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प्रदर्शन कर मांगा वेतनमान
अमर उजाला ब्यूरो इटावा
Updated Tue, 08 Mar 2016 11:38 PM IST
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प्रदर्शन करती आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां।
- फोटो : अमर उजाला
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मानदेय नहीं, अब वेतनमान की मांग को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने मंगलवार को महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ के बैनरतले कचहरी में प्रदर्शन कर धरना दिया। संगठन की जिलाध्यक्ष अंजू यादव के नेतृत्व में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने बाद में प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम सदर महेंद्र सिंह को सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई है कि उनकी मांग अविलंब मंजूर की जाए।
जिलाध्यक्ष अंजू यादव ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को मात्र 3200 रुपया प्रतिमाह मानदेय दिया जा रहा है। इतनी कम धनराशि में गुजर बसर मुश्किल है, इससे कार्यकत्रियाें में रोष है। इसलिए अब मानदेय नहीं वेतनमान दिया जाए। ज्ञापन में मांग की गई कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को राज्य कर्मचारी का दर्जा दिया जाए।
जब तक राज्य सरकार के कर्मचारी का दर्जा नहीं दिया जाता है, तब तक 18 हजार रुपये प्रतिमाह वेतनमान दिया जाए। इसके अलावा बाल विकास विभाग से संबंधित कार्य करने की ही जिम्मेदारी दी जाए। अगर अन्य किसी भी विभाग का कार्य करने की जिम्मेदारी दी जाती है तो उसका अलग से उचित भुगतान किया जाए।
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वितरित किया जाने वाला वर्तमान पोषाहार बंद किया जाए तथा इसकी जगह कोई दूसरी सामग्री दी जाए, जिससे वास्तव में बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार हो सके। धरना प्रदर्शन में मीना, सर्वेश कुमारी, विनीता, नीलेश पाल, आशादेवी, अनुपम, आशादेवी, मीरा, सीमादेवी, सुनीता कुमारी, उर्मिला देवी, कपूरी देवी, लालीदेवी, अनीता कुमारी, प्रेमवती, रामजानकी, लज्जावती, आशादेवी, रीता, सुनीता, जसोदा व मीनादेवी आदि मौजूद रही।
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जिलाध्यक्ष अंजू यादव ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को मात्र 3200 रुपया प्रतिमाह मानदेय दिया जा रहा है। इतनी कम धनराशि में गुजर बसर मुश्किल है, इससे कार्यकत्रियाें में रोष है। इसलिए अब मानदेय नहीं वेतनमान दिया जाए। ज्ञापन में मांग की गई कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को राज्य कर्मचारी का दर्जा दिया जाए।
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जब तक राज्य सरकार के कर्मचारी का दर्जा नहीं दिया जाता है, तब तक 18 हजार रुपये प्रतिमाह वेतनमान दिया जाए। इसके अलावा बाल विकास विभाग से संबंधित कार्य करने की ही जिम्मेदारी दी जाए। अगर अन्य किसी भी विभाग का कार्य करने की जिम्मेदारी दी जाती है तो उसका अलग से उचित भुगतान किया जाए।
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वितरित किया जाने वाला वर्तमान पोषाहार बंद किया जाए तथा इसकी जगह कोई दूसरी सामग्री दी जाए, जिससे वास्तव में बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार हो सके। धरना प्रदर्शन में मीना, सर्वेश कुमारी, विनीता, नीलेश पाल, आशादेवी, अनुपम, आशादेवी, मीरा, सीमादेवी, सुनीता कुमारी, उर्मिला देवी, कपूरी देवी, लालीदेवी, अनीता कुमारी, प्रेमवती, रामजानकी, लज्जावती, आशादेवी, रीता, सुनीता, जसोदा व मीनादेवी आदि मौजूद रही।