{"_id":"56e5a1964f1c1b13428b4595","slug":"whatsapp-village-police-join-elite","type":"story","status":"publish","title_hn":"पुलिस के व्हाट्सएप से जुड़ेंगे गांव के 'संभ्रांत' ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पुलिस के व्हाट्सएप से जुड़ेंगे गांव के 'संभ्रांत'
ब्यूरो अमर उजाला/ देवरिया
Updated Sun, 13 Mar 2016 10:55 PM IST
विज्ञापन
पुलिस के व्हाट्सएप से जुड़ेंगे गांव के 'संभ्रांत' ।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
देवरिया में सूचना तंत्र को मजबूत करने के लिए महकमे में नई शुरूआत की गई है। अब थाने के सरकारी सीयूजी नंबर से इलाके के संभ्रांत लोगों को व्हाट्सएप के माध्यम सेे जोड़ा जाएगा। ताकि गांव से सीधी सूचना पुलिस को आसानी से मिल सके। त्योहार को देखते हुए एसपी की नई पहल कारगर साबित हो सकती है।
जनता और पुुलिस के बीच बढ़ती दूरियों को कम करने, आपसी संवाद और गांव की सूचना सीधे थाने तक पहुंचने के लिए सरकारी सीयूजी नंबर पर पुलिस-पब्लिक ग्रुप बनाया जाएगा। एसपी प्रभाकर चौधरी ने थानाध्यक्षों को आदेश दिया है। पुलिस पब्लिक वाले इस व्हाट्सएप ग्रुप में प्रधान,पूर्व प्रधान,शिक्षक,सरकार कर्मचारी सहित अन्य संभ्रांत लोगों को जोड़ा जाएगा। जो पुलिस के लिए लंबे समय से मददगार रहे हो।
थानाक्षेत्र के संवेदनशील गांव के हिसाब से एक दो लोगों को ग्रुप में जगह दी जाएगी। बड़ी घटनाआें के अलावा मारपीट, संवेदनशील स्थल पर निर्माण सहित अन्य मामलों की सीधी तस्वीर या अन्य जानकारी संभ्रांत सरकारी नंबर के व्हाट्सएस पर दे सकते हैं। गांव की हर गतिविधि पुलिस के पास पहुंचती रहेगी। चौकीदार की सूचना को इससे अलग रखा जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
जनता और पुुलिस के बीच बढ़ती दूरियों को कम करने, आपसी संवाद और गांव की सूचना सीधे थाने तक पहुंचने के लिए सरकारी सीयूजी नंबर पर पुलिस-पब्लिक ग्रुप बनाया जाएगा। एसपी प्रभाकर चौधरी ने थानाध्यक्षों को आदेश दिया है। पुलिस पब्लिक वाले इस व्हाट्सएप ग्रुप में प्रधान,पूर्व प्रधान,शिक्षक,सरकार कर्मचारी सहित अन्य संभ्रांत लोगों को जोड़ा जाएगा। जो पुलिस के लिए लंबे समय से मददगार रहे हो।
विज्ञापन
थानाक्षेत्र के संवेदनशील गांव के हिसाब से एक दो लोगों को ग्रुप में जगह दी जाएगी। बड़ी घटनाआें के अलावा मारपीट, संवेदनशील स्थल पर निर्माण सहित अन्य मामलों की सीधी तस्वीर या अन्य जानकारी संभ्रांत सरकारी नंबर के व्हाट्सएस पर दे सकते हैं। गांव की हर गतिविधि पुलिस के पास पहुंचती रहेगी। चौकीदार की सूचना को इससे अलग रखा जाएगा।
विज्ञापन