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पोस्टर मामले में एएमयू ने आंतरिक जांच समिति गठित की आरोपी की तलाश के लिए जगह-जगह लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही

Amarujala Local Bureau अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Wed, 25 Aug 2021 08:36 PM IST
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अलीगढ़। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के कुलपति द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के निधन पर शोक संवेदना व्यक्त किए जाने के संबंध में विश्वविद्यालय परिसर में कुलपति के खिलाफ पोस्टर चिपकाए जाने के मामले में विश्वविद्यालय ने आंतरिक जांच समिति गठित कर दी है।
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साथ ही विश्वविद्यालय परिसर में जगह-जगह पर लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज को खंगाला जा रहा है। विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि इस समय कैंपस में छात्र नहीं हैं। कक्षाएं ऑनलाइन चल रही हैं।
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पूरी संभावना है कि कुछ बाहरी और असामाजिक तत्वों ने इस तरह की घटना को अंजाम दिया है। विश्वविद्यालय की आंतरिक खुफिया इकाई भी अपने स्तर से मामले की जानकारी जुटाने में लग गई है।
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एएमयू के जनसंपर्क विभाग के एमआईसी प्रोफेसर शाफे किदवई कहते हैं कि इस मामले में विश्वविद्यालय द्वारा आंतरिक जांच कमेटी गठित की गई है। वह जल्द से जल्द इस मामले की जांच रिपोर्ट विश्वविद्यालय प्रशासन को सौंप देगी।
एएमयू के प्रॉक्टर प्रोफेसर वसीम अली ने बताया कि इस संबंध में जांच चल रही है। गोपनीय कारणों से जांच की प्रक्रिया को अभी सार्वजनिक नहीं किया जा सकता है।
कुलपति को मुसलमानों के जज्बात का ध्यान रखना चाहिए था : हमजा अलीगढ़। कुलपति द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री के निधन पर शोक संवेदना व्यक्त किए जाने पर एएमयू छात्र संघ के पूर्व उपाध्यक्ष हमजा सुफियान ने भी आपत्ति दर्ज की है। उन्होंने कहा है कि कुलपति सियासी मंसूबे रखते हैं। इसके लिए बेहतर यही होगा कि वह शिक्षा संस्थान को सियासत का केंद्र न बनाएं और अपने अनुसार कोई बेहतर सी राजनीतिक पार्टी ज्वाइन कर लें। वर्तमान में आजाद समाज पार्टी के नेता हमजा सुफियान ने कहा है कि हिंदुस्तान के मुसलमानों को बाबरी मस्जिद से लगाव था और स्वर्गीय कल्याण सिंह की उस मस्जिद को तोड़ने में अहम भूमिका रही थी। इसलिए कुलपति को मुसलमानों के जज्बात का ख्याल रखना चाहिए था।
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