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कृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति के लिए अखाड़ा परिषद ने किया आंदोलन का एलान
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कृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति के लिए अखाड़ा परिषद ने आंदोलन का किया एलान
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क्रासर
कृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति के लिए 15 अक्तूबर को वृंदावन की बैठक में तय होगी रणनीति
काशी विश्वनाथ को भी मुक्त कराने को होगी चर्चा, कृष्ण जन्मभूमि पर दाखिल याचिका में
पक्षकार बनने की भी तैयारी
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने कृष्ण जन्मभूमि मथुरा की मुक्ति के लिए आंदोलन
चलाने का एलान किया है। विहिप व अन्य हिंदू संगठनों के साथ मिलकर कृष्ण जन्मभूमि के लिए
शांतिपूर्ण ढंग से जन जागरण शुरू किया जाएगा। कृष्ण जन्मभूमि के मुद्दे पर अखाड़ा परिषद की
15 अक्तूबर को वृंदावन में होने वाली बैठक में मथुरा के साथ काशी को भी मुक्त कराने की
रणनीति तय की जाएगी। सोमवार को यह जानकारी अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र
गिरि महाराज ने दी।
अखाड़ा परिषद की 15 अक्तूबर होने वाली बैठक कृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति के लिए शुरू होने वाले
अभियान की दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इसमें सभी 13 अखाड़ों के प्रतिनिधि
शामिल होंगे। इस बैठक में कृष्ण जन्मभूमि के मुद्दे पर आंदोलन की रूपरेखा तय करने के साथ ही
श्रीकृष्ण जन्म स्थान मामले में दायर याचिका में पक्षकार बनने पर भी विचार किया जाएगा।
इसके अलावा काशी में ज्ञानवापी मुक्ति को लेकर भी प्रस्ताव पर चर्चा होगी। अखाड़ा
परिषद के अध्यक्ष ने बताया कि वृंदावन में कृष्ण जन्मभूमि के मुकदमे के याचिकाकर्ताओं से भी
मुलाकात की जाएगी। परिषद को इस याचिका में पक्षकार के तौर पर शामिल करने पर सहमति
बन जाएगी तो ठीक, वरना अलग से कोर्ट में याचिका दाखिल की जाएगी। वृंदावन में अखाड़ा
परिषद के पदाधिकारी कृष्ण जन्मभूमि का निरीक्षण भी करेंगे। दर्शन-पूजन कर स्थिति का
वास्तविक आकलन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि अखाड़ा परिषद कृष्ण जन्मभूमि और काशी
विश्वनाथ मंदिर को मुक्त कराने के लिए व्यापक जन जागरूकता अभियान चलाएगा। वृंदावन की
बैठक में इसके अलावा हरिद्वार कुंभ पर भी विस्तार से विचार -विमर्श किया जाएगा।
कोरोना काल में अगर वैक्सीन नहीं बन पाई तो ऐसे में हरिद्वार कुंभ का क्या स्वरूप होगा और
किस रूप में इसे कराया जाए, इस पर साधु-संत मंथन करेंगे। उल्लेखनीय है कि इससे पहले
प्रयागराज में हुई अखाड़ा परिषद की बैठक में मथुरा-काशी की मुक्ति का प्रस्ताव लाया गया था।