और ग्रीन बेल्ट का मेटेनेंस बीओटी पर प्राइवेट फर्म को दिया है। प्राइवेट फर्म इसके बदले में यहां विज्ञापन प्रदर्शित कर रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्राइवेट फर्म विज्ञापन से कमाई तो कर रही है, लेकिन सेंट्रल वर्ज और ग्रीन बेल्ट का रखरखाव नहीं कर रही।
भाजपा के वसुंधरा मंडल अध्यक्ष नरेंद्र सिंह नागर ने महापौर और निगम अधिकारियों से इसकी शिकायत की है। उनका कहना है कि सेंट्रल वर्ज जगह-जगह से टूटा हुआ है। स्ट्रीट लाइटें खराब पड़ी हैं। उनकी शिकायत पर महापौर अशु वर्मा ने बीओटी ठेके की जांच के आदेश दिए हैं।
एफओबी की फाइलें तलब की गई हैं। अनुबंध की शर्तों का उल्लंघन होता पाया गया तो संबंधित फर्मों का कांट्रेक्ट निरस्त कराया जाएगा। वसुंधरा में बीओटी फर्म की जांच कराई जाएगी। बीओटी फर्मों की मनमानी नहीं चलने दी जाएगी। कांट्रेक्ट लिया है तो फर्मों को शर्तों का पालन भी करना होगा। - अशु वर्मा, मेयर