{"_id":"56e709fc4f1c1b1d118b4676","slug":"tobacco-city-with-tb-increased","type":"story","status":"publish","title_hn":"टुबैको सिटी में टीबी के रोगी बढे़","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
टुबैको सिटी में टीबी के रोगी बढे़
अमर उजाला ब्यूरो, फर्रुखाबाद
Updated Tue, 15 Mar 2016 12:56 AM IST
विज्ञापन
गोदाम में पड़ी तंबाकू को साफ करता मजदूर।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
तंबाकू नगरी के गोदामों से उड़ने वाली तंबाकू की धूल लोगों की सेहत खराब कर रही है। कायमगंज में दमा, अस्थमा, टीबी और कैंसर के रोगियों की संख्या बढ़ रही है। अभी तक इस ओर कोई खास कारगर उपाय नहीं किए जा रहे हैं। कुछ दिन पहले एक गोदाम में काम करते समय तंबाकू की भस से दो महिलाएं बेहोश हो गईं थी। दोनों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था।
टुबैको सिटी के नाम से मशहूर कायमगंज नगर में सर्वाधिक व्यापार तंबाकू का होता है। यहां तंबाकू की खेती काफी होती है। तराई इलाके में हर किसान इसकी खेती करता है। सवाल यह है कि तंबाकू को लेकर जहां स्वास्थ्य विभाग पहले ही कई गंभीर परिणाम बता चुका है। ऐसे में यहां लाखों की संख्या में जुड़े लोग अपनी गृहस्थी इसी व्यापार से चला रहे हैं। चाहें किसान हो या फि र मजदूर या फि र व्यापारी वर्ग।
हर किसी का इस उद्योग से जुड़ाव है लेकिन तंबाकू से स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभाव पर कोई खास कदम उठता नहीं दिख रहा है। सरकारी अस्पताल के प्रभारी चिकित्साधीक्षक डा. राजीव शाक्य का कहना है कि तंबाकू की उड़ती भस के अलावा उसमें पड़ने वाले केमिकल व उसके सेवन से लोगों की सेहत पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है। उनका कहना है कि रोजाना इस तरह के छह से दस तक मरीज अस्पताल में इलाज के लिए आते हैं।
विज्ञापन
उनका कहना है कि नगर की आबादी के अंदर बने तंबाकू गोदामों को बाहर किया जाए इससे कुछ राहत मिलेगी। वहीं श्वांस से संबंधित रोगी मास्क लगाकर चलें। डा. शरद गंगवार का कहना है कि तंबाकू से निकोटीन निकलता है, जो दिमाग पर प्रभाव डालता है। तंबाकू के सेवन व धूल से सिर दर्द, चक्कर, ब्लड प्रेशर, फेफड़ों का खराब होना, दमा, अस्थमा, कैंसर और टीबी आदि जैसी गंभीर बीमारियां होती हैं।
उन्होंने बताया कि अगर आंकड़ों की बात करें तो स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक वर्ष 2015 में कायमगंज में टीबी के मरीजों की संख्या 323 थी। वहीं वर्ष 2016 में 1 जनवरी से 12 मार्च तक टीबी के मरीजों की संख्या 54 पहुंच गई है। उन्होंने बताया कि कैंसर की बीमारी का स्थानीय स्तर पर कोई इलाज न होने के कारण कैंसर मरीजों का कोई आंकड़ा नहीं हैं। नगर में किसी भी तंबाकू गोदाम पर कोई भी ऐसा संयंत्र नहीं लगाया गया है, जिससे आम जनमानस के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ न हो सके।
नगर से तंबाकू गोदाम हटाने के लिए भेजा जाएगा नोटिस
नगर के अंदर तंबाकू गोदाम चिह्नित कराकर उनके संचालकों को नोटिस भेजा जाएगा। नगर से बाहर गोदाम नहीं ले जाए गए तो अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा। - अजीत कुमार, उप जिलाधिकारी
विज्ञापन
टुबैको सिटी के नाम से मशहूर कायमगंज नगर में सर्वाधिक व्यापार तंबाकू का होता है। यहां तंबाकू की खेती काफी होती है। तराई इलाके में हर किसान इसकी खेती करता है। सवाल यह है कि तंबाकू को लेकर जहां स्वास्थ्य विभाग पहले ही कई गंभीर परिणाम बता चुका है। ऐसे में यहां लाखों की संख्या में जुड़े लोग अपनी गृहस्थी इसी व्यापार से चला रहे हैं। चाहें किसान हो या फि र मजदूर या फि र व्यापारी वर्ग।
विज्ञापन
हर किसी का इस उद्योग से जुड़ाव है लेकिन तंबाकू से स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभाव पर कोई खास कदम उठता नहीं दिख रहा है। सरकारी अस्पताल के प्रभारी चिकित्साधीक्षक डा. राजीव शाक्य का कहना है कि तंबाकू की उड़ती भस के अलावा उसमें पड़ने वाले केमिकल व उसके सेवन से लोगों की सेहत पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है। उनका कहना है कि रोजाना इस तरह के छह से दस तक मरीज अस्पताल में इलाज के लिए आते हैं।
विज्ञापन
उनका कहना है कि नगर की आबादी के अंदर बने तंबाकू गोदामों को बाहर किया जाए इससे कुछ राहत मिलेगी। वहीं श्वांस से संबंधित रोगी मास्क लगाकर चलें। डा. शरद गंगवार का कहना है कि तंबाकू से निकोटीन निकलता है, जो दिमाग पर प्रभाव डालता है। तंबाकू के सेवन व धूल से सिर दर्द, चक्कर, ब्लड प्रेशर, फेफड़ों का खराब होना, दमा, अस्थमा, कैंसर और टीबी आदि जैसी गंभीर बीमारियां होती हैं।
उन्होंने बताया कि अगर आंकड़ों की बात करें तो स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक वर्ष 2015 में कायमगंज में टीबी के मरीजों की संख्या 323 थी। वहीं वर्ष 2016 में 1 जनवरी से 12 मार्च तक टीबी के मरीजों की संख्या 54 पहुंच गई है। उन्होंने बताया कि कैंसर की बीमारी का स्थानीय स्तर पर कोई इलाज न होने के कारण कैंसर मरीजों का कोई आंकड़ा नहीं हैं। नगर में किसी भी तंबाकू गोदाम पर कोई भी ऐसा संयंत्र नहीं लगाया गया है, जिससे आम जनमानस के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ न हो सके।
नगर से तंबाकू गोदाम हटाने के लिए भेजा जाएगा नोटिस
नगर के अंदर तंबाकू गोदाम चिह्नित कराकर उनके संचालकों को नोटिस भेजा जाएगा। नगर से बाहर गोदाम नहीं ले जाए गए तो अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा। - अजीत कुमार, उप जिलाधिकारी