{"_id":"61f67c737a08f66d8a27d473","slug":"allahabad1643543667","type":"story","status":"publish","title_hn":"दस में से छह चुनाव में माफिया अतीक और अशरफ का रहा है पश्चिम में कब्जा","category":{"title":"Local","title_hn":"लोकल","slug":"local"}}
दस में से छह चुनाव में माफिया अतीक और अशरफ का रहा है पश्चिम में कब्जा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
0 कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह के ताऊ चौधरी नौनिहाल सिंह दो बार बन चुके हैं पश्चिम से विधायक
विज्ञापन
0 सर्वाधिक 85 हजार मत पाने का रिकार्ड है सिद्धार्थ नाथ सिंह के नाम, पूजा पाल के नाम है दो जीत
राहुल शर्मा
प्रयागराज। इलाहाबाद पश्चिम विधानसभा सीट में वर्ष 1989 से 2017 के दौरान हुए कुल दस विधानसभा चुनाव में छह बार माफिया अतीक और उसके भाई अशरफ का कब्जा रहा है। इस सीट से अतीक अहमद लगातार पांच बार विधायक बने, जबकि वर्ष 2005 के उपचुनाव में सपा के टिकट पर अतीक का छोटा भाई खालिद अजीम अशरफ इस सीट से निर्वाचित हुआ। वहीं पश्चिम विधानसभा सीट में 1967 से 2017 तक के बीच हुए कुल 16 विधानसभा चुनाव में सर्वाधिक मत पाने का रिकार्ड कैबिनेट मंत्री एवं भाजपा नेता सिद्धार्थ नाथ सिंह के नाम है। वह इस सीट से पहले ऐसे प्रत्याशी हैं जिनके खाते में 85 हजार से ज्यादा वोट हैं।
इलाहाबाद पश्चिम विधानसभा सीट से कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह के ताऊजी चौधरी नौनिहाल सिंह भी कांग्रेस और कांग्रेस (आई) के टिकट पर क्रमश: वर्ष 1967 और 1980 में यहां से चुनाव जीत चुके हैं। उस चुनाव में पहली बार भाजपा ने भी शिरकत की थी, हालांकि तब भाजपा प्रत्याशी बृजेश कुमार महज 12 फीसदी मत पाकर चौथे स्थान पर रहे। पश्चिम विधानसभा में पहला चुनाव 1967 में हुआ था, तब इस सीट से चौधरी नौनिहाल सिंह निर्वाचित हुए थे। उधर अतीक अहमद की बात करें तो निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में उन्होंने पहला चुनाव 1989 में जीता। इसके बाद 1991 और 1993 के चुनाव में भी निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में जीत हासिल की। 1996 के चुनाव में अतीक अहमद ने समाजवादी पार्टी और 2002 के चुनाव में अपना दल के टिकट पर जीत हासिल की। अतीक को इस सीट से पहली बार शिकस्त बसपा प्रत्याशी पूजा पाल ने 2012 में दी। उसके पूर्व 2007 में अतीक के भाई अशरफ को भी पूजा ने हराया था।
राजू पाल ने दी थी अशरफ को शिकस्त
0 शहर पश्चिम विधानसभा में वर्ष 2004 में हुए उपचुनाव में बसपा के टिकट पर राजू पाल ने सपा के अशरफ को शिकस्त दी थी। उस चुनाव में वर्तमान डिप्टी सीएम केशव प्रसाद भी चुनाव लड़े थे। 2005 में ही राजू पाल की हत्या हो गई। उसके बाद 2005 के उपचुनाव में अशरफ सपा के टिकट पर इस सीट से निर्वाचित हुए, लेकिन 2007 के चुनाव में पूजा पाल ने बसपा के टिकट पर अशरफ को हरा दिया था। उस चुनाव में भाजपा के टिकट पर केशव प्रसाद मौर्य तीसरे स्थान पर रहे।
विज्ञापन
जनसंघ ने भी चखा है इस सीट से जीत का स्वाद
0 पश्चिम विधानसभा सीट से भाजपा ने भले ही पहली बार 2017 के चुनाव में जीत हासिल की हो लेकिन इस सीट से 1974 में भारतीय जनसंघ भी जीत का स्वाद चख चुकी है। तब जनसंघ प्रत्याशी तीरथ राम कोहली ने भारतीय क्रांति दल के प्रत्याशी हबीब अहमद को महज 176 वोट से हराकर जीत हासिल की थी।
----------------------------------
1967 से अब तक चुने गए विधायक
2017 सिद्धार्थ नाथ सिंह भाजपा
2012 पूजा पाल बसपा
2007 पूजा पाल बसपा
2005 खालिद अजीम अशरफ सपा
2004 राजू पाल बसपा
2002 अतीक अहमद अपना दल
1996 अतीक अहमद सपा
1993 अतीक अहमद निर्दलीय
1991 अतीक अहमद निर्दलीय
1989 अतीक अहमद निर्दलीय
1985 गोपाल दास यादव लोकदल
1980 चौधरी नौनिहाल सिंह कांग्रेस (आई)
1977 हबीब अहमद जनता पार्टी
1974 तीरथ राम कोहली भारतीय जनसंघ
1969 हबीब अहमद निर्दलीय
1967 चौधरी नौनिहाल सिंह कांग्रेस
विज्ञापन
विज्ञापन