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तहसील कर्मियों की लापरवाही से मां-बेटा बने 475 बीघे का मालिक

Amarujala Local Bureau अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Mon, 27 Dec 2021 06:10 PM IST
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तहसील कर्मियों की लापरवाही से मां-बेटा बने 475 बीघे का मालिक
गलत वरासत किया हुआ खतौनी - फोटो : Amar Ujala
संवाद न्यूज एजेंसी
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बलिया। जिले में सदर तहसील कर्मियों की कृपा से एक ही परिवार 118.9670 हेक्टेयर यानि करीब 475 बीघे का मालिक बन गया है। हालांकि मालिकाना हक में जमीन के बदले उन्हें बालू ही दिया गया है। शायद यह परिवार यूपी का सबसे अधिक जमीन वाला होगा। यह खेल सदर तहसील के गड़हा परगना अन्तर्गत राजस्व गांव गोविंदपुर गंगबरार में सामने आया है। इसकी बकायदे खतौनी पर प्रविष्टि भी है। हालांकि इसकी जानकारी मांगे जाने के बाद तहसील में खलबली मची है और सुधारने की कवायद में अधिकारी जुट गए हैं। राजस्व विभाग किस कदर लापरवाही से काम कर रहा है इसका अंदाजा सदर तहसील के कम्प्यूटरीकृत खतौनी में देखने को मिल रहा है। बताया जाता है भरौली गांव के किसानों की जमीन पास ही गोविंदपुर खास व गोविंदपुर गंगबरार मौजे में है। यह दोनों ही मौजे वर्तमान में गोविंदपुर ग्राम पंचायत अन्तर्गत हैं। गंगा के तटवर्ती गांवों के मौजों के अलावा एक मौजा प्रत्येक मौजे में गंगबरार नाम से भी एक मौजा बना हुआ है। इस मौजे में किसानों के गंगा किनारे स्थित गंगबरार की जमीने शामिल की गई हैं जो एक फसली हुआ करती हैं। दो दिनों पहले भरौली गांव निवासी कुछ किसान अपनी जमीनों की ऑनलाइन खतौनी प्रदेश की भूलेख पोर्टल से निकलवा रहे थे। इसी दौरान किसानों की नजर गोंविदपुर गंगबरार मौजे के खाता 00100 पर गई जहां कुल रकबा 118.9670 अंकित था। जमीन की श्रेणी वाले कॉलम में बाालू अंकित किया है गया है जो श्रेणी 6-4 की है। अधिकारियों के अनुसार इस श्रेणी में विभिन्न कारणों से अकृषित घोषित जमीनें होती हैं। गंगा किनारे एक बड़े भूभाग में बालू होता है जो संबंधित अकृषित श्रेणी में है लेकिन इन जमीनों का न तो पट्टा किया जा सकता है और न ही खरीद-ब्रिकी। लेकिन गोविंदपुर गंगबरार मौजा के श्रेणी बालू के खाता संख्या 00100 पर अनिल पुत्र रामाश्रय व शकुंतला पत्नी रामाश्रय निवासी भरौली का बतौर वरासत दर्ज किया गया है। वरासत का आदेश 20 दिसंबर 2016 का है। 
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----------------- गंगा किनारे बालू वाली जमीनें श्रेणी 6 की होती हैं। ऐसी जमीनों पर किसी कास्तकार का नाम अंकित नहीं हो सकता है। किसी त्रुटिवश नाम अंकित हुआ होगा। इसे जल्द सुधारने का निर्देश तहसीलदार को दिया जा रहा है।
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- सर्वेश कुमार यादव, प्रभारी एसडीएम, सदर, बलिया। ------------------ गोविंदपुर गंगबरार मौजे में श्रेणी 6 की जमीन पर वरासत अंकित होने का मामला संज्ञान में आया है। इसे सुधारने को लेकर कार्रवाई की जा रही है, जल्द सुधार हो जाएगा।
- सदानंद सरोज, तहसीलदार, सदर, बलिया।
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